भोपाल से दिग्विजय सिंह को चुनौती दे सकती हैं साध्वी प्रज्ञा, बोलीं- हम ही जीतेंगे धर्म युद्ध

यदि यह हिंदूवादी चेहरा भोपाल सीट से उतरता है तो कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की राह कठिन होने की संभावना बढ़ जायेगी.

भोपाल: मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा चुनाव लड़ सकती हैं. इस बात को बल तब और मिल गया जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन बुधवार को थाम लिया.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में बताया कि उन्होंने पार्टी कल ही ज्वाइन कल ली थी. आज बस मैं एक औपचारिक भेंट करने आई हूं. आज सबका मन बहुत अच्छा था. ये धर्म युद्ध हम ही जीतेंगे. पार्टी ज्वाइन करने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि राष्ट्र के विरुद्ध जो षड्यन्त्रकारी हैं, ये धर्म युद्ध उन्हीं लोगों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि मेरे लिए कोई बड़ी चुनौती नही है, हमारे साथ शिवराज जी है.


बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो प्रज्ञा को भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने का आलाकमान ने मन बना लिया है. प्रज्ञा ने बताया कि बीजेपी कार्यलय में रामलाल, अनिल जैन और शिवराज सिंह चौहान के साथ मैं औपचारिक भेंट करने आई हूं. साध्वी प्रज्ञा का पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रभात झा और विजेश लुनावत ने बीजेपी में स्वागत किया. मालूम हो कि भाजपा ने अभी तक भोपाल लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.

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कांग्रेस ने भोपाल से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है. दूसरी ओर भाजपा अब तक उम्मीदवार का ऐलान नहीं कर पाई है. यहां से केंद्रीय मंत्री उमा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा प्रज्ञा ठाकुर के नाम की चर्चा चल रही है. साध्वी प्रज्ञा सितंबर 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में वह नौ वर्ष तक जेल में थीं और फिलहाल जमानत पर हैं. मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में साध्वी प्रज्ञा का जन्म हुआ था. प्रज्ञा इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.

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मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से भोपाल सीट ऐसी है, जिसे जीतने का सपना कांग्रेस देखती भी नहीं. भोपाल लोकसभा सीट में 1989 से लगातार भाजपा का कब्ज़ा रहा है. इस लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा सीटें आती हैं-भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण पश्चिम, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा, हुजूर, सिहोर और बैरसिया. इन 8 विधानसभाओं में से 3 (भोपाल मध्य, दक्षिण पश्चिम औऱ उत्तर) पर कांग्रेस का कब्ज़ा है जबकि बाकी 5 सीटों पर भाजपा काबिज़ है.

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