दो महीने सोशल मीडिया करना होगा बंद और लगाने होंगे 5 पेड़, इन शर्तों पर 18 साल के छात्र को मिली जमानत

भिंड (Bhind) जिले के असवार गांव के निवासी हरेंद्र त्यागी को 23 जून को एक स्थानीय दुकानदार की पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उस पर IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
Keep off social media for 2 months, दो महीने सोशल मीडिया करना होगा बंद और लगाने होंगे 5 पेड़, इन शर्तों पर 18 साल के छात्र को मिली जमानत

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (MP HighCourt) की ग्वालियर बेंच ने 18 साल के छात्र को इस शर्त पर जमानत दी है कि उसे दो महीने के लिए सोशल मीडिया (Social Media) से दूर रहना होगा और पांच पेड़ लगाने होंगे.

दुकानदार की पिटाई के आरोप में किया गया गिरफ्तार

दरअसल भिंड जिले के असवार गांव के निवासी हरेंद्र त्यागी को 23 जून को एक स्थानीय दुकानदार की पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उस पर IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने बताया कि त्यागी को गिरफ्तार किया गया और 24 जून को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है.

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हरेंद्र त्यागी के वकील सुशांत तिवारी ने इस आधार पर जमानत अर्जी दाखिल की कि त्यागी की उम्र 18 साल है और वह एक उज्ज्वल छात्र है.

हरेंद्र त्यागी को इस आधार पर मिली जमानत

सुशांत तिवारी ने कहा, “त्यागी ने 2019 में 12वीं में 75% अंक हासिल किए. त्यागी कृषि महाविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (PAT) की तैयारी कर रहा है. Covid-19 के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई है और आने वाले महीनों में एग्जाम होगा और अगर उन्हें जमानत नहीं दी गई, तो इससे उनका भविष्य खराब हो जाएगा. कोरोना महामारी की स्थिति के चुनौतीपूर्ण समय को देखते हुए, उनके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया. उसने सबक को कठिन तरीके से सीखा और अब वो अपना रास्ता बदल देगा और एक बेहतर नागरिक बन जाएगा. ”

डिजिटल डिटॉक्सिफिकेशन की शर्त के साथ मिली जमानत 

सरकारी वकील कमलेश कोरी ने बताया कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, जस्टिस आनंद पाठक ने उसे मंगलवार को जमानत दे दी और डिजिटल डिटॉक्सिफिकेशन की एक विशेष शर्त भी रखी ताकि वह अपनी पढ़ाई में ध्यान लगा सके.

सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से रहना होगा दूर- कोर्ट 

अपने आदेश में कोर्ट ने कहा, “आवेदक अगले दो महीनों के लिए व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप से खुद को रिमूव कर देगा और डिजिटल डिटॉक्सिफिकेशन के लिए दो महीने तक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं होगा. अन्यथा जमानत वापस लेने पर विचार किया जाएगा. हर महीने आवेदक को संबंधित पुलिस स्टेशन में अपने डिजिटल डिटॉक्सिफिकेशन के बारे में एक रिपोर्ट देनी होगी और कोई भी डिफ़ॉल्ट उसे जमानत के लाभ से वंचित करेगा. आवेदक PAT की अपनी तैयारी को पूरा करेगा.”

सरकारी वकीन ने कहा, “उसे पांच पेड़ लगाने सहित अन्य शर्तों के साथ 50,000 रुपए के निजी बॉन्ड पर जमानत दी गई है.”

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