काउंटिंग से पहले VVPAT सत्‍यापन की मांग EC ने ठुकराई, AAP नेता बोले- गृहयुद्ध हो सकता है

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे 'सतर्क और चौकन्ने रहें.'
काउंटिंग, काउंटिंग से पहले VVPAT सत्‍यापन की मांग EC ने ठुकराई, AAP नेता बोले- गृहयुद्ध हो सकता है

नई दिल्‍ली: विपक्षी दलों की मतगणना से पहले VVPAT पर्चियों के सत्‍यापन की मांग को चुनाव आयोग ने ठुकरा दिया है. बुधवार को इसपर चर्चा के लिए आयोग की एक बैठक हुई थी. EVM से जुड़े आरोपों को आयोग ने मंगलवार को सिरे से खारिज कर दिया था.

EC के फैसले के फौरन बाद, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्‍ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया, “चुनाव आयोग का फैसला तबाही लाएगा. यह बड़े पैमाने पर दंगे करवा सकता है. गृहयुद्ध की ओर ले जा सकता है. अगर आप पहले राजनैतिक दलों को विजेता और हारने वालों के बारे में बता देंगे तो क्‍या जीतने वाला VVPAT में विसंगति आने पर चुनाव खारिज होने देगा?

बाकी पार्टियों ने क्‍या कहा?

कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे ‘सतर्क और चौकन्ने रहें.’ उन्‍होंने एक ट्वीट में कहा, “कांग्रेस पार्टी के प्रिय कार्यकर्ताओं, अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं. सतर्क और चौकन्ना रहें. डरे नहीं. आप सत्य के लिए लड़ रहे हैं. फर्जी एग्जिट पोल के दुष्प्रचार से निराश न हो. खुद पर और कांग्रेस पार्टी पर विश्वास रखें, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी. जय हिन्द.”

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मोतीलाल वोरा ने फैसले पर कहा कि ” हम को भरोसा था कि EC में हमारे साथ न्याय होगा लेकिन अब EC ने मांग को ठुकरा दिया है. EC का ये फैसला सही नही है. राहुल जी ने सही कहा कि अगले 24 घंटे हमको और हमारे कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना होगा. हम ने अपनी प्रदेश कमेटियों को लिखा है.”

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में कहा कि “विपक्ष भी जानता है कि मांग गलत है. ये भारत के मतदाताओं और कर्मचारियों का अपमान है. चुनाव आयोग को सामने आने की जरूरत नहीं है. ये हार का ठीकरा फोडने की कोशिश है.”

विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से आग्रह किया था कि पांच रैंडम पोलिंग बूथों में VVPAT पर्चियों का सत्यापन मतगणना शुरू होने से पहले किया जाना चाहिए ना कि अंतिम चरण की समाप्ति के बाद. प्रतिनिधिमंडल ने इसके अलावा यह भी मांग की थी कि VVPAT सत्यापन में कहीं भी विसंगति पाई जाती है तो उस विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट पर्चियों का 100 प्रतिशत सत्यापन होना चाहिए.

इन दलों के नेता गए थे चुनाव आयोग के पास

प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल, द्रमुक की कनिमोझी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, समाजवादी पार्टी (सपा) के रामगोपाल यादव, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सतीश चंद्र मिश्र, राजद के मनोज झा, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा और आम आदमी पार्टी (आप) के अरविंद केजरीवाल शामिल थे.

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