जहरीले पानी की वजह से कुंवारे बैठे हैं इस गांव के लड़के, फैल रही बीमारियां

गांव वालों का कहना है कि यहां पर कई बार सरकार के अधिकारी और स्थानीय नेता पहुंचे लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर लौट गए.

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आदमपुर छावनी पंचायत के कई गांव साफ पानी के लिए मोहताज हो चुके हैं. हालात ये हैं कि यहां लड़के कुंवारे बैठे हैं और गांवों में शादियां तक नहीं हो रहीं. गांव वाले इस संकट से बुरी तरह जूझ रहे हैं.

दरअसल इस पंचायत में कचरा घर शिफ्ट होने के बाद यहां की हालत बद से बदतर होती जा रही है. हालत इस कदर खराब है कि जहरीले पानी से लोगों को तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं.

2 साल पहले कचराघर शहर के भानपुर से हटाकर आदमपुर छावनी में शिफ्ट किया गया था, कचराघर को शिफ्ट करने का उस समय भारी विरोध हुआ लेकिन नगर निगम ने कचराघर को शिफ्ट कर दिया. तब से लगातार आसपास के कई गांव इससे प्रभावित हो गए हैं. आदमपुर छावनी के गांवों में पानी जहरीला हो चुका है और लोग बीमार पड़ने लगे हैं.

गांव वालों का कहना है कि यहां पर कई बार सरकार के अधिकारी और स्थानीय नेता पहुंचे लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर लौट गए. क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा भी असहाय होने का दावा करते है. उनका कहना है कि वो लगातार विरोध कर रहे हैं लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही. अगर कचराघर वहां से नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में वह आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे.

अब सवाल ये है कि नगर निगम बीजेपी की होते हुए विधायक जी असहाय क्यों हैं? वहीं कांग्रेस भी कचराघर को शिफ्ट करने की मांग कर रही है. इस सबके बीच नगर निगम के कान पर जूं नहीं रेंग रही और लोगों की जिंदगी पर बन आई है. यहां सवाल ये उठ रहा है कि जब कांग्रेस और बीजेपी दोनों विरोध कर रहे हैं तो आखिर समस्या का समाधान करेगा कौन? आदमपुर में रोजाना करीब 950 टन कचरा डंप होता है. अभी यहां करीब 6 लाख टन कचरा जमा है.