मध्‍य प्रदेश: 8 महीने में हुए 11 तबादले, परेशान थानेदार पहुंचा हाई कोर्ट

सुनील का पहला तबादला बैतूल से आईजी ऑफिस होशंगाबाद में किया गया था. इसके बाद होशंगाबाद से पुलिस मुख्यालय का तबादला आदेश हुआ, जहां से...

मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद से तबादलों का दौर लगातार जारी है. राज्‍य में एक ऐसे थानेदार हैं जिनके 8 महीने में 11 तबादला आदेश जारी किए गए हैं. थानेदार सुनील लाटा ने इसे लेकर जबलपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. कुछ लोग इसे मध्‍य प्रदेश में तबादला आदेशों का एक कीर्तिमान बता रहे हैं.

फिलहाल बैतूल जिले के सारणी थाने में हैं कार्यरत
सुनील लाटा वर्तमान में बैतूल जिले के सारणी थाने के प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं. सुनील को निवाड़ी जिले के थाने में तैनात किया गया है. इसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की है. इस समय उनकी याचिका पर सुनवाई चल रही है.

सुनील का पहला तबादला बैतूल से आईजी ऑफिस होशंगाबाद में किया गया था. इसके बाद होशंगाबाद से पुलिस मुख्यालय का तबादला आदेश हुआ, जहां से मुख्यालय के आदिम जाति कल्याण शाखा में हुआ फिर वहां से बैतूल के आदिम जाति कल्याण भेजने का आदेश प्राप्त हुआ.

थमा ही नहीं तबादलों का सिलसिला
पुलिस निरीक्षक सुनील लाटा के तबादलों का दौर यहीं नहीं थमा. यहां से उनका तबादला सागर और छतरपुर के लिए हुआ, वह वहां आमद दर्ज करा पाते कि उससे पहले भोपाल स्थानांतरण का आदेश मिल गया. इसके बाद उन्हें बैतूल भेज दिया गया.

सुनील कुछ समय तक कोतवाली के थाना प्रभारी रहे और फिर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया. इसके बाद उन्हें सारणी थाने का प्रभारी बनाया गया. सारणी थाने के प्रभारी का पद संभालने के 7 दिन के अंदर ही उनका निवाड़ी जिला के लिए तबादला कर दिया गया.

ये भी पढ़ें-

दिल्ली के आदर्श नगर SHO समेत 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, छात्र को थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप

पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार के चार सदस्यों का नाम NRC की फाइनल लिस्ट से गायब

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद केस: सुप्रीम कोर्ट में आज से शुरू होगी मुस्लिम पक्षकारों की सुनवाई