मुठभेड़ में ढेर हुए इनामी डकैत की पत्नी ने रचाई शादी

कुख्यात डकैत बबुली कोल की पत्नी गुड़िया देवी सिरमौर थाना क्षेत्र के व्यवसायी सुनील सिंह उर्फ अनिल से शिव मंदिर में शादी रचा ली है.

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुख्यात रहे साढ़े पांच लाख रुपये का इनामी डकैत बबुली कोल के मुठभेड़ में मारे जाने के दो माह बाद उसकी पत्नी गुड़िया ने रीवा के एक व्यवसायी के साथ बेहद गोपनीय तरीके से एक मंदिर में शादी रचा ली है.

रीवा पुलिस के अनुसार, बबुली कोल की पत्नी गुड़िया देवी (32) सिरमौर थाना क्षेत्र के डाढ़ गांव निवासी व्यवसायी सुनील सिंह उर्फ अनिल (59) से सिरमौर के शिव मंदिर में शादी रचा ली है. पुलिस को शादी रचाए जाने की तारीख का पता तो नहीं चला है, लेकिन अब सोशल मीडिया में इस शादी की वायरल हो रही तस्वीरों से इसकी पुष्टि हुई है.

मध्यप्रदेश के रीवा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) चंचल शेखर ने सोमवार को कहा, “यह सही है कि पुलिस मुठभेड़ में मारे गए साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी डकैत बबुली कोल की पत्नी गुड़िया देवी ने सुनील सिंह उर्फ अनिल से शादी रचा ली है, लेकिन यह शादी बेहद गोपनीय थी, इसलिए तारीख का पता नहीं चल पाया.”

उन्होंने कहा कि किसी के व्यक्तिगत जीवन से पुलिस कुछ लेना-देना नहीं है. गुड़िया देवी पर भी कई मामले अदालतों में विचाराधीन हैं. अगर वह अदालत में हाजिर नहीं होती है, तब अदालती आदेश के अनुपालन के लिए कदम उठाए जाएंगे.

babuli kol wife gudiya, मुठभेड़ में ढेर हुए इनामी डकैत की पत्नी ने रचाई शादी

गुड़िया देवी उप्र के चित्रकूट जिले के राजापुर थाना अंतर्गत यमुना पार के एक गांव की रहने वाली है. परिजनों ने पहले जहां उसकी शादी की थी, वहां अनबन होने जाने पर वह मऊ थाना क्षेत्र पहुंची. यहां डकैत गौरी यादव गैंग के सदस्य हरिश्चंद्र पटेल से उसकी दोस्ती हो गई. वह हरिश्चंद्र के साथ ही रहने लगी थी. कुछ समय बाद डकैत हरिश्चंद्र के मारे जाने के बाद वर्ष 2014-15 में उसने साढ़े पांच लाख रुपये के इनामी डकैत बबुली कोल से शादी रचा ली थी. गुड़िया और बबुली कोल की एक बच्ची भी है.

पाठा क्षेत्र के वाशिंदे बताते हैं कि रीवां का अविवाहित व्यवसायी सुनील उर्फ अनिल यहां मजदूरों को ब्याज पर कर्ज देता है. एक दिन उसकी मुलाकात गुड़िया से हुई और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग बढ़ने लगे. दोनों ने अब शादी रचा ली है.

इसी साल 14 सितंबर को मध्यप्रदेश पुलिस ने डकैत बबुली कोल और उसके करीबी सहयोगी लवलेश कोल को मार गिराया था. हालांकि, बाद में चित्रकूट पुलिस की घेराबंदी में गिरफ्तार हुए कई डकैतों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताकर सवाल खड़े कर दिए थे.