कन्हैया कुमार के लिए प्रचार करने गए प्रकाश राज बीजेपी उम्मीदवार के लिए भी करेंगे कैंपेन अगर…

बीजेपी का असली चेहरा दिखाई दे रहा है. वो व्याकुल है जीतने के लिए, कुछ भी क्यों न करना पड़े, कैसे भी ध्रुवीकरण कर जीतना है वो देश या क़ानून के बारे में नहीं सोचते.
Prakash Raj, कन्हैया कुमार के लिए प्रचार करने गए प्रकाश राज बीजेपी उम्मीदवार के लिए भी करेंगे कैंपेन अगर…

नई दिल्ली: फिल्म सिंघम, वांटेड, इंडियन, दबंग-2, पुलिसगिरी आदि फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके मशहूर अभिनेता प्रकाश राज चुनाव प्रचार के लिए शनिवार को बेगूसराय पहुंचे. प्रकाश राज बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के लिए वोट मांगने पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने बेगुसराय के पोखरिया मोहल्ले में बाबा चौहरमल मेला का उद्घाटन किया.

बेगूसराय पहुंचे फिल्म अभिनेता प्रकाश राज से TV9 भारतवर्ष के संवाददाता गौरव अग्रवाल ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की. आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि प्रकाश राज ने हमारे सवालों पर क्या जवाब दिया.

सवाल: आपको फ़िलहाल नेता बोला जाए या अभिनेता?
जवाब- इस देश की ज़िम्मेदार प्रजा. A Good Citizen, A responsible citizen of this country.

सवाल: आप ख़ुद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं और सीपीआई कैंडिडेट कन्हैया कुमार के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं?
जवाब- मुझे सिर्फ कैंडिडेट को देखना है. मेरा किसी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है.

सवाल: कन्हैया कुमार के ख़िलाफ़ बीजेपी से गिरिराज सिंह चुनावी मैदान में है, जो अक्सर अपने बयानबाजी की वजह से ही ख़बर में रहते हैं. आप क्या सोचते हैं दोनों के बीच किस मुद्दे पर लड़ाई है?
जवाब- लोग सोच सकते हैं कि सुपुत्र को जिताएं या कुपुत्र को.. कुपुत्र का नाम लेने की ज़रूरत नहीं है बहुत लोग हैं उस लिस्ट में.

सवाल: हाल ही में बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने एक विवादास्पद बयान दिया और बाद में पार्टी ने इसे निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ लिया. आप क्या सोचते हैं?
जवाब- बीजेपी का असली चेहरा दिखाई दे रहा है. वो व्याकुल है जीतने के लिए, कुछ भी क्यों न करना पड़े. कैसे भी ध्रुवीकरण कर जीतना है. वो देश या क़ानून के बारे में नहीं सोचते हैं, उन्हें हर हाल में जीतना है.

सवाल: ध्रुवीकरण तो सिद्धू और मायावती भी कर रही हैं?
जवाब- वो भी ग़लत है. मेरा मानना है कि लोग अपने क्षेत्र के उम्मीदवार की भाषा को सुनें और अगर उन्हें लगता है कि वो ग़लत हैं तो फिर ग़लत है.

सवाल: बयानबाजी की वजह से चुनाव आयोग ने कई नेताओं पर बैन लगाया लेकिन इसका कोई प्रभाव दिखा नहीं. सीएम योगी फिर से बजरंगबली करने लगे हैं.
जवाब- ये बदलेंगे नहीं. इन्हें कोई क़ानून या शिक्षा नहीं बदल सकता. इसके बावजूद मैं सोचता हूं कि मोदी जी ने भी तो चुनाव आयोग की बातों को गंभीरता से नहीं लिया. सेना का नाम चुनाव प्रचार में प्रयोग नहीं करने की सख़्त हिदायत के बावजूद पीएम मोदी वही कर रहे हैं. वो भी तो ध्रुवीकरण ही कर रहे हैं न.

सवाल: तो क्या आपको लगता है कि लोकसभा चुनाव 2019 में बेरोजगारी जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर बात हो रही है. क्या मुद्दा है इस चुनाव का?
जवाब- बीजेपी जानती है कि उनका रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं है इसलिए वो इन बातों पर कोई चर्चा ही नहीं कर रही है.

सवाल: आपने कहा कि आप पार्टी देखकर नहीं उम्मीदवार देखकर उनके लिए कैंपेन करते हैं तो क्या बीजेपी उम्मीदवार के लिए भी ऐसा करेंगे क्या?
जवाब- है तो ज़रूर करुंगा, लेकिन है कहां? कोई एक आदमी तो दिखाओ. बस एक बात कहना चाहता हूं लोगों से ये चुनाव किसी एक नेता या पार्टी का नहीं है, बात सिर्फ जीत या हार की नहीं है. अगर आप सही चुनते हैं तो आप जीतते हैं, ग़लत चुनते हैं तो आप हारते हैं. ये आपके देश के हार और जीत का सवाल है. सोचिए, अपना कैंडिडेट देखिए और फिर वोट कीजिए.

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