दिग्विजय के बचाव में सीएम कमलनाथ, बोले- ज्ञान चाहे जहां से मिले, ले लेना चाहिए

कमलनाथ ने बयान में कहा, ''दिग्विजय सिंह प्रदेश के 10 वर्ष मुख्यमंत्री रहे हैं. उनके अनुभव का लाभ लेने के लिये मशवरा करते रहते हैं."

मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के भीतर दिग्विजय सिंह के खिलाफ उठी आवाजों को मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने शांत करने की कोशिश की है. बुधवार को एक बयान जारी कर कमलनाथ ने कहा कि वे दिग्‍विजय सिंह के अनुभव का लाभ लेने को उनसे सलाह लेते रहते हैं. उन्‍होंने कहा कि ‘बीजेपी यह जान ले कि प्रदेश में मुख्‍यमंत्री पद को लेकर कोई विरोधाभास नहीं है.’

दिग्विजय पर कमलनाथ के वन मंत्री उमंग सिंघार ने सरकार के कामकाज में दखल देने के आरोप लगाए थे. सिंघार का कहना था कि ‘दिग्विजय सिंह पार्टी को दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं. अपने बेटे को सेट कर चुके हैं. सरकार पर्दे के पीछे से चला रहे हैं. कांग्रेस पार्टी की हालत दिग्विजय सिंह की वजह से खराब हो रही है.’

कमलनाथ ने अपने बयान में कहा कि ”दिग्विजय सिंह प्रदेश के 10 वर्ष मुख्यमंत्री रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे हैं. उनके अनुभव का लाभ प्रदेश हित में लेने के लिये उनसे भी वह समय-समय पर सलाह-मशवरा करते रहते हैं.”

सीएम ने कहा कि उनका तो यह मानना है कि व्यक्ति को हर उम्र में जहां से ज्ञान, सलाह मिल सके, लेते रहना चाहिये. ज्ञान व सलाह लेने से व्यक्ति कभी छोटा या बड़ा नहीं होता. उन्‍होंने कहा कि प्रदेश हित में अपने मंत्रियो व विधायकों से भी सलाह-मशवरा लेने में वह पीछे नही हटते हैं.

कमलनाथ ने कहा कि “यह जरूर सच है कि भाजपा में सरकार के दौरान कई पावर सेंटर होते हैं, जो रिमोट कंट्रोल की तरह सरकार को चलाते हैं लेकिन कांग्रेस में ऐसा कुछ नहीं है. भाजपा द्वारा इस तरह की बातें कर सरकार के क्रांतिकारी निर्णयों व कार्यों से प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने व उन्हें गुमराह करने का असफल प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हम डिगेंगे नहीं.”

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