शिवराज सरकार में मंत्री रहे कंप्यूटर बाबा को कांग्रेस ने भी बनाया मंत्री, पहली डिमांड हेलिकॉप्टर

शिवराज सरकार ने उन्हें साल 2018 में राज्य मंत्री का दर्जा देते हुए नर्मदा किनारे वाले इलाकों में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के विषयों पर जन जागरुकता अभियान चलाने के लिए गठित विशेष समिति में शामिल किया था.

भोपाल: मध्य प्रदेश राज्य सरकार में कंप्यूटर बाबा को मंत्री बनाया गया है. उन्हें नर्मदा, शिप्रा, मंदाकिनी न्यास का पदभार सौंपा गया है. मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में बाबा ने मंत्रालय में पदभार ग्रहण किया.

पदभार संभालते हुए ही कंप्यूटर बाबा ने सरकार से एक दिन के लिए हेलिकॉप्टर की मांग की है. कंप्यूटर बाबा का कहना है कि एक दिन के लिए हेलिकॉप्टर से वह नर्मदा का भ्रमण करेंगे. उनके मुताबिक इस दौरान वह नर्मदा की सफाई और जरूरतों को हेलिकॉप्टर से देखेंगे.

मालूम हो कि कंप्यूटर बाबा बीजेपी सरकार के कार्यकाल में भी मंत्री रह चुके हैं. शिवराज सरकार ने उन्हें साल 2018 में राज्य मंत्री का दर्जा देते हुए नर्मदा किनारे वाले इलाकों में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के विषयों पर जन जागरुकता अभियान चलाने के लिए गठित विशेष समिति में शामिल किया था.

शिवराज सरकार में भी कंप्यूटर बाबा थे राज्य मंत्री

शिवराज सरकार में कंप्यूटर बाबा समेत पांच हिंदू धर्म गुरुओं को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था. कंप्यूटर बाबा ने तब पद ग्रहण करने के साथ नर्मदा बचाओ के काम में भ्रष्टाचार को सामने लाने के लिए नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने का एलान किया था. हालांकि तब विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ताधारी बीजेपी पर धर्म गुरुओं के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया था.

कांग्रेस पार्टी ने तब सत्ताधारी बीजेपी और शिवराज सिंह चौहान पर धर्म गुरुओं के जरिए चुनाव में फायदा उठाने की बात कही थी. हालांकि कंप्यूटर बाबा ने चंद महिनों के भीतर ही राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. साथ ही उन्होंने शिवराज सरकार पर धर्म की अनदेखी का आरोप लगाया.

इस्तीफा देते हुए बाबा ने कहा था कि वह गोरक्षा, नर्मदा संरक्षण, मठ-मंदिरों के हितो में काम करना चाहते थे, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे इसलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं. अब कंप्यूटर बाबा कांग्रेस की तरफ से एक बार फिर नर्मदा संरक्षण का बीड़ा उठाने को मंत्री पद के साथ तैयार हैं.

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