“कच्‍चे खिलाड़ी हैं बेटे आकाश विजयवर्गीय, अधिकारियों को नहीं होना चाहिए एरोगेंट”

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अधिकारियों को एरोगेंट नहीं होना चाहिए. साथ ही उन्हें जनता के प्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए.

नई दिल्ली: बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय का नगर निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई करने के मामले में बचाव किया है. बीजेपी महासचिव ने इस घटना को दुर्भाग्वपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि मामले में दोनों ही पक्षों पर आरोप लगे हैं. साथ ही उनका यह भी कहना है कि मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया.

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था. मुझे लगता है कि दोनों ही पक्षों ने इसे गलत तरीके से हैंडल किया. वो कच्चे खिलाड़ी हैं. ये मामला इतना बड़ा नहीं था लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया.”


‘एरोगेंट न हों अधिकारी’
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को एरोगेंट नहीं होना चाहिए. साथ ही उन्हें जनता के प्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए. दोनों ही पक्षों को इस मसले पर बात करने की जरूर है. ताकि इस तरह की घटना दोबारा न दोहराई जाए.

मकान ढहाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि ‘मैं निगम पार्षद, महापौर और मंत्री रह चुका हूं. हम बारिश में बन रहे किसी के मकान को नहीं गिराते हैं. मुझे नहीं पता कि इस तरह का ऑर्डर सरकार की ओर से दिया गया था या नहीं. अगर ऐसा है तो ये उन्हीं की गलती है.’


बीजेपी महासचिव ने कहा कि अगर कोई बिल्डिंग कहीं गिराई जा रही है तो वहां के निवासियों के रहने के लिए धर्मशाला में व्यवस्था करनी चाहिए. इसमें नगर निगम से गलती हुई है. घटनास्थल पर महिला पुलिस का होना जरूरी था. ये दोबारा नहीं होना चाहिए.

समर्थकों ने की हवाई फायरिंग
बता दें कि इंदौर तृतीय से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के रविवार सुबह जमानत पर जेल से बाहर आने पर उनके समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया. उन्होंने जश्न मनाते हुए हवाई फायरिंग भी की. अपने समर्थकों के साथ जेल पहुंचे आकाश के पिता और कैलाश विजयवर्गीय ने जेल के बाहर उनका स्वागत किया. उन्होंने कैलाश को माला पहनाई और हवाई गोलीबारी करते हुए और रास्ते में आतिशबाजी करते हुए उन्हें घर तक लाए.

Kailash Vijayvargiya, “कच्‍चे खिलाड़ी हैं बेटे आकाश विजयवर्गीय, अधिकारियों को नहीं होना चाहिए एरोगेंट”
जेल से बाहर आने पर मीडिया से बात करते आकाश विजयवर्गीय.

“दोबारा ‘बल्लेबाजी’ की जरूरत न पड़े”
घर आने से पहले आकाश भाजपा कार्यालय गए, जहां उन्हें फूल और मिठाइयां भेंट की गई. उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने जेल में अच्छा समय बिताया. उन्होंने वादा किया कि वे क्षेत्र के लोगों के लिए काम करते रहेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हें दोबारा ‘बल्लेबाजी’ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

‘सत्यमेव जयते’
जमानत की घोषणा करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.के. सिंह ने कहा कि मामले की डायरी में उस जर्जर मकान के जानलेवा घोषित किए जाने का उल्लेख करने वाले दस्तावेज नहीं थे. अदालत ने पहले मामले में 50,000 रुपये के और दूसरे मामले में 20,000 रुपये के जमानती बॉन्ड पर जमानत दी है. अदालत का आदेश आने के बाद आकाश ने ट्वीट किया, “सत्यमेव जयते.”

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