मध्य प्रदेश में भी चक्रवात निसर्ग का असर, बारिश से गेहूं की बर्बादी का खतरा

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अब तक 120 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है. ज्यादातर गेहूं खुले में पड़ा है, ऐसे में अगर बारिश हुई तो भारी मात्रा में गेहूं का बर्बाद होना तय है.
cyclone Nisarga to destroy wheat in MP, मध्य प्रदेश में भी चक्रवात निसर्ग का असर, बारिश से गेहूं की बर्बादी का खतरा

चक्रवाती तूफान निसर्ग (Nisarga) के देश के पश्चिमी भागों में दस्तक देने के बाद अब मध्य प्रदेश में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है तो कई जगह बादल छाए हुए हैं. इन हालातों में प्रदेश में अगर बारिश हुई तो उससे कई तरह के नुकसान हो सकते हैं.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

राजधानी भोपाल (Bhopal) समेत पूरे प्रदेश में गेहूं की बंपर खरीद हुई है, ऐसे में किसानों से खरीदे हुए गेहूं पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है. मध्य प्रदेश में अब तक 120 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है. ज्यादातर गेहूं खुले में पड़ा है, ऐसे में अगर बारिश हुई तो भारी मात्रा में गेहूं का बर्बाद होना तय है. प्रबंधन का दावा है कि बारिश से बचाने के‌‌ लिए तिरपाल और प्लास्टिक की व्यवस्था की गई है लेकिन अगर अचानक बारिश आई तो व्यवस्था कैसे होगी यह कहना मुश्किल है.

प्रबंधन के मुताबिक गेहूं का ट्रांसपोर्टेशन चल रहा है तो मजदूरों को गेहूं ढंकने के काम में लगाना मुमकिन नहीं है. माना जा रहा है‌ कि 15 जून के करीब मध्य प्रदेश में मानसून आ जाएगा. ऐसे‌ में गेहूं कैसे बचाया जाएगा इसे लेकर कोई व्यवस्था कैसे होगी यह कहना मुश्किल है.

देखिये #अड़ी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर शाम 6 बजे

 

Related Posts