Exit Polls के आंकड़ों से जोश में BJP, MP गवर्नर से मांग- कमलनाथ से साबित करवाएं बहुमत

मध्‍य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 116 विधायक चाहिए.

नई दिल्‍ली: मध्‍य प्रदेश भाजपा ने राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. पार्टी का दावा है कि एमपी में कमलनाथ के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार के पास बहुमत नहीं है. राज्‍यपाल को लिखे पत्र में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि नई सरकार बने 6 माह हो चुके हैं. इस दौरान कई समस्‍याएं उत्‍पन्‍न हो गई हैं इसलिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को मुख्‍यमंत्री को निर्देशित करें. BJP ने लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल्‍स जारी होने के अगले दिन ही यह मांग उठाई है.

गोपाल भार्गव ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में कहा कि ‘जिस तरह से केंद्र और राज्य में बीजेपी को अपार जन समर्थन मिल रहा है, कई कांग्रेस के विधायक वर्तमान सरकार से परेशान हो चुके हैं और हमारे साथ आना चाहते हैं.’ उन्‍होंने कहा कि “हम खरीद फरोख्त नहीं करेंगे लेकिन कांग्रेस के ही विधायक अब उनकी सरकार के साथ नहीं हैं.” भार्गव ने कहा कि सरकार को इस सत्र में अपना बहुमत साबित करना होगा क्योंकि जनता उन्हें अब पूरी तरह से नकार रही है. ये सरकार अपने ही बोझ से गिर जाएगी.

एग्जिट पोल्‍स में अनुमान लगाया गया है कि मध्‍य प्रदेश में पार्टी विधानसभा चुनाव वाली बढ़त बरकरार रखने में असफल रहेगी. दिसंबर 2018 में, कांग्रेस ने मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी के हाथों से सत्‍ता छीन ली थी.

Exit Poll, Exit Polls के आंकड़ों से जोश में BJP, MP गवर्नर से मांग- कमलनाथ से साबित करवाएं बहुमत
राज्‍यपाल को भेजी गई चिट्ठी

क्‍या हैं विधानसभा के समीकरण?

230 सदस्‍यीय विधानसभा में कमलनाथ सरकार के पास 114 सदस्‍य हैं और उसे चार निर्दलीयों का समर्थन हासिल है. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के दो और समाजवादी पार्टी का एक विधायक भी उसके समर्थन में है. बीजेपी के पास 109 विधायक हैं.

हाल ही में जब गुना लोकसभा सीट से बसपा उम्‍मीदवार ने पाला बदल कांग्रेस का दामन थामा था तो मायावती ने कमलनाथ सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी. मायावती ने कहा था, “वक्‍त आने पर कांग्रेस को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ऐसी ही हरकतों की वजह से, हमने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिराई थी.”

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