आकाश विजयवर्गीय की गिरफ्तारी के विरोध में BJP समर्थक ने की आत्मदाह की कोशिश

"भाजपा ने सिखाया है, पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन. हमने हाथ जोड़कर निवेदन कई बार किया, अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है. अब यह लड़ाई इनके खात्मे के साथ खत्म होगी."

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में जर्जर मकान को तोड़ने गए नगर निगम के अमले की क्रिकेट के बल्ले से पिटाई करने वाले भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया. आकाश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र हैं.

विजयवर्गीय की गिरफ्तारी के खिलाफ भाजपा के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी चक्कर में एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की. विधायक आकाश के समर्थक गौरव शर्मा को कोर्ट का आदेश बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने विरोध जताते हुए आत्मदाह करने का प्रयास किया. युवक की इस हरकत पर काबू पाकर पुलिस प्रशासन ने उसे पकड़ लिया है.

पुलिस के अनुसार, नगर निगम के अधिकारी धीरेंद्र व्यास की शिकायत पर एमजी रोड पुलिस थाने में आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और बलवा करने के लिए धारा 353, 294, 506, 147, 148 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस ने बताया कि इस मामले में विजयवर्गीय के अलावा 10 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.

नगर निगम के अधिकारी धीरेंद्र व्यास ने संवाददाताओं को बताया, “गंजी कंपाउंड क्षेत्र के जर्जर मकान को तोड़ने गए थे. इसी दौरान क्रिकेट के बैट से विधायक आकाश विजयवर्गीय ने अपने समर्थकों के साथ पिटाई कर दी.”

सूत्रों के अनुसार, बुधवार को नगर निगम का दल गंजी कंपाउंड क्षेत्र में एक जर्जर मकान को गिराने पहुंचा था. इसकी सूचना मिलने पर विधायक आकाश विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे, जहां उनकी नगर निगम के अमले से बहस हो गई. तभी वह क्रिकेट का बल्ला लेकर नगर निगम के अधिकारियों से भिड़ गए. विजयवर्गीय ने बल्ले से अफसरों की पिटाई भी की.

आकाश ने घटना के बाद संवाददाताओं से कहा, “नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी महिलाओं से अभद्रता कर रहे थे, जिस पर मुझे गुस्सा आ गया. गुस्से में क्या किया और क्या कहा, मुझे याद नहीं है.”

आकाश ने आगे कहा, “भाजपा ने सिखाया है, पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन. हमने हाथ जोड़कर निवेदन कई बार किया, अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है. अब यह लड़ाई इनके खात्मे के साथ खत्म होगी.”

वहीं राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा, “वह (आकाश विजयवर्गीय) जनप्रतिनिधि हैं. उन्होंने इस तरह का आचरण क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं है, मगर उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.”