मैं डायबिटीज का मरीज नहीं, कड़वी चाय नहीं पिऊंगा, सिंघार से मुलाकात पर बोले दिग्विजय

शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मीडिया के सामने आए और प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया और कहा कि अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

‘मैं कड़वी चाय नहीं पीता’

‘मुझे राजनीति में 50 साल हो गए मैं हमलों से विचलित नहीं होता. वन मंत्री उमंग सिंघार से मुलाकात पर कहा, मैं डायबिटीज का मरीज नहीं हूं. मैं कड़वी चाय नहीं पीता.’

दरअसल, उमंग सिंघार ने जिस दिन दिग्विजय सिंह पर ब्लैकमेलर, ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाने और रेत खनन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, उस दिन उन्होंने कहा था कि दिग्विजय सिंह मिलने आएंगे तो वह उन्हें कड़वी चाय पिलाएंगे.

‘मेरी लड़ाई विचारधारा से’

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मेरी राजनीतिक लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और उनकी विचारधारा से है. ये वो विचारधारा है जिसने महात्मा की हत्या की, लोगों के बीच मनमुटाव पैदा किया. मैं इसके खिलाफ हूँ.’

‘जो अनुशासन तोड़े उस पर कार्रवाई’

वन मंत्री उमंग सिंघार के बारे में उन्होंने कहा कि, ‘जो खबरे आ रही हैं वो पूरी तरह से कमलनाथ जी और सोनिया जी को देखना है. सबसे अपील है कि वे अनुशासन का पालन करें और भाजपा को अवसर ना दें. हर पार्टी में अनुशासन होना चाहिए और जो अनुशासन तोड़े उस पर कार्रवाई होनी चहिए.’

‘इस बयान से शुरू हुआ घटनाक्रम’

‘मैंने पाकिस्तान के लिए जासूसी के मामले में गिरफ्तार बलराम और ध्रुव सक्सेना को लेकर बयान दिया. मध्य प्रदेश में उस समय की सरकार ने इस दोनों के खिलाफ कोई ठोस करवाई नहीं की. इसको लेकर दिए बयान से ही ये घटनाक्रम चालू हुआ है.’

‘मुझे कहना है पार्टी फोरम पर कहूंगा’

सिंघार को माफ करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, सब कांग्रेस पार्टी के लोग हैं. कमलनाथ और सोनिया जी ही फैसला लेंगी. जो भी मुझे कहना है पार्टी फोरम पर कहूंगा.

‘विपक्ष में रहकर परेशान हैं’

भाजपा के सरकार बनाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा ”विपक्ष में रहकर परेशान हैं. इसलिए ये सब बयान आ रहे हैं. बीजेपी घबराई हुई है. करीब 350 टेंडर्स के माध्यम से करोड़ों रुपए कमाए गए. ई टेंडर घोटाले की जांच चल रही है. पेंशन घोटाला, सिहंस्थ घोटाला खुल रहा है. मेरे खिलाफ न ईडी है, न सीबीआई है. मैं क्यों डरूं.”

‘पी चिदंबरम के खिलाफ जो चल रहा है…’

पी चिदंबरम और रतुल पुरी को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि ”चिदंबरम को झूठा फंसाया गया है. चिदंबरम के खिलाफ जो चल रहा है उसकी निंदा करता हूं, उन्हें फंसाया जा रहा है, मैं उन्हें लंबे वक्त से जानता हूं. एक भी मामले में उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं हैं.

‘मेरे खिलाफ कुछ नहीं, मैं क्यों डरूँ’

रतुल पूरी मामले में जानकारी नहीं है. लेकिन ये पूरी सरकार दुश्मनी पालती है. ये सत्ता (केंद्र) में है इसलिए गुजरात मॉडल पेश कर रहे हैं. मेरे खिलाफ 15 साल तक फंसाने की कोशिश करती थी. लेकिन मेरे खिलाफ कुछ नहीं हैं इसलिए मैं क्यों डरूँ. अगर आरोपों में दम होता तो क्या मैं खुलकर भाजपा की मुखालफत कर पाता.”

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