लोकसभा चुनाव तक RLSP के अध्यक्ष बने रहेंगे उपेंद्र कुशवाहा, पार्टी के चिन्ह पर उतार सकेंगे उम्मीदवार

RLSP से अलग होने वाले ललन पासवान के बागी गुट को भी आयोग ने अंतरिम मान्यता दे दी है.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के ठीक पहले चुनाव आयोग की तरफ से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को राहत भरी खबर मिली है. आयोग ने एक याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए निर्देश दिया है कि कुशवाहा आगामी लोकसभा चुनाव तक पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे और वह पार्टी के चुनाव चिन्ह सीलिंग फैन पर उम्मीदवार भी उतार सकते हैं.

इसी के साथ RLSP से अलग होने वाले ललन पासवान के बागी गुट को भी आयोग ने अंतरिम मान्यता दे दी है. चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को मान्यता देते हुए कहा कि RLSP बिहार में राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दल है और यह अपने चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ सकता है.

इसी फैसले में चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव तक उपेंद्र कुशवाहा को ही पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष माना है. वहीं इस पार्टी से टूट कर बागी होने वाले ललन पासवान के गुट को भी आयोग ने अंतरिम मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय दल मानते हुए सुरक्षित चुनाव चिन्हों में से उसकी मर्जी का चुनाव चिन्ह चुनने की इजाजत दी है. जिस पर बागी गुट अपने उम्मीदवार उतार सकेगा.

मालूम हो कि RLSP को साल 2014 में राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दल का दर्जा मिला था. एनडीए के घटक दल RLSP ने पिछले दिनों फरवरी महीने में एनडीए से अलग होने का निर्णय ले लिया था. जिसके बाद पार्टी दो धड़ों में बट गई.

RLSP के बागी नेता ललन पासवान और उनके गुट ने खुद को चुनाव चिन्ह और पार्टी का असल हकदार बताते हुए चुनाव आयोग के समक्ष याचिका दाखिल की. ललन पासवान का कहना था कि कुशवाहा ने बिना किसी सुझाव के खुद से ही एनडीए से अलग होने का फैसला कर लिया था.

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