MP: कर्ज के बोझ तले दबे किसान का दर्द, अधूरी कर्जमाफी के चलते रोकी बेटी की शादी

सीताराम को भरोसा था कि दो बैंको में जो 1 लाख 65 हजार का कर्ज है वो कमलनाथ सरकार वादे के मुताबिक माफ कर देगी.

कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान की कहानी आपको चौंका देगी. मध्य प्रदेश में इंदौर शहर के पास करवासा गांव की सीताराम तंवर ने अपनी बेटी ज्योति की शादी कर्ज की वजह से रोक दी.

अरहर की फसल चौपट

ज्योति की शादी सिर्फ इसलिए रुक गई क्योंकि बारिश और बाढ़ ने उनकी 6 बीघे की जमीन पर ऊगी अरहर की फसल चौपट कर दी. सीताराम उम्मीद लगाए बैठे थे फसल अच्छी होगी तो दीपावली के बाद एकादशी पर अपनी छोटी बेटी की शादी कर देंगे. थोड़ा बहुत पैसा बचेगा तो मकान का लोन चुका देंगे.

कमलनाथ सरकार के वादे ने तोड़ा भरोसा

सीताराम को भरोसा था कि दो बैंको में जो 1 लाख 65 हजार का कर्ज है वो कमलनाथ सरकार वादे के मुताबिक माफ कर देगी. लेकिन 10 दिन में कर्जमाफी का वादा करने वाली कमलनाथ सरकार 10 महीने में केवल 50 हजार कर्ज वाले किसान को ही राहत दे पाई. हर तरफ से हारे सीताराम को अपनी बेटी की शादी रद्द करने पड़ी.

सिंधिया ने भी माना नहीं हुई कर्जमाफी

हाल ही में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कमलनाथ सरकार के खिलाफ कर्जमाफी को लेकर बयान दिया था. उन्होंने भिंड में एक रैली के दौरान कहा था, ”अभी सभी किसानों की कर्जमाफी नहीं की गई है. सिर्फ 50 हजार रुपये का कर्ज माफ किया गया, जबकि हमने 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का वादा किया था. 2 लाख रुपए तक के किसान कर्ज को माफ किया जाना चाहिए. हमने अपने वादे पर पूरी तरह से अमल नहीं किया है और वादा पूरा करना चाहिए.”

कमलनाथ ने दी सफाई

सिंधिया के कर्जमाफी वाले बयान पर मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है, “हमने पहली किश्त में 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ करने की बात कही थी, उसे किया है. अब आगे कर रहे हैं. अब दो लाख रुपये तक का करेंगे.”

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