जानें कैसे वायनाड में राहुल गांधी का खेल बिगाड़ सकते हैं ये तीन ‘गांधी’?

वायनाड में राहुल के खिलाफ उतरने वाले दोनों उम्मीदवारों का परिवार कांग्रेस समर्थक रहा है.

नई दिल्ली: विलियम शेक्सपीयर की एक मशहूर कहावत थी ‘what’s in a name’  यानि नाम में क्या रखा है लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए नाम में बहुत कुछ रखा है. आइए जानते हैं कैसे?

2019 लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के अमेठी के साथ केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. हालांकि राहुल गांधी को चुनौती देने के लिए उनके नाम से मिलते-जुलते 3 और प्रत्याशी मैदान में हैं. इन प्रत्याशियों में केरल के कोट्टायम के राहुल गांधी केई, तमिलनाडु से राघुल गांधी के. और थ्रिसुर से केएम शिवप्रसाद गांधी.

हो सकता है कनफ्यूजन

प्रत्याशियों के नाम एक जैसे होने की वजह से चुनाव में वोटर्स को कनफ्यूजन हो सकता है जिसकी वजह से वोटों की अदला-बदली हो सकती है. ऐसे में अगर राहुल गांधी के वोट गलती से किसी और गांधी को शिफ्ट हुए तो उनके लिए नुकसान हो सकता है. खास बात तो यह है कि तीनों उम्मीदवारों के परिवार कांग्रेस के बड़े समर्थक हैं लेकिन फिर भी इन तीनों ने राहुल गांधी के खिलाफ ताल ठोंकने का दावा किया है.

राहुल गांधी केई. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. उनके पिता कांग्रेस पार्टी के बड़े समर्थक थे इसीलिए उन्होंने अपने बेटों के नाम राहुल और राजीव रखे. दूसरे नेता राघुल गांधी के. तमिलनाडु से अगिला इंडिया मक्कल कझगम पार्टी की तरफ से उम्मीदवार हैं. उनके पिता स्थानीय कांग्रेस नेता थे इसलिए उन्होंने बेटे का नाम राघुल गांधी और बेटी का नाम इंदिरा प्रियदर्शनी रखा.संस्कृत के अध्यापक के.एम. शिवप्रसाद गांधी के मुताबिक उनके पिता केके मुकुंदन कांग्रेस कार्यकर्ता थे.