राहुल गांधी के अमेठी में स्कूल,सड़कें और अस्पताल, हैं सब यहां बेहाल, देखें VIDEO

अमेठी में धाकड़ लड़कियों ने जमीनी हकीकत से वाकिफ कराया. अमेठी के बारे में जैसा सुना था तस्वीरें उससे बिल्कुल जुदा थी.

नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनाव के दो चरणों के मतदान हो चुके हैं. तीसरे चरण के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाने वाले हैं. टीवी9 भारतवर्ष की धाकड़ लड़कियां के रडार पर इस बार आया अमेठी. वही अमेठी जिसे गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है.

बीते चार दशकों में महज एक बार कांग्रेस ने इस सीट को सिर्फ एक साल के लिए खोया था और बीते तीन चुनाव से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यहां के सांसद हैं. इस बार भी राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ रहे हैं और उनकी लड़ाई है बीजेपी की स्मृति ईरानी से.

जैसा सुना था वैसा दिखा नहीं
धाकड़ लड़कियां जब अमेठी के विकास की जमीनी हकीकत देखने पहुंचीं तो वहां के दृश्य कुछ अलग ही दिखाई दिए. धाकड़ लड़कियों का सबसे पहला पड़ाव रहा अमेठी के महुआ ताली गांव. इस गांव में बने एक स्कूल की हालत देखकर विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है. स्कूल में न तो पर्याप्त अध्यापक हैं और ना ही स्कूल का भवन इस लायक है कि उसमें पढ़ाई की जा सके. स्कूल में न तो पंखा है और ना ही पानी पीने की समुचित व्यवस्था.

सड़कों में गड्ढे या गड्ढों में सड़क
अमेठी की रास्ताएं भी ऐसी है जिसमें चलना मुश्किल होता है. वीडियो में देख सकते हैं कि सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देते नजर आ रहे हैं. रास्ते ने निकलते राहगीरों से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों से यहां सड़क नहीं बनवाई गई. बारिश के मौसम में सड़कें लबालब भर जाती हैं और आवागमन बाधित हो जाता है. लोगों ने बताया कि यहां जाम के चलते भी लोगों को परेशानी होती है.

इस अस्पताल में तो सही इंसान भी बीमार हो जाए
स्कूल और रास्ताओं के बाद धाकड़ लड़कियां पहुंची अमेठी के राजकीय अस्पताल के हाल जानने. राजकीय अस्पताल के दरवाजे में ही लिखा था कि इस अस्पताल की क्षमता 25 बेडों की है लेकिन जब अंदर जाकर देखा गया तो वहां ऐसी कोई भी सुविधा नजर नहीं आई. अस्पताल के नाम पर महज एक टूटी इमारत और उसमें बैठे चिकित्साधिकारी. मतलब यहां साफ है कि अमेठी के विकास को हमेशा से ही नजरअंदाज किया गया है.