‘गांव में भंडारा कराओ तब होगा शुद्धीकरण’ रेप पीड़‍िता के परिवार को पंचायत का फरमान

इस अजीब फैसले को लेकर मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की गई है.

राजगढ़: नरसिंहगढ़ ब्‍लॉक में एक पंचायत ने एक अजीब फैसला सुनाया. एक बलात्कार पीड़‍िता के परिवार पर तब तक समाज से बाहर रहने के लिए दबाव बनाया, जब तक वह गांव में भंडारा कराकर शुद्ध न हो. पीड़ि‍त परिवार को ना तो सामाजिक कार्यक्रमों में उसे बुलाया जा रहा है. ना ही कोई उनके घर में किसी कार्यक्रम में आ रहे हैं. पीड़‍िता के माता-पिता ने राजगढ़ पहुंच जिम्मेदारों से न्याय की गुहार लगाई है. इस अजीब फैसले को लेकर मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में भी की गई है.

नरसिंहगढ़ के डूंगरपुरा गांव में 17 साल की किशोरी के साथ गांव के ही सियाराम नाम के युवक ने बलात्‍कार किया. इसी रिपोर्ट पीड़‍ित परिवार ने पुलिस में की. करीब 8 दिन बाद एफआईआर के बाद आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया गया. समाज ने लड़की की शुद्धि के लिए अजीब फरमान सुनाया जिसमें उन्हें गांव में भंडारा कराने के लिए कहा गया.

इस फरमान के लिए गांव के ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण भी जुटे. सभी ने लिखित में यह आदेश तैयार किया जिस पर पीड़‍िता के माता-पिता के भी हस्ताक्षर कराए. गरीब परिवार होने के कारण वह अभी तक भंडारा नहीं करा पाया है. हाल ही में एक आयोजन पीड़‍ित परिवार के घर भी हुआ था. इसमें गांव के किसी भी व्यक्ति ने हिस्‍सा नहीं लिया.

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