अस्सी अधिवेशन: जानिए किसके सिर पर सजेगा पीलीभीत का ताज, देखें VIDEO

TV9 भारतवर्ष ने उत्तर प्रदेश की VIP सीट पीलीभीत के लोगों से जानेने की कोशिश की कि इस बार किसे मिलेगा UP ताज, कौन रहेगा पीलीभीत की सत्ता का मोहताज?

नई दिल्ली: कहा जाता है कि पीलीभीत(Pilibhit) की मिट्टी पीली है इसलिए इसका नाम पीलीभीत पड़ा. उत्तर प्रदेश में अमेठी और रायबरेली के बाद पीलीभीत लोकसभा सीट को गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है. पीलीभीत सीट पर पिछले 3 दशक से इंदिरा गांधी के दूसरे बेटे संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी(Maneka Gandhi) और बेटे वरुण गांधी(Varun Gandhi) का ही राज रहा है. इस बार इस सीट से मेनका के बेटे वरुण गांधी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी सीटों पर बाजी मारी थी. पीलीभीत में कुल 17.40 लाख मतदाता हैं. जिसमें 9.40 लाख पुरुष और 8 लाख महिला वोटर्स हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में 62.9 प्रतिशत वोट पड़े थे. पीलीभीत में मुस्लिम आबादी करीब 5 लाख है, वहीं दलित 2.5-3 लाख के करीब हैं.

पीलीभीत लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के वरुण गांधी और गठबंधन के प्रत्याशी सपा के हेमराज वर्मा के बीच है.

सीटों की अदला-बदली के सवाल पर बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा कि सीटों पर लड़ने का चयन राष्ट्रीय नेतृत्व करता है. विकास के सवाल पर जनता ने मौजूदा सांसद मेनका गांधी पर आरोप लगाते हुए लोगों ने कहा कि विकास के नाम पर शहर में कुछ नहीं हुआ है, सड़कें ठीक नहीं है, फैक्ट्री नहीं है, शिक्षा के लिए अच्छे संस्थान नहीं है. लोगों को नौकरी के लिए शहर के बाहर जाना पड़ता है, सड़कों की हालत खराब है. जनता ने मेनका गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो बस एक टूरिस्ट की तरह आती हैं और दूसरों के घरों में रहकर निकल जाती हैं.

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