ये हैं इंदौर के ‘राहुल गांधी,’ नाम की वजह से न सिम मिलता है न लोन, देखें Video

इंदौर के राहुल गांधी की मुश्किल ये है कि नाम की वजह से उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता.

राहुल गांधी का कांग्रेस पर ही नहीं, अपने नाम पर भी पूरा कंट्रोल है. उनका नाम कोई और रख ले तो उसका जीना मुश्किल हो जाता है. ऐसा इंदौर के राहुल गांधी के साथ हो चुका है. ये मजाक नहीं, सच है. इंदौर में राहुल रहते हैं जिनका सरनेम गांधी है. इसी वजह से उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता. न उन्हें सिम मिलती है न कोई बैंक लोन देने को तैयार होता है.

पिता को साथियों ने दिया था नाम

23 वर्षीय राहुल के पिता का नाम राजेश गांधी है, उनकी कपड़े की दुकान है. इससे पहले वे बीएसएफ में थे तो उनके साथी उन्हें गांधी कहते थे. राहुल के मुताबिक इसी वजह से पिता ने गांधी सरनेम लिख लिया. राहुल का नाम भी स्कूल में गांधी ही लिखवाया. 23 साल से यही नाम डॉक्यूमेंट्स में चला आ रहा है.

नाम बन गया मुसीबत

बचपन में तो ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आई लेकिन अब हर कदम पर मजाक उड़ाया जाता है. अखंडनगर में रहने वाले राहुल ने सिम के लिए अप्लाई किया तो कंपनी ने उनका नाम देखकर वेरिफिकेशन से इंकार कर दिया. उन्होंने छोटे भाई के नाम से सिम ली. उनके नाम पर कोई बिल भी नहीं बनता.

राहुल ने कार लेने का प्लान बनाया तो लोन के लिए एक कंपनी को फोन किया. उनसे बहुत अच्छे तरीके से बात की गई, जब तक राहुल ने अपना पूरा नाम नहीं बताया. राहुल गांधी नाम बताते ही कंपनी की कर्मचारी हंसने लगी और कहा कि राहुल गांधी इंदौर कब आ गए? आखिर कॉल कट गई और राहुल को लोन नहीं मिला.

अब सरनेम बदलवाना चाहते हैं राहुल

राहुल अपने साथ हो रही इन घटनाओं से इतने परेशान हो गए हैं कि अब अपना सरनेम बदलवाना चाहते हैं. उन्होंने अपने समाज का सरनेम ‘मालवीय’ रखने का फैसला किया है. अपने डॉक्यूमेंट्स में नाम बदलवाने के लिए उन्होंने अप्लाई भी कर दिया है.

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