कलेक्टर मंजू शर्मा ने क्यों कहा, महिलाओं के हाथ में सैंडल होना चाहिए?

मैं कलेक्टर के पद पर हूं, मेरे लिए कई बार वरिष्ठ लोगों ने कुछ कहा...छोटे लोगों ने कुछ कहा...लेकिन हमें इससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए.

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम में अशोकनगर कलेक्टर मंजू शर्मा ने लड़कियो और महिलाओं को मानसिक तौर पर मजबूत रहने का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि महिलाएं जीवन चक्र की धुरी हैं, हम स्त्रियों के बिना किसी भी समाज की कल्पना नहीं कर सकते हैं.

कलेक्टर मंजू शर्मा ने बालिकाओं को संदेश देते हुए कहा, ‘अपने आपको कमजोर मत समझो. हमारा समाज पुरुष प्रधान है, यहां कुछ अच्छे तो कुछ बुरे लोग भी होते हैं. जो लोग महिलाओं के बारे में गंदा सोच और बोल रहे हैं, अगर उनके सामने अपनी खुद बच्चियां भी आ जाएंगी तो उनकी भावनाएं गंदी ही रहेंगी. वो पिता, बेटे और बुजुर्ग सभी रूपों में गंदे ही होंगे.’

‘ये उन लोगों के खुद के विकार हैं. इसमें हम लोगों की कोई कमी नहीं है, हमें आगे बढ़ते रहना है. ऐसे गंदे लोगों से जब कोई काम नहीं हो पाता तो वो महिलाओं को बुरा बोलते हैं.’

मंजू शर्मा ने आगे कहा, ऐसे लोग अगर आपके सामने पड़ जाएं तो हिम्मत न हारें, आपके हाथ में सैंडल होना चाहिए…आपका जूता होना चाहिए और आपके हाथ होने चहिये. मैं कलेक्टर के पद पर हूं, मेरे लिए कई बार वरिष्ठ लोगों ने कुछ कहा…छोटे लोगों ने कुछ कहा…लेकिन हमें इससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए. हालांकि उनको एहसास दिलाना भी जरूरी है कि, हम क्या-क्या कर सकते हैं.

‘हम ये नहीं कहते कि हम समाज में सबसे आगे हैं, ये भी नहीं कहते कि हम पुरुषों से आगे हैं लेकिन उनके बराबर जरूर हैं, हमारे बिना वो कुछ नहीं हैं.’

मंजू शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी है.

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