चुनाव आयोग के बैन के बाद बजरंग बली की शरण में सीएम योगी

चुनाव आयोग ने सोमवार को विवादित बयान पर सख्ती जताते हुए मंगलवार सुबह से अगले 72 घंटे के लिए सीएम योगी के भाषण पर प्रतिबंध लगा दिया है.
Yogi adityanath Hanuman Setu Mandir, चुनाव आयोग के बैन के बाद बजरंग बली की शरण में सीएम योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर चुनाव आयोग द्वारा 72 घंटे के प्रचार पर प्रतिबंध के बाद वो मंगलवार को हनुमान सेतु मंदिर पहुंचें. योगी आदित्यनाथ लगभग 15 मिनट तक मंदिर में पूजा की. इस दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा भी पढ़ी. इतना ही नहीं सीएम योगी ने पूजा अर्चना के साथ ही बच्चो के साथ फ़ोटो भी खिचवाई और सांकेतिक रूप से कार्यकर्ताओ को संदेश देने की कोशिश की.

माना जा रहा है कि चुनाव आयोग के प्रतिबंध के बाद योगी प्रतिबंध की काट ढूंढ़ रहे थे और इसी क्रम में नए तरीके से संदेश देने का काम किया है.

गृह मंत्री और लखनऊ संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार राजनाथ सिंह आज मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं. हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ राजनाथ सिंह के नॉमिनेशन में शामिल नहीं होंगे. राजनाथ सिंह सोमवार शाम को ही लखनऊ पहुंच गए थे.

राजनाथ सिंह सुबह 10 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित करेंगे. रोड शो के बाद अपना नामांकन दाखिल करेंगे. रोड शो में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों के शामिल होने की खबर हैं जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, शिव कुमार, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, डॉ. नीरज बोरा, महापौर संयुक्ता भाटिया शामिल होंगे.

यह रोड शो हजरतगंज, महात्मा गांधी मार्ग से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगा. रोड शो को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है. लखनऊ सीट पर 6 मई को वोट डाले जाएंगे. ये सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है.

बीजेपी 1991 से लगातार इस सीट पर कब्जा किये हुए है. लखनऊ लोकसभा सीट बीजेपी के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की परंपरागत सीट रही है. फिलहाल केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से सांसद हैं.

चुनाव आयोग ने योगी के भाषण पर लगाया है प्रतिबंध

इससे पहले चुनाव आयोग ने सोमवार को विवादित बयान पर सख्ती जताते हुए मंगलवार सुबह से अगले 72 घंटे के लिए सीएम योगी के भाषण पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि यह आदेश सीएम योगी के मंदिर जाने पर लागू नहीं होता. तो क्या यह माना जाए कि सीएम योगी ने EC के आदेश की काट ढूंढ ली है.

इससे पहले निर्वाचन आयोग ने सोमवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर क्रमश: 48 और 72 घंटों तक लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार करने पर रोक लगा दी है. दोनों पर कार्रवाई आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने पर की गई है.

मायावती ने सहारनपुर की रैली में मुसलमानों से सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के पक्ष में एक समेकित तरीके से मतदान करने के लिए कहा था तो योगी ने मेरठ में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की नीयत से ‘अली और बजरंगबली’ वाला बयान दिया था. उन्होंने गाजियाबाद की रैली में भारतीय सेना को ‘मोदी की सेना’ कहा था. इस पर भी आयोग से शिकायत की गई थी.

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शिकायत पर आयोग के आदेश में कहा गया, “संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग और इससे संबंधित अधिकार सपन्न अन्य संस्थान प्रचार के संबंध में उन पर किसी भी सार्वजनिक बैठक, सार्वजनिक जुलूस, सार्वजनिक रैलियों, रोड शो करने साक्षात्कार देने और मीडिया में सार्वजनिक अभिव्यक्ति (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया में) करने से रोकते हैं. यह आदेश 16 अप्रैल की सुबह छह बजे से 72 घंटे के लिए प्रभावी रहेगा.”

योगी के इस बयान पर थी आपत्ति

योगी ने अपने बयान में कहा था, ‘अगर कांग्रेस, एसपी, बीएसपी को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है.’

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