MP: मंत्री इमरती देवी ने कमलनाथ पर साधा निशाना, कहा- नए और पुराने सीएम में कौड़ी-मोहर का अंतर

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुईं इमरती देवी (Imarti Devi) ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास टाइम केवल वल्लभ भवन में बड़े उद्योगपति, बड़े लोगों को बुलाने के लिए था. उनके पास‌ विधायक-मंत्रियों के लिए टाइम नहीं था.
Imarti devi target kamal nath, MP: मंत्री इमरती देवी ने कमलनाथ पर साधा निशाना, कहा- नए और पुराने सीएम में कौड़ी-मोहर का अंतर

मध्य प्रदेश सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत की. इमरती देवी ने कहा कि पुराने मुख्यमंत्री और नए मुख्यमंत्री में कौड़ी-मोहर का अंतर है.

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात तो दूर, हम साथ में खड़े नहीं हो सकते थे. शिवराज सिंह तो बात भी करते हैं और साथ बैठाते भी हैं. उन्होंने बताया कि कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल की वजह है सही फीडबैक नहीं होना. कमलनाथ को लेकर कहा कि जिसे किसानी से लेना देना नहीं वो उनकी समस्या क्या समझेंगे.

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उन्होंने आगे कहा, “पुराने मुख्यमंत्री अच्छे होते तो क्यों छोड़ कर आते, नए मुख्यमंत्री अच्छे हैं इसीलिए तो हम आए हैं.” दोनों में कौड़ी-मोहर का अंतर है. पूर्व मुख्यमंत्री तो उद्योगपति थे, व्यापारी थे उन्हें फर्क नहीं पड़ता था कि किसानों और छोटे व्यापारी की समस्या क्या है, लेकिन नए मुख्यमंत्री किसान के बेटे हैं. वो बहुत अच्छे से जानते हैं, हम कई बार उनके साथ बैठे है. वो अच्छे हैं.

कमलनाथ के पास केवल उद्योगपति के लिए समय, मजदूरों के लिए नहीं

इमरती ने कहा कि कमलनाथ (Kamalnath)  जब पास में खड़े नहीं होने देते थे तो हकीकत उन्हें बताते कैसे, उनके पास तो टाइम ही नहीं था. उनके पास टाइम वल्लभ भवन में बड़े उद्योगपति को बुलाना, बड़े लोगों को बुलाना इसके लिए टाइम था. उनके पास‌ विधायक मंत्रियों के लिए टाइम कहां था. कभी उनसे बात नहीं की न कभी उनके पास बैठे.

जिसके लिए टाइम था वो सबने देखा है. आप सबने दिखाया है. किसानों गरीबों मजदूरों के लिए टाइम कहां था. किस जिले में उन्होंने दौरा किया? किस जिले में गए, कब देखा कि ओले गिरे हैं, उन्हें क्या पता, जानते ही नहीं किसानी होती क्या है? फीडबैक था ही नहीं तो घर बैठ गए, अगर सही फीडबैक होता तो घर क्यों बैठते?

डेढ़ साल में दूर होगा कुपोषण

कुपोषण को लेकर कहा उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में कई बच्चे कुपोषण से मुक्त करा लिए‌ हमनें, हम अधिकारियों से मिलकर जल्दी ही कुपोषण दूर करेंगे. ‌‌मुझे सब पता है, 1.5 साल में मैंने यही विभाग देखा है, कोरोना के चलते हम पीछे हो गए हैं, हमारी‌ महिलाएं घर-घर जा रही हैं, एक‌ महिला को कोरोना हो गया तो उनकी मुख्यमंत्री जी ने आर्थिक सहायता भी की.

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