इस युवक ने कन्हैया कुमार की भी कर दी बोलती बंद, देखें वीडियो…

टीवी पर आपने कन्हैया कुमार को अक्सर ही अपने विरोधियों का मुंह बंद कराते हुए देखा होगा लेकिन बेगूसराय में चुनाव प्रचार के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब कन्हैया कुमार की बोलती बंद हो गयी.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में इस बार पूरे देश की नज़र बेगूसराय से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर है. टीवी पर आपने कन्हैया कुमार को अक्सर ही अपने विरोधियों का मुंह बंद कराते हुए देखा होगा. लेकिन बेगूसराय में चुनाव प्रचार के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब कन्हैया कुमार की बोलती बंद हो गयी.

तेज़-तर्रार और कुशल वक्ता के तौर पर विख्यात कन्हैया कुमार मंगलवार को बेगूसराय के मटिहानी क्षेत्र में लोगों से वोट मांगने की अपील करने पहुंचे थे. इस दौरान जब उनकी गाड़ी गली की ऊंची-नीची सड़कों से होते हुए मुहल्ले में घुस रही थी तभी मुहल्ले के कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और सवाल करने लगे.

एक युवक ने उनसे पूछा, ‘आप कहते हैं कि भारत को आज़ादी चाहिए, किस चीज़ से आज़ादी चाहते हैं आप?’

कन्हैया कुमार- ‘ग़रीबी से.’

युवक- क्या ग़रीबो को आज़ादी नहीं है उसे किसने रोका है?
युवक- आप हमारे नेता बन रहे हैं अच्छी बात है. आपका स्वागत है. आप नेता हैं तो अब सवाल भी आपसे ही पूछेंगे.
कन्हैया- नेता नहीं बेटा हैं हम.
युवक- बेटा नहीं अब आप नेता हो गए हैं. भूमिहार समुदाय के लोगों को केंद्र सरकार ने 10 प्रतिशत आरक्षण दिया तो आपने विरोध किया.
कन्हैया- किसने कहा?
युवक- नीतीश कुमार की सरकार ने जब भुमिहारों को पीटा तो आप चुप रहे. क्या आपने कभी नीतीश कुमार को बोला कि भुमिहारों को क्यों पीटा?
कन्हैया- हां बोला.
युवक- झूठ बोल रहे हैं आप, आपने कभी नहीं बोला.

उसके बाद कन्हैया कुमार ने युवक को गाड़ी में अपने साथ बैठने का ऑफ़र दिया और कहा कि चलिए कैंपेन करते हुए बात करते हैं. हालांकि युवक ने प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि आप बय मेरे सवालों का जवाब दे दीजिए. अगर आपके जवाब से प्रभावित होंगे कन्हैया जी तो आपको ही वोट देंगे. आप निश्चिंत होकर जाइए.

युवक ने आगे कहा- जब तक जनता का दिल नहीं जीतेंगे तब तक आपको वोट नहीं मिलेगा.
इसके जवाब में कन्हैया ने कहा- मैं दिल ही जीतता हूं.
युवक- सिर्फ भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह कहने से नहीं होगा.
कन्हैया- क्या आप बीजेपी वाले हैं.
युवक- नहीं मैं नोटा वाला हूं.

इसके बाद वहां पर हंसी ठहाके की आवाज़ गूंजने लगी और कन्हैया मुस्कुराते हुए चुनाव प्रचार के लिए आगे बढ़ गए.