भोपाल में बन रहा प्लाज्मा बैंक, Coronavirus मरीजों के लिए चलेगा डोनेशन अभियान

राज्य में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से सबसे ज्यादा प्रभावित भोपाल और इंदौर (Bhopal and Indore) हैं और कोरोना से अब तक कुल 820 मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें से आधे से ज्यादा मौतें सिर्फ इंदौर और भोपाल में हुई हैं.

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके, इस मकसद से राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा बैंक (plasma bank) बनाया जा रहा है. इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है. इस बैंक के लिए प्लाज्मा डोनेशन अभियान भी चलाया जाएगा.

देश में 100 जगहों पर प्लाज्मा बैंक बनाने की मंजूरी

कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी (Plasma therapy) को बड़ा मददगार माना गया है. देश के अनेक हिस्सों के साथ इंदौर में भी प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों का इलाज किया गया है और एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज प्लाज्मा बैंक भी बनाया गया है. इस थेरेपी को मिली सफलता के चलते इंडियन काउंसिलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च ने जरूरी कदम उठाए हैं. देश में 100 स्थानों पर प्लाज्मा बैंक बनाने की मंजूरी दी गई है, जिसमें एक भोपाल भी है.

ठीक हो चुके मरीजों से कहा जाएगा प्लाज्मा देने को

भोपाल के डिवीजनल कमिश्नर कवींद्र कियावत (Kavindra Kiyawat) ने बताया कि भोपाल में कोरोनावायरस संक्रमित लोगों का प्लाज्मा थेरेपी से इलाज करने के लिए प्लाज्मा डोनेशन अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान में कोरोनावायरस संक्रमण के इलाज के बाद ठीक हो चुके मरीजों को उनका प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

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गांधी मेडिकल कॉलेज के प्लाज्मा बैंक में ICMR और प्रशासन के मानकों का पालन करते हुए प्लाज्मा इकठ्ठा किया जाएगा. प्रशासनिक स्तर पर तय किया गया है कि संक्रमित व्यक्तियों के इलाज के 28 दिन बाद उन्हें प्रेरित कर प्लाज्मा डोनेशन के लिय तैयार किया जाए, उन्हें यह समझाएं कि उनके छोटे प्रयास से किसी व्यक्ति का जीवन बच सकता है.

क्यों दिया जा रहा है प्लाज्मा थेरेपी पर जोर

राज्य समेत भोपाल के हालात पर गौर करें तो एक बात सामने आती है कि यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, वहीं स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा उसके मुकाबले कहीं कम है. राज्य में मरीजों की संख्या बढ़कर 28,589 हो चुकी है. राजधानी में पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा मरीज सामने आए हैं. वहीं उसके मुकाबले स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या में कमी आ रही है. यही कारण है कि प्लाज्मा थेरेपी पर जोर दिया जा रहा है.

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित भोपाल और इंदौर

राज्य में कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित भोपाल और इंदौर हैं और कोरोना से अब तक कुल 820 मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें से आधे से ज्यादा मौतें सिर्फ इंदौर और भोपाल में हुई हैं. इंदौर में 304 और भोपाल में 159 मौतें हुई हैं. कुल मिलाकर इन दो जिलों में अब तक 463 मौतें हो चुकी हैं.

प्लाज्मा डोनेट करने वालों का रखा जाएगा ख्याल

इस अभियान को सफल बनाने के लिए NGO और अन्य सामाजिक संगठनों की भी मदद ली जाएगी. इसके साथ ही प्लाज्मा डोनेट करने वाले व्यक्तियों की भावनाओं का खास तौर पर ध्यान रखा जाएगा, ताकि उन्हें किसी तरह का आघात न पहुंचे. इसके लिए वन टू वन काउंसिलिंग की जाएगी और उनकी सहमति ली जाएगी, इसके साथ ही सुविधानुसार प्लाज्मा डोनेशन के सारे मानकों का पालन किया जाएगा.

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