BJP सांसद ने कहा- गलत जगह लगी है मेरी कुर्सी, कांग्रेसी मंत्री बोले- आपको मैं बाहर कर सकता हूं

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस सरकार में घमंड आ गया है. अहंकार जब रावण और कंस का नहीं रहा तो इनका भी नहीं रहेगा.

मध्य प्रदेश के देवास जिला योजना समिति की बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और देवास से भाजपा सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी आपस में भिड़ गए. इनके बीच तीखी नोकझोंक हुई. इस दौरान जीतू पटवारी ने सांसद से कह दिया कि मैं आपको बैठक से बाहर भी निकाल सकता हूं.

पटवारी ने कहा कि सांसद ने मेरा अपमान किया है. इस पर सांसद बोले कि आप 18 लाख मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं. पटवारी ने जब सांसद को कहा कि मैं इस बैठक से आपको उठाकर बाहर कर सकता हूं. इस पर सोलंकी ने कहा कि मैं जनप्रतिनिधि हूं, आप ऐसा कैसे बोल सकते हैं.

दरअसल सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने मीटिंग रूम में घुसते ही अपनी कुर्सी देखकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने तीखे लहज़े में कहा कि आपने गलत जगह मेरी कुर्सी लगायी है. बैठक काफी तल्ख माहौल में शुरू हुई. इसके बाद अतिक्रमण विरोधी मुहिम को लेकर माहौल फिर गरमा गया.

बैठक के दौरान देवास में गंगा इंडस्ट्री पर अतिक्रमण को लेकर चर्चा हुई और देखते ही देखते माहौल गरमा गया. सांसद महेंद्र सिंह ने इसकी जांच कराने की मांग रखी. इस पर मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के प्रतिनिधि मनोज राजानी ने अपने प्रतिष्ठान की जांच की बात को लेकर सांसद को आड़े हाथों ले लिया.

पटवारी ने सांसद सोलंकी पर आरोप लगाया कि ‘पूर्व में भी उन्होंने बैठक में हंगामा किया था. वो सांसद की गरिमा नहीं समझ रहे हैं. सांसद महोदय की भाषा ठीक नहीं थी. वो बार-बार हाथ और उंगली उठाकर बात कर रहे थे.’

वहीं, सोलंकी ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब मैंने समिति की बैठक में अनाधिकृत लोगों को बैठे देखा तो आपत्ति जताई. अतिक्रमण के मुद्दे पर प्रभारी मंत्री ने सिर्फ विषय पर बात करने को कहा, जो गलत था. कांग्रेस मनमानी कर रही है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में घमंड आ गया है. अहंकार जब रावण और कंस का नहीं रहा तो इनका भी नहीं रहेगा.

जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा के उनके ही कार्यकर्ता को डांटने के मामले में शिवराज ने कहा कि ये सरकार सत्ता के मद में चूर है. उन्होंने कहा कि मंत्री जनता की सेवा करने के बजाए घमंड में यह भूल रहे हैं कि वह कार्यकर्ताओं का और जनता का अपमान कर रहे हैं.

राजगढ़ में कलेक्टर के थप्पड़ मारने के मामले में शिवराज ने कहा कि ‘हमारी सरकार में हमने कभी अधिकारियों से आंदोलनकारियों को मारने के लिए नहीं कहा. यहां तो सरकार किस दिशा में जा रही है समझ में नहीं आ रहा. ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. किसे डरा रहे हो कमलनाथ, आमने-सामने अगर चाहते हो तो हो जाने दो.’

देवास के मामले में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि इस तरह के छोटी-मोटी नोकझोंक लोकल स्तर पर जनप्रतिनिधियों के बीच होती रहती है. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जीतू पटवारी सौम्य हैं और वो इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते. बाकी मुझे जानकारी नहीं है.

हरदा में कांग्रेस के कार्यकर्ता के साथ खुद के व्यवहार को लेकर शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता प्रायोजित तरीके से हंगामा करने आया था. मैंने कोई अनुचित बात नहीं की. मैंने सिर्फ उसे वहां से जाने के लिए कहा.

कलेक्टर के थप्पड़ मारने के मामले में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कलेक्टर सिर्फ एक अफसर ही नहीं बल्कि एक महिला भी है. उन्होंने जो किया वह स्वाभाविक है. हम तो महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दे ही रहे हैं तो उन्होंने जो किया वह स्वाभाविक है.

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