अमेठी की सूरत-ए-हाल बयां करता ये किसान, इस बार राहुल की राह नहीं आसान, देखिए VIDEO

साल 1984 में कौहर औद्योगिक इलाके में सम्राट बाइसिकल्स की मैन्युफैक्चरिंग ईकाई स्थापित करने के लिए 65.57 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था.


अमेठी: ‘हमले जमीन ली गई और बोला गया कि यहां पर फैक्ट्री लगेगी और आप लोगों को रोजगार भी मिलेगा. यहां पर साइकिल का फैक्ट्री भी लगा और लोगों को रोजगार भी मिला. उस वक्त तकरीबन 75 लैंड लूजरों को नौकरी भी मिली. तीन साल तक फैक्ट्री चली भी फिर बंद हो गई. हम उनके पास गए और कहा कि राहुल भैया न्याय करो, राहुल भैया न्याय करो. यहां का कारखाना चालू करवाओ नहीं तो हमारी जमीन वापिस करो. ‘ ये कहना है अमेठी के उस किसान की जिसकी जमीन अधिग्रहित की गई. जमीन अधिग्रहित होने के बाद कारखाना लगा भी चला भी लेकिन कुछ दिनों बाद ही ये बंद हो गया. लेकिन यहां के किसानों को आज तक न्याय नहीं मिल पाया.

धाकड़ लड़कियों ने जब गांव के और लोगों से यहां के विकास के बारे में बात की तो पता चला कि विकास तो गायब हो चुका है. गांव के एक शख्स ने कहा कि वो इस बार स्मृति ईरानी को वोट देंगे. कांग्रेस ने उनको जमीन पर लाकर खड़ा कर दिया है. अमेठी में चुनाव किस करवट बैठेगा ये तो यहां की आवाम ही तय करेगी. लेकिन एक बात तो तय है कि जिस पार्टी ने देश में 60 साल सरकार चलाई हो और उस पार्टी का अध्यक्ष वहां से सांसद चुनकर आया हो फिर भी अमेठी विकास का रोना रोए तो जरुर सवाल खड़े होते हैं.

साल 1984 में कौहर औद्योगिक इलाके में सम्राट बाइसिकल्स की मैन्युफैक्चरिंग ईकाई स्थापित करने के लिए 65.57 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था. सम्राट बाइसिकल्स का मालिकाना हक संजय जैन के पास है. इस सिलिसिले में मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक, यूपीएसआईडीसी ने 8 अगस्त 1986 को 65.57 एकड़ जमीन का रजिस्ट्रेशन किया था. जोर पकड़ रही है किसानों को जमीन लौटाने की मांग.

दो साल बाद ही इस फैक्ट्री मैन्युफैक्चरिंग का काम बंद कर दिया गया था और तकरीबन तीन दशक बाद 24 फरवरी 2014 को 20.10 करोड़ रुपए में जमीन की नीलामी की गई. नीलामी के बाद जमीन राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दी गई, जिसने स्टांप ड्यूटी के रूप में 50,000 रुपए का भुगतान किया. इसके कुछ समय बाद एक विचित्र घटनाक्रम के तहत यूपीएसआईडीसी ने इस नीलामी को अवैध करार दिया और मामला गौरीगंज सब-डिविजन के मैजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंच गया. अदालत ने सम्राट बाइसिकल्स को यूपीएसआईडीसी को जमीन लौटाने का आदेश दिया.