‘अगर जिंदा हूं तो राजीव गांधी की वजह से’, जब वाजपेयी ने खुद सुनाया ये किस्‍सा

राजीव गांधी ने अपने किसी बयान में वाजपेयी के इलाज के बारे में जिक्र नहीं किया.
Rajiv Gandhi saved Atal Bihari Vajpayee life, ‘अगर जिंदा हूं तो राजीव गांधी की वजह से’, जब वाजपेयी ने खुद सुनाया ये किस्‍सा

बात 1988 की है, जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी किडनी से संबंधित गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. 1985 में वाजपेयी एक किडनी पहले ही गंवा चुके थे. 3 साल बाद दूसरी किडनी भी जवाब दे गई. पूर्व पीएम राजीव गांधी को वाजपेयी की बीमारी के बारे में पता चला.

राजीव गांधी उस समय प्रधानमंत्री थे. एक दिन उन्‍होंने वाजपेयी को अपने दफ्तर में बुलाया और कहा-‘मैं आपको भारत की ओर से यूएन भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर रहा हूं, मुझे उम्‍मीद है कि आप इस यात्रा के दौरान जरूरी ट्रीटमेंट करा सकेंगे.’

वाजपेयी ने पत्रकार को आगे बताया कि इसके बाद वह न्‍यूयॉर्क गए और किडनी का इलाज कराया. 10 साल बाद वाजपेयी को एक बार फिर किडनी का इलाज कराने न्‍यूयॉर्क जाना पड़ा, लेकिन इस बार वह प्रधानमंत्री की हैसियत से न्‍यूयॉर्क गए थे.

जिस वक्‍त इलाज में राजीव गांधी ने मदद की थी, उस वक्‍त राजीव गांधी राज्‍यसभा सदस्‍य थे. राजीव गांधी ने अपने किसी बयान में वाजपेयी के इलाज के बारे में जिक्र नहीं किया. वाजपेयी ने राजीव गांधी को याद करते हुए यह किस्‍सा खुद ही सुनाया.

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