सहायक आबकारी आयुक्त के ठिकानों पर छापेमारी, घर में मिला 10 लाख का कुत्ता

बेहद ही रईस शौक फर्माने वाले आलोक खरे के पास से अब तक 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बरामद की जा चुकी है.
Lokayukta Raid, सहायक आबकारी आयुक्त के ठिकानों पर छापेमारी, घर में मिला 10 लाख का कुत्ता

मध्य प्रदेश में जिस तरह से काले धन के कुबेर सामने आ रहे हैं राजनीतिक लड़ाई भी तेज होती जा रही है. सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के घर और दूसरे ठिकानों पर की गई छापेमारी की कार्रवाई में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जानकारी के मुताबिक आलोक खरे बेहद ही रईस शौक फर्माते थे. लोकायुक्त पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक उनके घर पर जिस प्रजाति का पालतू कुत्ता था उसकी बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये है.

इसके अलावा हाल ही में उन्होंने अपने ऑफिस में 85000 की कुर्सी अपने बैठने के लिए बुलाई थी. सूत्र बताते हैं कि अब तक करीब 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति आलोक खरे के पास से बरामद की जा चुकी है. मामले में मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह का कहना है कि पिछले 15 सालों में छोटे-छोटे अधिकारी और छुट भैया नेता करोड़पति अरबपति बन गए.

कांग्रेस सरकार अब काली कमाई का खुलासा कर रही है इसीलिए उन्होंने सीएम कमलनाथ से मांग की है कि पिछले 15 सालों में जनप्रतिनिधियों और सरकारी अफसरों की संपत्ति की जांच की जानी चाहिए. जिससे उनकी काली कमाई का पता लगाया जा सके. इसके साथ-साथ भ्रष्टाचारियों के लिए एक अलग से जेल होनी चाहिए जिसमें काला पानी जैसी सजा मिले.

इसी मामले में बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर ही हमला बोला है. रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अगर जांच करनी ही है तो सिर्फ पिछले 15 सालों में ही क्यों. पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से अब तक किसने कितना कमाया इस बात का भी खुलासा किया जाना चाहिए, चाहे वह राष्ट्रीय स्तर पर जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल हो या तब से अब तक कांग्रेस शासनकाल की सरकारें. संपत्ति की जांच सभी की होनी चाहिए. सिर्फ पिछले 15 सालों की ही क्यों.

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