मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजा प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा, सभापति ने बनाई समिति

प्रमोशन में आरक्षण पर चर्चा पर एमपी विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, नियम सभी वर्गों के लिए एक सामान होने चाहिए.

भोपाल. मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण का जिन्न एक बार फिर से निकला है. विधानसभा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण शर्मा ने गैर आरक्षित वर्ग के प्रमोशन को लेकर सवाल उठाया, जिसपर काफी देर तक गहमा गहमी हुई. अब इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने समिति के गठन करने का फैसला किया है. साथ ही उन्होंने विपक्ष के प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने के निर्देश भी दिए हैं. दरअसल पूरा मामला प्रमोशन में आरक्षण से जुड़ा हुआ है.

बता दें कि, 2015 में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया था. जिसके खिलाफ तत्कालीन प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण के मामले में स्टे लगा दिया और आदेश यथास्थिति रखने को कहा. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक तत्कालीन सरकार ने सभी विभागों के सारे प्रमोशन रोक दिए.

इसके चलते 2016 से ही मप्र के किसी विभाग में कोई प्रमोशन नहीं हो सका है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि “प्रमोशन कर्मचारियों का अधिकार है. क्लास वन अफसरों के प्रमोशन हो रहे हैं लेकिन ऐसा लगता है कि वरिष्ठ अधिकारी कनिष्ठ अधिकारियों के प्रमोशन नहीं होने दे रहे. अब कमिटी बनाई गई है तो वो इस मामले की जांच करेगी कि सामान्य प्रमोशन आखिर क्यों नहीं हुए.”

इसपर कर्मचारी नेता सुनील नायक ने कहा कि, “राजनीति कारणों के चलते प्रमोशन रुक गए. तबकी सरकार ने सोचा कि कोई वर्ग नाराज न हो, इसलिए सारे प्रमोशन रोक दिए गए. कई कर्मचारी बिना प्रमोशन रिटायर तक हो गए.” वहीं कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि “कमेटी बनाई गई है, देखते हैं उससे क्या निष्कर्ष निकलता है.”

ये भी पढ़ें: लाइव देखी जा सकेगी ‘बाहुबली’ रॉकेट की लॉन्चिंग, 7 हजार से ज्यादा लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन

ये भी पढ़ें: यूपी ATS की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, 4 संदिग्ध गिरफ्तार