Video: अब ‘लाइन’ पर आईं प्रज्ञा ठाकुर, माफी मांगकर कहा-‘मैं गांधी का बहुत सम्मान करती हूं’

प्रज्ञा ठाकुर के बयान के बाद बीजेपी ने खुद को अलग कर लिया था और मांफी मांगने को कहा था. लेकिन बयान के बाद पहली बार मीडिया से बात के दौरान उन्होंने माफी का कोई जिक्र नहीं किया था.

भोपाल: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ कहने के बाद ‘पार्टी की लाइन मेरी लाइन है’ कहने वाली प्रज्ञा ठाकुर आखिरकार लाइन पर आ गईं हैं. नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने के बाद अपने बयान के लिए माफी मांग ली है.

गुरुवार देर रात उनका वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कहा, ‘ये मेरा निजी बयान है, मैं रोड शो में थी और जिस तरह से भगवा को आतंकवाद से जोड़कर इन्होंने जो प्रश्न किया मैंने उत्तर चलते-चलते तत्काल दिया है. मेरी भावना किसी को आहत करने की नहीं थी. अगर किसी के मन को ठेस पहुंची है तो मैं उसके लिए छमा मांगती हूं. गांधी जी ने देश के लिए जो किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता. मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं. उन्होंने फिर दोहराया कि जो पार्टी की लाइन है वही मेरी लाइन है और जिन लोगों का मन आहत हुआ है मैं छमा मांगती हूं बयान के लिए.’

माफी पर बनीं रहीं अटकलें-

प्रज्ञा सिंह ठाकुर के ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त’ वाले बयान के बाद सबसे पहली प्रतिक्रिया भाजपा की ओर से आई और कहा कि ‘पार्टी उनके बयान से सहमत नहीं है, उनको माफी मांगनी चाहिए.’ इसके बाद BJP मध्य प्रदेश के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने मीडिया से बात कर अपनी ओर से दावा किया कि उन्होंने माफी मांग ली है.

लेकिन इसके बाद खुद प्रज्ञा सिंह ने मीडिया से बात की थी और माफी मांगने का कोई जिक्र नहीं किया था. उन्होंने कहा, ‘अपने संगठन बीजेपी में निष्ठा रखती हूं. उसकी कार्यकर्ता हूं और पार्टी की लाइन मेरी लाइन है.’

यह है मामला-
महात्‍मा गांधी के हत्‍यारे नाथूराम गोडसे को भोपाल संसदीय सीट से BJP उम्‍मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने ‘देशभक्‍त’ बताया था. उन्‍होंने आगर मालवा में चुनाव प्रचार के दौरान कहा, “नाथूराम गोडसे देशभक्‍त थे, हैं और रहेंगे. उनको आतंकवादी कहने वाले लोग स्‍वयं के गिरेबान में झांककर देखें. अबकी चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा.” गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या की थी. प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान से बीजेपी ने खुद को अलग कर लिया था. पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर से इस बयान के लिए माफी मांगने को कहा था.

गोडसे का नाम चर्चा में इसलिए है क्‍योंकि मक्कल नीधि मैयम अध्‍यक्ष कमल हासन ने हाल ही में उन्‍हें कथित रूप से ‘पहला हिंदू आतंकी’ करार दिया था. तमिलनाडु के अरावाकुरिची विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के प्रचार के लिए आयोजित चुनावी रैली में हासन ने कथित तौर पर कहा था, “मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं कि यहां ज्यादा मुस्लिम हैं. फिर कहता हूं कि भारत की आजादी के बाद पहला आतंकवादी हिंदू था. उसका नाम नाथूराम गोडसे है.”

हासन के बयान पर तमिलनाडु बीजेपी के अध्‍यक्ष तमिलिसाई सौंदरराजन ने ट्वीट कर कहा था कि अब गांधी की हत्या को याद करना और उसे हिंदू आतंकवाद का नाम देना निंदनीय है. तमिलनाडु के दूध व डेयरी विकास मंत्री के.टी. राजेंद्र बालाजी ने कहा था कि हासन की जीभ काट देनी चाहिए, क्योंकि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता.

प्रज्ञा ठाकुर वर्ष 2008 के मालेगांव बम धमाके में आरोपी है जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी. चार्जशीट के अनुसार धमाके में जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था वह साध्वी प्रज्ञा की थी. भोपाल लोकसभा सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के दिग्विजय सिंह से है.

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