प्रज्ञा ठाकुर का ट्विटर वेरिफाइड हुआ, एक कमी रह गई!

प्रज्ञा ठाकुर को टिकट की उतनी खुशी नहीं रही होगी जितनी ट्विटर की है. लेकिन उनके समर्थकों को एक चीज की कमी खलेगी.

भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर हैं. कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ इन्हें उतारा गया है. प्रज्ञा ठाकुर को टिकट मिलने के बाद बीजेपी की बहुत आलोचना हुई. प्रज्ञा ठाकुर पर मालेगांव धमाका मामलें में 9 साल जेल में रह चुकी हैं. फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. बयानों और बैन की वजह से चर्चा में रहती हैं. फिलहाल अपडेट ये है कि उनका ट्विटर हैंडल वेरिफाइड हो गया है. खबर लिखे जाने तक 13 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स भी हो चुके हैं.

इस पूरे घटनाक्रम में एक कमी रह गई. प्रज्ञा ठाकुर ने अपने हैंडल पर नाम के आगे चौकीदार नहीं लगाया. कवर फोटो में जिन तीन लोगों की फोटो उन्होंने लगा रखी है उन तीनों के नाम में चौकीदार है. उन्होंने साध्वी लगा लिया है लेकिन बीजेपी में चौकीदार लगाना अनिवार्य शर्त सी है. नेताओं से लेकर समर्थक तक सब चौकीदार हुए पड़े हैं.

भोपाल में 12 मई को वोटिंग है लेकिन प्रज्ञा ठाकुर के लिए अभी तक न तो मोदी ने प्रचार किया न अमित शाह ने. ऐसा लगता है कि प्रत्याशी तो बना दिया लेकिन एक दूरी भी बनाकर रखी गई है. ये भुलाया नहीं जा रहा कि वो अभी तक आतंकवाद के दोष से बरी नहीं हुई हैं. शायद इसी वजह से उन्हें निर्देश दिए गए हों कि चौकीदार नहीं लिखना है. एक टेरर अक्यूज्ड के चौकीदार लिखते ही सबकी चौकीदारी पर उंगली उठने का खतरा है.

अपने ट्विटर हैंडल के लास्ट में प्रज्ञा ने MP लिख रखा है. ये शायद कनफ्यूज करने के लिए है. लोग समझ लें कि प्रज्ञा ठाकुर एमपी हैं. मध्य प्रदेश वाला एमपी लिखने का कोई मतलब नहीं क्योंकि प्रज्ञा अब राष्ट्रीय नेता हैं. राष्ट्रीय टाइप के लोगों को स्टेट्स के नाम न दिखाई देते हैं न सुनाई देते हैं.

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