MP: Lockdown-5 में प्रवासी मजदूरों के लिए बनेगा आयोग, कई और रियायतों का ऐलान

छोटे व्यवसायियों (Businessmen) को बैंकों के जरिए बिना गारंटी के 10 हजार रुपये तक का ऋण (Loans) दिलवाया जाएगा, जिसमें सात प्रतिशत ब्याज सरकार देगी. बिजली (Electricity) के बिलों में अलग-अलग तरह की रियायतें (Concessions) दी जाएंगी.
Commission for migrant labourers in MP, MP: Lockdown-5 में प्रवासी मजदूरों के लिए बनेगा आयोग, कई और रियायतों का ऐलान

मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का पांचवां चरण ‘Unlock-1’ कहलाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने प्रवासी मजदूरों के लिए आयोग बनाने और अन्य वर्गों को कई रियायतें देने का ऐलान किया है.

रविवार की रात राज्य की जनता के नाम दिए संदेश में चौहान ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के दिए गए मंत्र ‘दो गज की दूरी’ (फिजिकल डिस्टेंसिंग), फेस कवर (मास्क लगाना), बार-बार हाथ धोना, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकना जैसे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. तभी हम देश और प्रदेश से कोरोना को पूरी तरह भगा पाएंगे.”

कंटेनमेंट जोन्स में केवल जरूरी गतिविधियों को अनुमति

उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइंस का पूरा पालन किया जाएगा. साथ ही प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आर्थिक गतिविधियां (Economic Activities) शुरू करेंगे. जिन जिलों में ज्यादा कंटेनमेंट क्षेत्र (Containment Zones) होंगे, उनमें 30 जून, 2020 तक पहले की तरह लॉकडाउन लागू रहेगा. कंटेनमेंट क्षेत्रों में केवल जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी. प्रदेश के बाकी के क्षेत्र सामान्य क्षेत्र होंगे.

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जुलाई में स्कूल, कॉलेज खोलने को लेकर लिया जाएगा निर्णय

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि रात में लगाए जाने वाले कर्फ्यू का समय अब रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक होगा. इस दौरान जरूरी से जरूरी गतिविधियों को छोड़कर लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर आठ जून से धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थान- पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल और अन्य आतिथ्य सेवाएं (Hospitality Services) खुलेंगी.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट बंद रहेंगे, लेकिन 12वीं की परीक्षाओं के लिए स्कूल खोले जाएंगे. बाद में सभी लोगों के साथ परामर्श करके जुलाई में स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, प्रशिक्षण और कोचिंग इंस्टीट्यूट आदि को खोलने का निर्णय लिया जाएगा.

बाहर जाने से पहले हर प्रवासी मजदूर का होगा रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री ने राज्य में लौटे प्रवासी मजदूरों (Migrant Labourers) समेत अन्य वर्गों के लिए खास रियायतें देने का ऐलान किया है. चौहान ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए प्रवासी मजदूर कमीशन (Migrant Labour Commission) बनाया जाएगा.

काम के लिए बाहर जाने से पहले हर प्रवासी मजदूर का कलेक्टर के पास रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, ताकि वह जहां भी जाए, उसका ध्यान रखा जा सके और महिला स्वयं-सहायता समूहों (Self-help Groups) के लिए कम ब्याज पर ऋण दिलाने की योजना शुरू की जाएगी.

छोटे व्यवसायियों को बिना गारंटी के 10 हजार रुपये तक का ऋण

उन्होंने आगे कहा कि छोटे व्यवसायियों को बैंकों के जरिए बिना गारंटी के 10 हजार रुपये तक का ऋण दिलवाया जाएगा, जिसमें सात प्रतिशत ब्याज सरकार देगी. बिजली के बिलों में अलग-अलग तरह की रियायतें दी जाएंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, “लॉकडाउन की वजह से पिछले दो महीने से हमारे व्यापारी भाइयों के व्यवसाय और उद्योगों में काम बंद थे. एक तरफ लोगों की आय के स्रोत कम हो गए, लेकिन खर्चे तो पहले जैसे ही रहे. इन सब में सबसे ज्यादा चिंता बिजली के फिक्स चार्जेस को लेकर थी.”

बिजली के बिलों के फिक्स चार्जेस की रोकी गई वसूली

उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी नॉन डोमेस्टिक, नॉन इंडस्ट्रियल, लो प्रेशर और हाई प्रेशर औद्योगिक उपभोक्ताओं, जैसे दुकानें, शोरूम, अस्पताल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, पार्लर, MSMEs और बड़े उद्योग आदि के अप्रैल से जून महीने तक के बिजली के बिलों के फिक्स चार्जेस की वसूली रोक दी गई है.

यह राशि अक्टूबर, 2020 से मार्च, 2021 के बीच छह समान किस्तों में बिना ब्याज के जमा की जा सकेगी. लगभग 12 लाख छोटे उद्यमियों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों से मिलने वाली लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि उनसे आने वाले महीनों में ली जाएगी.

चौहान ने कहा कि संबल के लाभार्थी (Beneficiaries) और ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके बिजली के बिल अप्रैल में 100 रुपये तक के आए थे और मई, जून, जुलाई में भी 100 रुपये से कम आएंगे, उन्हें इस अवधि की राशि की जगह पर सिर्फ 50 रुपये महीने का भुगतान करना होगा. इससे लगभग 63 लाख लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये का लाभ होगा.

इसी तरह जिनके बिल अप्रैल में 100 रुपये से कम आए थे, लेकिन मई, जून और जुलाई महीने में 100 रुपये से ज्यादा थे, लेकिन 400 रुपये से कम आए हैं या आएंगे, तो उन्हें इस अवधि के बिल की राशि के स्थान पर हर महीने सिर्फ 100 रुपये का भुगतान करना होगा. इससे लगभग 28 लाख लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा.

वहीं, अप्रैल में बिल 100 रुपये से ज्यादा के, लेकिन 400 रुपये से कम के आए थे, लेकिन मई, जून और जुलाई महीने में 400 रुपये से ज्यादा के आए हैं या आएंगे, तो उन्हें तीन महीने के बिल की राशि की आधी राशि का ही भुगतान करना होगा. बाकी बिल की राशि का निर्णय जांच के बाद लिया जा सकेगा. इससे लगभग आठ लाख लाभार्थियों को बिल की राशि का आधा भुगतान ही करना होगा. इससे लाभार्थियों को लगभग 200 करोड़ का लाभ होगा.

वाहनों की आवाजाही पर नहीं होगी पास की जरूरत

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि राज्य में और राज्य के बाहर आने-जाने वाले वाहनों के लिए किसी तरह के पास (Pass) की जरूरत नहीं होगी. पूरे राज्य के अंदर सात जून तक बसें नहीं चलाई जाएंगी. इसके बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा.

इंदौर, उज्जैन और भोपाल डिवीजन समेत पूरे राज्य में फैक्ट्रियों को चलाने और उत्पादन के कामों में लगे मजदूरों के आने-जाने के लिए बसों के चलाए जाने की  अनुमति होगी. राज्य के अंदर इंदौर, उज्जैन और भोपाल को छोड़कर अन्य सभी डिवीजनों में 50 प्रतिशत की क्षमता के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू हो सकेगा.

बारी-बारी से खोली जाएंगी दुकानें

इंदौर, उज्जैन, नीमच और बुरहानपुर के नगरीय क्षेत्रों के बाजारों की एक चौथाई दुकानें बारी-बारी से खुलेंगी. भोपाल के बाजारों की एक तिहाई दुकानें एक-एक करके खुलेंगी. देवास, खंडवा नगर निगम और धार और नीमच नगरपालिका क्षेत्र की आधी-आधी दुकानें बारी-बारी से खुलेंगी.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सभी शासकीय और प्राइवेट कार्यालय इंदौर, उज्जैन और भोपाल नगर निगम क्षेत्र में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ और बाकी प्रदेश में पूरी क्षमता से खोले जाएंगे.

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