‘भीख नहीं, हक है’… जानें कर्ज माफी के लिए सुरीली अपील करने वाला किसान कौन है?

किसान ने अपने गीत के जरिए भीख न मांगते हुए कर्जमाफी को अपना हक बताया और कर्जमाफी का रुका हुआ पैसा तत्काल देने की अपील की.
MP Farmer song viral, ‘भीख नहीं, हक है’… जानें कर्ज माफी के लिए सुरीली अपील करने वाला किसान कौन है?

“कर्ज माफ किया जाए, समर्थन मूल्य दिया जाए, कमलनाथ हमपर थोड़ा ध्यान दिया जाए” ये एक गाने के बोल हैं जो कि मध्यप्रदेश के कर्ज में डूबे किसान के हैं. राज्य के इस किसान ने गीत के माध्यम से सूबे के  मुख्यमंत्री कमलनाथ से कर्जमाफ करने की अपील की है.

किसान का ये गाना इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस गाने में किसान जल्दी कर्ज माफ करने और समर्थन मूल्य देने की अपील कर रहा है. किसान ने अपने गीत के जरिए भीख न मांगते हुए कर्जमाफी को अपना हक बताया और कर्जमाफी का रुका हुआ पैसा तत्काल देने की अपील की.

वीडियो में दिख रहे किसान का नाम अनूप दुबे है और मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव के मंडलेश्वर गांव में से ताल्लुक रखता है.

अनूप दुबे दसवीं तक पढ़े हैं. आर्थिक मजबूरियों की वजह से सत्यनारायण भगवान की कथा और खेती करके गुजर-बसर करते हैं.

देवास मुख्यालय से लगभग 160 किमी दूर एक छोटे से गांव में रहते हैं. अनूप 4 भाइयो में दूसरे नंबर के हैं. लगभग 8 एकड़ जमीन में 4 भाइयों का हिस्सा है. बड़े भाई अजनास गांव में अतिथि शिक्षक हैं तो बाकी के सभी भाई किसान हैं. पिताजी रिटायर्ड शिक्षक है जो कि रिटायरमेंट के बाद भी बचे कुचे पैसों को लेकर शासकीय विभागों के चक्कर लगा रहे हैं. आज जमाना सोशल मीडिया का है. इसलिए अनूप अपनी गायकी और पंक्तियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर खुद किसान होकर किसानों का दर्द अपने संदेश के जरिए जन जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.

2.5 एकड़ में खेती से समय समय पर नुकसान होने से व्यथित अलग-अलग कामों से गुजारा कर रहे हैं. हालांकि “कर्ज माफ किया जाए, समर्थन मूल्य दिया जाए” वाले एक गाने के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अनूप की लोकप्रियता बढ़ गई हैं.

अनूप दुबे से बात की तो उन्होंने बताया कि पहले शिवराज सरकार किसान हितैषी थी और अब कमलनाथ जी हमारे राजा हैं. हमारे किसान भाई विपत्ति में है और आर्थिक कारणों से आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं. जिनके उत्थान के लिए राज्य सरकारों के साथ केंद्रीय सरकारों को भी बड़े स्तर पर कार्य करना चाहिए.

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