MP: भ्रष्टाचार मामलों में जांच अधिकारी रहे सहायक आबकारी आयुक्त के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा

रेड में इंदौर के कैलाश पार्क में 1500 वर्ग फीट के प्लॉट और श्री बिल्डर्स एंड डेवलपर्स में 5056 वर्ग फीट के एक आलीशान बंगले के बारे में पता चला है.
Alok Khare, MP: भ्रष्टाचार मामलों में जांच अधिकारी रहे सहायक आबकारी आयुक्त के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा

लोकायुक्त की टीम सहायक आबकारी विभाग आलोक खरे के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. आलोक खरे पर आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप है. उनके भोपाल, इंदौर, रायसेन, छतरपुर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी जारी है. लोकायुक्त टीम मंगलवार सुबह ही छापेमारी के लिए पहुंच गई.

छापेमारी में चूना भट्टी भोपाल में 3200 वर्ग फिट के एक प्लॉट के बारे में पता चला है. भोपाल के ग्राम तारा सेवनिया में 17.4 1 एकड़ कृषि भूमि की जानकारी मिली है. इंदौर के कैलाश पार्क में 1500 वर्ग फीट का प्लॉट, श्री बिल्डर्स एंड डेवलपर्स में 5056 वर्ग फीट का एक आलीशान बंगला और सेंचुरी 21 मॉल में 1890 वर्ग फिट के एक दफ्तर के बारे में जानकारी मिली है.

भ्रष्टाचार मामलों में जांच अधिकारी रहे आलोक खरे
दिलचस्प है कि आलोख खरे खुद भ्रष्टाचार के कई मामलों में जांच अधिकारी रह चुके हैं. अगस्त 2017 इंदौर संभाग में आबकारी विभाग में फर्जी रसीदों के जरिए 42 करोड़ रुपये का चूना सरकार को लगाया गया था. इस घोटाले का प्रमुख आरोपी संजय दुबे नाम के अधिकारी थे. संजय दुबे समेत कुल 11 अफसरों की विभागीय जांच चल रही थी. इस जांच का जिम्मा आलोक खरे के पास ही था.

जानकारी के मुताबिक, कुछ दिनों पहले इंदौर के एक ह्विसिल ब्लोअर आनंद राय और संजय दुबे के बीच एक ऑडियो वायरल हुआ था. ऑडियो में संजय दुबे स्थानीय विधायकों और मंत्रियों के लेनदेन में हिस्से की बात कर रहे थे. इस मामले में संजय दुबे को हटा दिया गया था. इस जांच में भी आलोक खरे शामिल थे.

आलोक खरे विभागीय जांच के अधिकारी थे, जो इन करोड़ों रुपये के घोटालों की जांच कर रहे थे. जांचकर्ता पर ही लोकायुक्त की कार्रवाई से यह साफ होता है कि मध्य प्रदेश का सरकारी महकमा किस तरह से भ्रष्टाचार की जंजीरों से जकड़ा हुआ है. साथ ही इस छापे को विभागीय खींचतान का नतीजा माना जा रहा है.

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