अराकू लोकसभा सीट पर पिता-बेटी आमने सामने, कौन मारेगा बाजी?

श्रुति पेश से वकील हैं और अपने पिता वीकेसीएस देव के पिछले चुनावी अभियान में उनका साथ देती आई हैं, लेकिन इस बार वे अपने पिता के खिलाफ खड़ी हैं.

हैदराबाद: अराकू लोकसभा संसदीय क्षेत्र से चुनावी मैदान में इस बार पिता और बेटी आमने-समाने हैं. हम बात कर रहे हैं 6 बार सांसद रह चुके  विरीचेरला किशोर चंद्र सूर्यनारायण (वीकेसीएस) देव और उनकी बेटी वी. श्रुति देवी की. एक तरफ तो वीकेसीएस देव तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर श्रुति कांग्रेस के टिकट पर अपने पिता को चुनावी टक्कर देने की पूरी तैयारी में हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री वीकेसीएस देव ने इस मामले पर टेलिग्राफ से बात करते हुए कहा, “श्रुति 46 साल की हैं और एक स्वतंत्र वयस्क हैं जो कि चुनाव में खड़े होने के अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग करने के लिए पूर्व रूप से स्वतंत्र हैं. उनकी उम्मीदवारी उनके और उनकी पार्टी के लिए मायने रखती है. हम एक दूसरे से बात करते हैं. एक घर में रहते हैं और हम राजनीतिक मामलों पर चर्चा नहीं करते.”

वहीं जब श्रुति से पूछा गया कि अगर चुनावी प्रतिद्वंद्विता से उनके और उनके पिता के बीच कड़वाहट पैदा हुई तो इस पर आप क्या कहेंगी. इसका जवाब देते हुए श्रुति ने कहा, “यह तीन-चार साल से हो रहा है, लेकिन यह केवल राजनीतिक संचार के संदर्भ में होता है.”

बता दें कि वीकेसीएस देव और वी. श्रुति देव कुरुपम गांव के जनजातीय राजसी घराने से ताल्लुक रखते हैं. कुरुपम गांव विजियानगरम जिले में स्थित है. अराकू लोकसभा सीट जनजाति के लिए आरक्षित है और यहां से वीकेसीएस देव को जनता का काफी अच्छा समर्थन प्राप्त है. देव पहले कांग्रेस पार्टी में ही थे, लेकिन कुछ कलहों के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ दी और टीडीपी में शामिल हो गए. 2014 के लोकसभा चुनाव में देव अराकू से जीत नहीं पाए थे.

वहीं श्रुति पेश से वकील हैं और अपने पिता वीकेसीएस देव के पिछले चुनावी अभियान में उनका साथ देती आई हैं, लेकिन इस बार वे अपने पिता के खिलाफ खड़ी हैं. उनका कहना है कि उनके सामने भले ही कोई क्यों न खड़ा हो, लेकिन जीत उनकी ही होगी. फिलहाल आगामी लोकसभा चुनाव में पिता-बेटी के बीच की यह चुनावी लड़ाई काफी दिलचस्प होने वाली है.