मजदूरों को पोहा खाता देख कैलाश विजयवर्गीय ने पहचान लिया वो बांग्‍लादेशी हैं, काम से हटाया

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "मैंने अभी तक इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है. मैंने केवल लोगों को सतर्क रहने के लिए इस घटना का जिक्र किया."

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बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में गुरुवार को इंदौर में एक सेमिनार आयोजित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरे घर पर एक कमरे का निर्माण कार्य चल रहा था. घर पर कुछ संदिग्ध बांग्लादेशी मजदूरों को काम करते हुए देखा. उनके खाने की अजीब सी आदत को देखकर मुझे उनकी नागरिकता पर शक हुआ.

उन्होंने कहा कि वो केवल पोहा खा रहे थे. इसे लेकर मैंने मजदूरों के ठेकेदार से बात की. ठेकेदार से पूछने पर उसने बताया कि ये लोग बंगाल से हैं और 300 रुपये मजदूरी पर काम करते हैं. पूछताछ करने पर पता चला कि वे लोग बांग्लादेश से आए थे. दूसरे दिन उनको हटा दिया.

‘बांग्लादेशी आतंकवादियों की मेरे ऊपर नजर’

उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है. मैंने केवल लोगों को सतर्क रहने के लिए इस घटना का जिक्र किया.” सेमिनार में बोलते हुए विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि ‘बांग्लादेशी आतंकवादी पिछले एक या आधे साल मेरे ऊपर नजर बनाए हुए हैं.’

‘देश में क्या हो रहा है?’

उन्होंने कहा, “मैं जब कभी भी बाहर जाता हूं तो छह सुरक्षाकर्मी मेरे साथ चलते हैं. इस देश में क्या हो रहा है? क्या बाहर के लोग देश के अंदर आएंगे और इतना आतंक फैलाएंगे?” बीजेपी नेता ने कहा कि ‘अफवाहों से भ्रमित मत होइए. सीएए देश के हित में है. यह कानून वास्तविक शरणार्थियों को शरण देने का काम करता है.’

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