गैंगस्‍टर विकास दुबे की उज्जैन में गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण पर कांग्रेस-BJP आमने-सामने

पुलिस सूत्रों का कहना है कि विकास (Vikas Dubey) उत्तर प्रदेश की एक गाड़ी से उज्जैन (Ujjain) आया था और वह यहां एक अपने परिचित के नागझिरी क्षेत्र में स्थित निवास पर रुका भी था.
Congress BJP face to face with gangster Vikas Dubey, गैंगस्‍टर विकास दुबे की उज्जैन में गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण पर कांग्रेस-BJP आमने-सामने

बीते सात दिनों से उत्तर प्रदेश की पुलिस (UP Police) को छकाने वाला हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे (Vikas Dubey) मध्य प्रदेश के मंदिरों के शहर उज्जैन (Ujjain) में आखिरकार पकड़ा गया. आखिर वह उत्तर प्रदेश के कई जिलों को पार करता हुआ उज्जैन तक कैसे पहुंचा यह बड़ा सवाल है. सवाल तो यहां तक उठ रहे हैं कि विकास दुबे उज्जैन आया था या उसे लाया गया है.

लगातार बदल रहा था लोकेशन

उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरु (Bikru) गांव में आठ पुलिस जवानों की हत्या (Kanpur Encounter) करने का आरोपी विकास दुबे बीते सात दिनों से अपनी लोकेशन लगातार बदल रहा था और उत्तर प्रदेश की पुलिस उसकी हर लोकेशन पर दबिश देती रही, इसके बावजूद वहां की पुलिस को चकमा देते हुए उज्जैन पहुंच गया.

मध्य प्रदेश में है विकास की ससुराल

विकास हर साल उज्जैन आता रहा है और उसकी ससुराल भी मध्य प्रदेश में है. विकास की मां सरला देवी ने भी कानपुर में स्वीकारा है कि विकास हर साल महाकाल की विशेष पूजा करने उज्जैन जाता था. कहा जा रहा है कि विकास सड़क मार्ग से उज्जैन पहुंचा और बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन भी किए. राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा विकास की गिरफ्तारी की बात कह रहे हैं, वहीं कांग्रेस इस पर सवाल उठा रही है.

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परिचित के घर पर भी रुका

पुलिस सूत्रों का कहना है कि विकास उत्तर प्रदेश की एक गाड़ी से उज्जैन आया था और वह यहां एक अपने परिचित के नागझिरी क्षेत्र में स्थित निवास पर रुका भी था. विकास आज सुबह दर्शन के लिए मंदिर पहुंच गया था और वहां मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को उसका हुलिया देखकर शक हुआ. बाद में वह पकड़ा गया.

कोटा से उज्जैन आने की आशंका

जानकारों का कहना है कि अगर वास्तव में विकास सड़क मार्ग से आया है तो उसने मध्य प्रदेश में लगभग 200 किलोमीटर का सफर तय किया होगा. इससे पहले वह उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गुजरा होगा. आशंका तो यह भी जताई जा रही है कि वह राजस्थान के कोटा होते हुए उज्जैन पहुंचा है. पुलिस इसकी तहकीकात में लगी हुई है.

“अपनी गाड़ी से आया उज्जैन”

राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का कहना है कि विकास स्वयं की गाड़ी से उज्जैन आया था. उसके दो साथी बिटटू और सुरेश को भी गिरफ्तर किया गया है. कानपुर की घटना के बाद से ही पूरे राज्य की पुलिस अलर्ट पर थी. पूरी निगाह रखी जा रही थी और मध्य प्रदेश की पुलिस को इसमें सफलता मिली.

“एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर”

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विकास की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह तो उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है. मेरी सूचना है कि मध्य प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है.”

गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण?

उज्जैन में विकास की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण को लेकर विवाद बना हुआ है. सरकार उसकी गिरफ्तारी की बात कह रही है, मगर कांग्रेस आत्मसमर्पण की बात कह रही है और इसमें भाजपा के एक नेता की भी भूमिका पर सवाल उठा रही है. इस बात का खुलासा नहीं हो रहा है कि विकास गुरुवार की सुबह ही उज्जैन पहुंचा था या उससे पहले आ चुका था.

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