भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आशीष शेलार ने सोमवार को कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का हिंदुत्व उसके नए सहयोगियों NCP और कांग्रेस की संगत में ‘‘मिलावटी’’ हो गया है और पार्टी को अब विचारधारा पर BJP-RSS से एक ‘‘प्रमाणपत्र’ की जरूरत है. शिवसेना की रविवार शाम को हुई वार्षिक दशहरा रैली के दौरान ठाकरे के भाषण में कमियां निकालते हुए शेलार ने इसे ‘‘पूरी तरह से असफल’’ करार दिया.

शेलार ने ठाकरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के वार्षिक दशहरा भाषण की गलत व्याख्या करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि वह शिवसेना के हिंदुत्व की तुलना RSS से नहीं करें. नागपुर में रविवार सुबह भागवत द्वारा दिए गए भाषण का हवाला देते हुए ठाकरे ने कहा था, ‘‘RSS प्रमुख ने कहा कि हिंदुत्व ऐसा शब्द है जिसके अर्थ को पूजा से जोड़कर संकुचित किया गया है.’’

ठाकरे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हिंदुत्व के बारे बयान को लेकर उनपर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा था, ‘‘उनकी तरह काली टोपी पहनने वाले लोगों के पास अगर दिमाग है तो उन्हें इस बात को समझना चाहिए.’’ दरअसल, कोश्यारी ने इस महीने के शुरू में धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर ठाकरे को पत्र लिखकर उनके हिंदुत्व पर सवाल उठाया था.

RSS के हिंदुत्व से आज की शिवसेना के हिंदुत्व की तुलना ना करें

शेलार ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘RSS प्रमुख के भाषण का उल्लेख (ठाकरे द्वारा) भाषण में किया गया. उद्धव जी ने RSS के हिंदुत्व की तुलना आज के शिवसेना के हिंदुत्व से की. हम उनसे विनम्रतापूर्वक दोनों की तुलना नहीं करने के लिए कहते हैं.’’ महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने कहा कि RSS का हिंदुत्व ‘‘त्वचा है’’ जबकि ठाकरे ने सत्ता के लिए शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की हिंदुत्व की शॉल हटा दी.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘बेहतर होता कि यदि उन्होंने भागवत का भाषण समग्रता से सुना होता. उन्होंने RSS प्रमुख के भाषण से सुविधाजनक हिस्सों को उठाया.’’ शेलार ने कोविड-19 के प्रकोप के चलते अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ई-भूमि पूजन का विचार देने और ‘‘CAA का पहले समर्थन करने और फिर उसका विरोध करने’’ को लेकर भी ठाकरे पर निशाना साधा.

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भागवत ने शिवसेना की तरह मुद्दों पर अपने रुख में घालमेल नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘‘उद्धव जी, आपका हिंदुत्व कांग्रेस और NCP की संगत में मिलावटी हो गया है. हां, हम दोहराते हैं, आपको हिंदुत्व के प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी.’’ शेलार ने कहा, ‘‘आपको इसे RSS और BJP से लेने की जरूरत है और हां, काली टोपी से भी.’’

नारायण राणे ने भी साधा ठाकरे पर निशाना

मुख्यमंत्री ठाकरे द्वारा उनकी सरकार को गिराने की चुनौती दिए जाने पर शेलार ने कहा कि ठाकरे की टिप्पणी असुरक्षा से उपजी है. उन्होंने कहा कि महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार ‘‘अपनी करनी के चलते’’ जाएगी. शेलार ने कहा कि MVA सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाने से पहले कम से कम मुंबई में ठीक तरह से प्रशासन चलाना चाहिए. उन्होंने साथ ही कहा कि शिवसेना की दशहरा रैली में ‘‘एकमात्र प्रभावी भाषण’’ राज्यसभा सदस्य संजय राउत का था.

इस बीच, BJP नेता नारायण राणे ने भी कहा कि पुरानी सहयोगी पार्टी BJP से नाता तोड़कर ‘‘गलत तरीके से धर्मनिरपेक्ष दलों’’ के साथ गठबंधन करने के बाद ठाकरे को हिंदुत्व पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. ठाकरे ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अपने बेटे आदित्य ठाकरे पर लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा था, ‘‘बिहार के बेटे को न्याय के लिए शोर मचा रहे लोग महाराष्ट्र के बेटे का चरित्र हनन करने में लगे हैं.’’

ठाकरे की टिप्पणी का जवाब देते हुए, राणे ने अपने पहले के दावे को दोहराया कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ‘‘हत्या’’ की गई थी. उन्होंने कहा, ‘‘हत्या के आरोपी एक दिन सलाखों के पीछे जाएंगे. उनमें से एक मंत्री होगा, जो उनका (ठाकरे का) पुत्र है?’’ शिवसेना के पूर्व नेता राणे ने हालांकि, अपने दावे के समर्थन में सबूत नहीं दिए और उक्त मंत्री का नाम भी नहीं लिया.

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कांग्रेस द्वारा वीडी सावरकर की आलोचना पर चुप्पी के लिए बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधे जाने के एक दिन बाद शिवसेना ने पलटवार करते हुए सोमवार को पूछा कि बीजेपी ने पूर्व हिंदुत्व विचारक को अब तक भारत रत्न क्यों नहीं दिया? मालूम हो कि कांग्रेस राज्या में महा विकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना की सहयोगी है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी इस गठबंधन में तीसरा सहयोगी दल है.

संवाददाताओं से शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न “महान और हिंदुत्ववादी नेता” सावरकर को दिया जाना चाहिए. शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली के दौरान रविवार को पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कोविड-19 की स्थिति की वजह से विशाल शिवाजी पार्क की जगह यहां दादर इलाके में सावरकर हॉल में अपना संबोधन दिया था.

प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने बाद में सत्ताधारी दल पर सत्ता के लिये हिंदुत्व से समझौते का आरोप लगाया. उपाध्ये ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस द्वारा सावरकर की आलोचना पर एक शब्द नहीं कहा और अब उन्हें सावरकर प्रेक्षागृह से दशहरा रैली को संबोधित करना पड़ा.”

“सावरकर पर शिवसेना के रुख को लेकर देखें इतिहास”

उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने सोमवार को कहा कि शिवसेना “कभी सावरकर से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं रही और कभी ऐसा करेगी भी नहीं.” बीजेपी का नाम लिए बगैर राउत ने कहा कि पार्टी को सावरकर पर शिवसेना के रुख को लेकर इतिहास खंगालना चाहिए. राज्यसभा सदस्य ने कहा, “वीर सावरकर हमेशा से शिवसेना और हिंदुत्व के प्रेरक रहे हैं, जो लोग हम पर सवाल उठा रहे हैं…वे वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं देते?”

राउत ने जानना चाहा, “आपने अपने पिछले छह साल से शासन में कई लोगों को यह पुरस्कार दिया. वीर सावरकर को भारत रत्न देने में आपको क्या परेशानी थी?” बता दें कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद पिछले साल शिवसेना ने राज्य में लंबे समय से उसकी सहयोगी रही बीजेपी का दामन छोड़ दिया था. शिवसेना ने सत्ता में साझेदारी और बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद संभालने के मुद्दे पर एक राय न होने के बाद यह कदम उठाया था.

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महाराष्ट्र में कोरोनावायरस का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार कोरोना संक्रमित (Ajit Pawar Coronavirus Positive) हो गए हैं. फिलहाल उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में एडमिट किया गया है. बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फणनवीस भी कोरोना संक्रमित हो गए थे.

अजित पवार ने ट्वीट किया, मेरा कोरोना परीक्षण पॉजिटिव (Ajit Pawar Coronavirus Positive) है, हालांकि मैं अच्छे स्वास्थ्य में हूं. एहतियात के तौर पर डॉक्टर की सलाह पर ब्रीच कैंडी को अस्पताल में भर्ती हूं. राज्य के नागरिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं सहित राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अनुरोध किया जाता है, चिंता का कोई कारण नहीं है. मैं अच्छे स्वास्थ्य में हूं और थोड़े समय के आराम के बाद मैं जल्द ही आपके साथ काम करूंगा.

भारत में कोरोना के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में ही सामने आए हैं. वहां अबतक 16,45,020 कोरोना मरीज मिल चुके हैं. इसमें से 43,264 ने जान गंवाई वहीं 14,60,755 लोग ठीक हुए. फिलहाल महाराष्ट्र में 1,40,486 एक्टिव मरीज हैं. भारत की बात करें तो कुल केस 79,09,624 हो चुके हैं. इसमें से 6,54,472 केस फिलहाल ऐक्टिव हैं. 71,34,769 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं वहीं 1,19,043 ने वायरस की वजह से जान गंवाई है.

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महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों को अलग रखने के लिए जिन रेलवे कोचों (Railway Isolation Coaches) को तैयार किया गया था, अबतक उनका कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है. एक आरटीआई से इसकी जानकारी मिली है. पता चला है कि उन 900 कोचों में से किसी में भी एक मरीज को भी नहीं रखा गया. इनपर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.

खबरों के मुताबिक, रविंद्र भागवत नाम के शख्स ने यह आरटीआई दायर की थी. सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे से इसकी जानकारी मांगी गई थी. हालांकि रेलवे अधिकारी इसे पैसे की बर्बादी नहीं मानते. क्योंकि बुरे हालात के लिए ऐसी तैयारी की जरूरत थी.

6 करोड़ में तैयार हुए थे 900 कोच

कोरोना मरीजों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन कोच (Railway Isolation Coaches) बनाए गए थे. इनके लिए 900 नॉन एसी स्लीपर कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया था. इसमें करीब 6 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. मिली जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल रेलवे ने 3.8 करोड़ में 482 और वेस्टर्न रेलवे ने 2 करोड़ में 410 कोचों को तैयार करके महाराष्ट्र सरकार के लिए रखा था.

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दिल्ली, यूपी और बिहार में इस्तेमाल हुए रेलवे आइसोलेशन कोच

मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे देश में 5000 कोविड केयर कोच तैयार किए गए थे. इनमें 80 हजार बेड की सुविधा थी. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के मरीजों ने इनमें से कुछ का इस्तेमाल भी किया था. तीनों राज्यों के कुल 933 मरीजों ने इनका इस्तेमाल किया. ये सभी अब ठीक होकर घर लौट चुके हैं.

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दक्षिण मुंबई (South Mumbai) के सिटी सेंटर मॉल (City Centre) में गुरुवार को लगी आग (Fire) पर आखिरकार आज सुबह काबू पा लिया गया. हालांकि कूलिंग ऑपरेशन (Cooling Operation) अभी भी जारी है. मुंबई फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) ने बताया कि सिटी सेंटर मॉल में लगी आग को करीब 56 घंटे बाद आज सुबह 5 बजे बुझा लिया गया.

250 से ज्यादा दमकल (Fire Brigade) की गाड़ियों और 228 टैंकरों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू (Extinguished) पाया गया. दमकल अधिकारी (Officer) ने कहा कि मॉल की कई दुकानों में ज्वलनशील वस्तुएं, जैसे मोबाइल फोन की बैटरी, चार्जर और तार होने की वजह से अभी भी धुआं उठ रहा है, इसीलिए कूलिंग ऑपरेशन (Cooling Operation) अभी भी चलाया जा रहा है.

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चार दिन बाद बुझाई गई मॉल में लगी आग

मुंबई के नागपाड़ा इलाके में सिटी सेंटर मॉल की दूसरी मंजिल पर गुरुवार शाम को आग लगी थी, देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप ले लिया. आग एक दुकान से दूसरी मंजिलों तक फैल गई. जिसके बाद से दमकल विभाग लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा था.

आग को बुझाने के लिए 250 से ज्यादा दमकल की गाड़ियां और 228 टैंकर मौके पर मौजूद रहे. कड़ी मशक्कत के बाद आज आग पर काबू पाया जा सका.

शनिवार को एक एमएफबी अधिकारी ने बताया कि सिटी सेंटर मॉल काफी बड़े इलाके में फैला हुआ है, मॉल में करीब 400 दुकाने हैं. आग लगने की वजह से मॉल की छत गिर गई, जिसकी वजह से आग पर काबू पाने में काफी दिक्कत आ रही थी.

धुएं से दम घुटने के बाद दमकल कर्मचारी अस्पताल में भर्ती

वहीं आग को बुझाते समय दमकल विभाग के कुछ कर्मचारी भी झुलस गए थे, जिसके बाद उन्हें नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया थाा, हालांकि ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. धुएं की वजह से दम घुटने के कारण एक डिप्टी फायर ऑफिसर को भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.

मॉल में लगी आग को शुरुआत में ‘मामूली श्रेणी’ में रखा गया था, लेकिन रात 10 बजकर 45 मिनट पर इसे तीसरे स्तर तक बढ़ा दिया गया, आधी रात में आग ने भयानक रूप ले लिया, जिसके बाद इसे चौथे स्तर में रखा गया.

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आग बढ़ते देखकर मॉल के पास मौजूद एक बहुमंजिला इमारत को एहतियात के तौर पर पहले ही खाली करा लिया गया था, इमारत में करीब 3,500 से ज्यादा लोग मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, मॉल के सेकेंड फ्लोर पर स्थित एक मोबाइल शॉप में शार्ट सर्किट के चलते आग लगी थी. इसके बाद ये पूरे फ्लोर पर फैल गई. हालांकि, आग लगने की वजह की अभी जांच की जाएगी.

विजयादशमी के मौके पर हर बार की तरह महाराष्ट्र में आज राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) का कार्यक्रम (RSS Dussehra function) हुआ. कोरोना की वजह से सीमित लोगों के साथ हुए इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat on RSS Dussehra function) ने संबोधन दिया. मोहन भागवत ने यहां चीन को चेतावनी दी. इसके साथ-साथ उन्होंने कोरोना वायरस, राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले आदि पर बात की.

मोहन भागवत ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और संसद में पास हुए नागरिकता संशोधन कानून का भी उल्लेख किया.

दशहरे पर संघ का यह कार्यक्रम नागपुर में संघ मुख्यालय में हुआ था. कोरोना महामारी को देखते हुए ऑडिटोरियम में सिर्फ 50 लोगों को आने की अनुमति थी. विजयादशमी पर मोहन भागवत (Mohan Bhagwat on RSS Dussehra function) ने क्या कहा पढ़ें

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घातक कोरोनावायरस का कहर अभी भारत पर बना हुआ है. इससे जुड़ा एक डरानेवाला आंकड़ा मुंबई (Coronavirus in Mumbai) से सामने आया है. मुंबई भारत का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां अबतक कोरोना से 10 हजार लोगों की मौत (Corona Death Toll in Mumbai) हो गई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि कुल मरीजों में से 88 फीसदी ठीक भी हो गए.

मुंबई में शनिवार को कोरोना (Coronavirus in Mumbai) के 1,257 और मरीज सामने आए. इसके साथ-साथ 50 लोगों की और मौत हुई, जिससे मुंबई में कुल मौतों का आंकड़ा 10,000 पार पहुंच गया. मुंबई में अबतक कोरोना से 10,016 लोगों की मौत हो चुकी है. यह भी पता चला है कि जान गंवानेवाले 85 फीसदी लोग 50 साल की उम्र से ज्यादा के थे.

मुंबई में 88 फीसदी कोरोना रिकवरी रेट

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो शहर में अबतक 2,50,061 कोरोना केस सामने आए हैं. इसमें से 10,016 की मौत हुई. वहीं 2,19,152 लोग रिकवर हो गए. शनिवार को 898 लोग ठीक हुए थे. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शनिवार को बताया था कि मुंबई में कोरोना रिकवरी रेट 88 फीसदी है, वहीं ग्रोथ रेट अब 0.58 फीसदी पर है. 24 अक्टूबर तक मुंबई में कुल 19,554 कोरोना एक्टिव केस थे.

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पूरे महाराष्ट्र राज्य की बात करें तो वह भारत में सबसे ज्यादा प्रभावित है. यहां अबतक 16,38,961 कोरोना केस मिल चुके हैं. इसमें से 14,55,107 लोग ठीक हुए वहीं 43,152 लोगों ने जान गंवाई. फिलहाल 1,40,194 केस ऐक्टिव हैं.

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सफेद टोपी और सफेद कुर्ता पहनने वाला मुंबई का वो डॉन, जिसका दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के साथ छत्तीस का आंकड़ा था. आए दिन डी-कंपनी (D-Company) के साथ उसका गैंगवॉर चलता था. 90 के दशक में वो अरुण गवली (Arun Gawli) ‘सुपारी किंग’ और ‘डैडी’ के नाम से मशहूर हुआ. बाद में मुंबई के इस गैंगस्टर ने राजनीति में भी हाथ आजमाया. 1990 के दशक में जब मुंबई में गैंगवार जोरों पर था. सारे गैंगस्टर देश छोड़कर भाग रहे थे, तब अरुण गवली ही था, जो मुंबई छोड़कर नहीं गया.

17 जुलाई 1955 को अहमदनगर जिले के कोपरगांव में जन्मा अरुण गवली और उसका भाई किशोर उर्फ पप्पा 1970 के दशक में मुंबई आए थे. शुरुआत में अरुण गवली मुंबई की टेक्सटाइल मिल में काम करता था. 1970 से 1980 के अंत तक, मुंबई की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में हुई बहुत सी हड़तालों की वजह से कई मिलों में ताला लग गया. बहुत से नौजवान इससे बेरोजगार हो गए, जिनमे गवली भी शामिल था. इसके बाद गवली रामा नाइक और बाबू रेशीम की “बायकुल्ला कंपनी” में शामिल हुआ, जो सेंट्रल मुंबई के बायकुल्ला, परेल और सात रास्ता इलाकों में जुर्म का कारोबार चलाते थे.

1984 से 1988 तक, बायकुल्ला कंपनी ने दाऊद की डी-कंपनी की कई मामलों में मदद की. साल 1988 में एक पुलिस एनकाउंटर में रामा नाइक के मारे जाने के बाद, अरुण गवली ने इस गैंग की कमान संभाली और अपने घर, दगडी चौल से अपराध का धंधा चलाने लगा.

कैसे शुरू हुआ गवली गैंग और डी-कंपनी के बीच गैंगवॉर?

पुलिस एनकाउंटर में रामा नाइक की मौत पर गवली का कहना था कि उस एनकाउंटर की योजना दाऊद इब्राहीम ने बनाई थी और तभी से डी-कंपनी और गवली गैंग के बीच गैंगवॉर की शुरुआत हुई. गवली का गैंग काफी खतरनाक था और इसी वजह से डी-कंपनी के शरद शेट्टी, छोटा राजन, छोटा शकील और सौत्या उर्फ सुनील सावंत, जैसे बहुत से गैंगस्टर मुंबई छोड़कर दुबई भाग गए थे. फिर गवली के गैंग की भिडंत अमर नाइक और अश्विन नाइक के गैंग से हुई, जो सात रास्ता के लाल विटाची चौल से गैंग चलाते थे.

अरुण गवली (FILE)

साल 2004 में गवली ने ‘अखिल भारतीय सेना’ नाम की पार्टी बनाई और मुंबई के चिंचपोकली इलाके से विधानसभा का चुनाव जीता, लेकिन जब गवली का भतीजा और विधायक, सचिन अहीर उसकी पार्टी छोड़कर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गया, तो गवली का राजनीतिक करियर संकट में आ गया. बाद में लोकसभा चुनाव में सचिन अहीर NCP के टिकट पर गवली के खिलाफ खड़ा हुआ. दोनों को हार का सामना करना पड़ा और शिव सेना के मोहन रावले ने ये सीट जीती. गवली की बेटी गीता हाल ही में BMC चुनाव में कॉर्पोरेटर बनी हैं.

पुख्ता सबूत न होने की वजह से कानून के शिकंजे से बचता रहा गवली

मुंबई पुलिस ने कई बार, दगडी चौल की बिल्डिंग पर रेड डाली और फिर गवली के अंडरवर्ल्ड ऑपरेशन को तोड़ने में कामयाबी भी मिली. कई आपराधिक मामलों में गवली को गिरफ्तार किया गया और कई बार वो लंबे समय तक जेल में रहा, लेकिन पुख्ता सबूत न होने की वजह से वो कानून के शिकंजे से बचता रहा, फिर शिवसेना के नेता कमलाकर जमसंदेकर की हत्या के आरोप में वो फंस गया और अदालत ने अगस्त 2012 में उसे सजा सुनाई.

अरुण गवली पर बॉलीवुड की कई फिल्मे बनी हैं. साल 2015 में मराठी फिल्म ‘दगडी चौल’ में मकरंद देशपांडे का किरदार जिसे ‘डैडी’ भी कहा गया, अरुण गवली के जीवन पर ही आधारित है. साल 2017 में रिलीज हुई हिंदी फिल्म ‘डैडी’ भी गवली के ही जीवन पर आधारित है, जिसमें अर्जुन रामपाल ने गवली का किरदार निभाया है.

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मुंबई (Mumbai) के सेवरी टीबी अस्पताल (TB Hospital) में एक कोरोना संक्रमित मरीज (Covid Patient) के लापता होने के 14 दिन बाद उसका शव (Dead Body) पाया गया. दरअसल टीबी का 27 साल का मरीज कोरोना संक्रमण होने के बाद से लापता हो गया था, 14 दिन बाद उसका शव अस्पताल के ही शौचालय (Hospital Toilet) में पाया गया.

मामला उजागर होने के बाद बीएमसी (BMC) ने 40 से ज्यादा अस्पताल वार्ड कर्मचारियों (Block Workers) को नोटिस (Notice) जारी किया है, इसके साथ ही इस मामले में उच्चस्तरीय जांच (High Level Inquiry) के आदेश भी दिए गए हैं. 14 दिन तक शौचालय में पडे़ रहने की वजह से मरीज का शव इतना खराब हो चुका था, कि उसके लिंग की पहचान करना भी मुश्किल हो गया था.

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‘टीबी मरीजों का अस्पताल से फरार होना आम बात’

अस्पताल अधीक्षक डॉ ललित कुमार आनंदी ने कहा कि जब उन्होंने अस्पताल के रिकॉर्ड जांचे, तब उन्हें सूर्यभान यादव नाम के एक 27 साल के मरीज के वार्ड से लापता होने की जानकारी मिली , उन्हें पता चला कि मरीज 4 अक्टूबर से वार्ड से लापता है, जिसके बाद उन्होंने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. डॉक्टर ने यह भी कहा कि टीबी के मरीजों का अस्पताल से फरार होना आम बात है.

अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि मरीज सूर्यभान यादव के 30 सितंबर को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद, गोरेगांव में एक मेडिकल अधिकारी ने उसे टीबी अस्पताल में रेफर किया था, लेकिन भर्ती होने के दौरान उसने अपना सही पता नहीं बताया था. अंदाजा लगाया जा रहा है कि 4 अक्टूबर को वह शौचालय गया होगा, और सांस फूलने के बाद वह वहीं गिर गया होगा.

14 दिन तक शौचालय में पड़ा रहा मरीज का शव

अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि 18 अक्टूबर तक किसी भी मरीज या कर्मचारी ने बदबू आने की शिकायत नहीं की. एक वार्ड बॉय को जब तीन बंद क्यूबिकल्स में से एक से बदबू आने का एहसास हुआ, उसके बाद दीबार फांदकर देखने पर अंदर शव होने का पता चला. अस्पताल ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद शव को केईएम अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. वहीं फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ हरीश पाठक ने मरीज की मौत प्राकृतिक कारणों से होने की पुष्टि की है.

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अब अस्पताल प्रबंधन से पूछा गया कि स्टाफ के किसी सदस्य ने सफाई करते समय बंद क्यूबिकल की जांच क्यों नहीं की, इसके जवाब में डॉ आनंद ने कहा कि शौचालय को एक दिन में तीन बार साफ किया जाता है, लेकिन कभी-कभी मरीज इस पर अपना कब्जा जमा लेते हैं, इसलिए क्लीनर चला जाता है. उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात वार्ड में सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है.

मुंबई (Mumbai) से एक रूह में कंपा देने वाली घटना सामने आयी है, जहां एक 35 वर्षीय मां ने अपनी ही 12 साल की बेटी की पीठ में पेंसिल घोंप (Pencil Stabbed) दी. ये सब ऑनलाइन क्लास (Online Class) के दौरान तब हुआ जब टीचर (Teacher) द्वारा पूछे गए सवालों का बेटी जवाब नहीं दे पाई.

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती है, वो रोज की तरह बुधवार को अपनी ऑनलाइन क्लासेस ले रही थी. इसी दौरान टीचर ने सवाल पूछा, जिसका वो उत्तर नहीं दे पाई. टीचर के सवालों का जवाब देने में नाकाम रहने पर गुस्साई महिला ने अपनी बेटी की पीठ पर पेंसिल घोंप दी, इतना ही नहीं महिला ने कई बार अपनी बेटी को दांत से काटा और शरीर पर जख्म दिए.

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पूरी घटना की चश्मदीद पीड़िता की छोटी बहन ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर -1098 पर कॉल कर दी, जिसके बाद NGO के दो प्रतिनिधि पीड़िता के घर पहुंचे. उन्होंने बच्ची की मां को समझाने का प्रयास किया, मगर वो अपनी करतूत पर अड़ी रही, जिसके बाद उसके खिलाफ बेटी के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया, हालांकि पुलिस अभी तक महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकी है.

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मुंबई (Mumbai) सेंट्रल इलाके के सिटी सेंटर मॉल (City Centre Mall) में लगी आग पर 36 घंटे से भी ज्यादा समय के बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है. दमकलकर्मी (Fire Brigade) लगातार आग (Fire) को बुझाने में जुटे हुए हैं दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 18 दमकल इंजन और 10 बड़े टैंकर आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं.

मुंबई के सिटी सेंटर मॉल की दूसरी मंजिल (Second Floor) पर बृहस्पतिवार रात आठ बजकर करीब 50 मिनट पर आग लगी थी, तब से लगातार आग (Fire) पर काबू करने की कोशिश जारी है, दमकल अधिकारियों ने कहा कि गनीमत यह है कि आग में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. हालांकि आग बुझाने के अभियान में पांच दमकल कर्मी (Five Fire Brigade Workers) जरूर झुलस गए, लेकिन फिलहाल उनकी हालत स्थिर है. सभी को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

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सुरक्षा के लिए खाली कराई गई मॉल के पास वाली इमारत

मॉल में लगी आग को शुरुआत में ‘मामूली श्रेणी’ में रखा गया था, लेकिन रात 10 बजकर 45 मिनट पर इसे तीसरे स्तर तक बढ़ा दिया गया, आधी रात में आग ने भयानक रूप ले लिया, जिसके बाद इसे चौथे स्तर में रखा गया .

आग बढ़ते देखकर मॉल के पास मौजूद एक बहुमंजिला इमारत को एहतियात के तौर पर पहले ही खाली करा लिया गया था, इमारत में करीब 3,500 से ज्यादा लोग मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, मॉल के सेकेंड फ्लोर पर स्थित एक मोबाइल शॉप में शार्ट सर्किट के चलते आग लगी थी. इसके बाद ये पूरे फ्लोर पर फैल गई. हालांकि, आग लगने की वजह की अभी जांच की जाएगी.

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 आदित्य ठाकरे ने लिया हालात का जायजा

गुरुवार को मुंबई में यह आग लगने की दूसरी घटना थी,  इससे पहले दिन में कुर्ला पश्चिम स्थित एक कपड़ा कारखाने में आग लग गई थी. इस पर दो घंटे से अधिक समय बाद काबू पा लिया गया. महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार रात घटनास्थल का दौरा किया और आग बुझाने के अभियान का जायजा लिया.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को किसानों समेत राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की राहत राशि की घोषणा की है. ठाकरे ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी सरकार के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि दिवाली तक यह सहायता मुहैया करा दी जाएगी.

मुख्यमंत्री ठाकरे ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार को केंद्र से अब भी कुल 38 हजार करोड़ रुपए मिलने बाकी हैं. उन्होंने कहा, “मुझे पैकेज शब्द पसंद नहीं है, हम 10 हजार करोड़ रुपए की सहायता मुहैया कराएंगे. इसका इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.” वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास वर्षा में हुई इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी हिस्सा लिया.

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ठाकरे ने इस मौके पर कहा, “किसानों को मिलने वाली 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर की मदद को हमने बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर करने का फैसला किया है. मैं केंद्र से भी ऐसा ही करने का अनुरोध करता हूं. अब तक हमने आपदा प्रभावित लोगों को लगभग 3800 करोड़ रुपए की मदद पहुंचा दी है.”

महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह आई बारिश और बाढ़ के चलते पुणे, औरंगाबाद और कोंकण डिवीजन में कई लोगों की मौत हो गई. इस दौरान लाखों हेक्टेयर फसल भी बर्बाद हो गई. उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर, नांदेड़ और सोलापुर के पंढरपुर इलाके में बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान हुआ. वहां बड़े पैमाने पर सोयाबीन, कपास और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है.

(न्यूज एजेंसी इनपुट के साथ)

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मुंबई (Mumbai) में कोरोना के लक्षणों (Covid Symptoms) के हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं. जिन लोगों को कभी कोरोना संक्रमण नहीं हुआ, उनमें कोरोना के लक्षण सामने आ रहे हैं. मुंबई के एक अस्पताल (Hospital) में इलाज के लिए पहुंचे एक 60 साल के बुजुर्ग में बिना वायरस संक्रमण (Virus Infection) के सांस लेने में तकलीफ(Breathing Issue) , थकान और सूखी खांसी के लक्षण मिले हैं. बुजुर्ग को वायरस संक्रमण नहीं था, लेकिन फिर भी उनके फेफड़ों में संक्रमण (Lungs Infection) तकलीफ कोरोना संक्रमण की तरह ही सामने आई है.

एक हाई-रिज़ॉल्यूशन सीटी स्कैन (CT Scan) से उनके शरीर में इम्यून सिस्टम में कोरोना वायरस से लड़ने के निशान मिले. बुजुर्ग के फेफड़ों में भी कोरोना जैसे हल्के लक्षण (symptoms) देखे गए.

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मरीज की हिस्ट्री के बाद कोरोना संक्रमण का खुलासा

अस्पताल में डॉक्टर ने टेस्ट कर उनमें दूसरी बीमारी की सभी संभावनाओं को खारिज कर दिया. मरीज ने बताया कि फरवरी-मार्च महीने में लॉकडाउन से पहले उन्होंने वाराणसी समेत कई धार्मिक शहरों की यात्रा की थी, जिसके बाद उन्हें की दिनों तक उन्हें हल्का बुखार रहा.

बुजुर्ग की हिस्ट्री और उनकी कंडीशन को देखते हुए डॉक्टर्स इस नतीजे पर पहुंचे, कि बुजुर्ग को कोरोना हो चुका था, जिसके बाद उन्हें स्टेरॉइड्स और इन्हेलर दिया गया.

बिना संक्रमण के मरीजों में पोस्ट-कोविड लक्षण

कोरोना संक्रमण के बिना ही लक्षण मिलने का जून में यह पहला मामला सामने आया था, लेकिन अब इस तरह के और भी मामले लगातार समाने आ रहे हैं. ऐसे कई लोग पोस्ट कोरोना लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिन्हें पहले संक्रमण हुआ ही नहीं. पहले उन्हें सिर्फ बुखार और खांसी हुई थी, जो दो तीन दिन में ठीक हो गया था.

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पोस्ट कोरोना लक्षण मिलने के बाद मरीजों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया, जिसमें वह नेगेटिव पाए गे, हालांकि एंटीबॉडी टेस्ट में कोरोना संक्रमण की बात सामने आ रही है. वहीं डॉक्टर्स ने दावा किया है कि ज्यादातर मरीजों ने कोरोना के हल्के लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया था

बिहार (Bihar) में वोट के बदले मुफ्त वैक्सीन (Free Vaccine) के मुद्दे को लेकर शिवसेना (Shivsena) बीजपी पर पूरी तरह हमलावर है. शिवसेना नेता संजय राउत ने बीजेपी (BJP) पर तंज किया है कि पहले कहा जाता था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, लेकिन अब कहा जाता है कि तुम मुझे वोट (Vote) दो, मैं तुम्हें वैक्सीन दूंगा.

संजय राउत (Sanjay Raut) ने सवाल उठाया कि क्या फ्री वैक्सीन (Vaccine) सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी, जो बीजेपी को वोट (Vote) देंगे. इसके साथ ही संजय राउत ने कहा कि वोट के बदले वैक्सीन का वादा करके बीजेपी ने अपनी भेदभाववादी नीति को जनता के सामने उजागर कर दिया है.

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वोट के बदले मुफ्त वैक्सीन पर घमासान

बीजेपी के घोषणापत्र में मुफ्त वैक्सीन का वादा

दरअसल गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने जनता को फ्री कोरोना वैक्सीन देने का वादा किया है, जिसे लेकर देश में विवाद पैदा हो गया है. बीजेपी के सिर्फ बिहारवासियो के लिए फ्री कोरोना वैक्सीन के वादे पर तमाम राजनीतिक पार्टियों समेत बॉलीवुड तक सवाल उठ रहे हैं. डायरेक्टर ओनिर ने ट्वीट कर कहा कि ये दुखद है कि वोट के बदले फ्री वैक्सीन देने का वादा किया जा रहा है.

दरअसल बिहार में घोषणापत्र जारी करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत में करीब तीन कोरोना वैक्सीन का ट्रायल करीब पूरा हो गया है, अगर वैज्ञानिक इसे हरी झंडी दे देते हैं, तो देश में बड़े स्तर पर वैक्सीन का उत्पादन होगा, जिससे बिहार के लोगों को मुफ्त में वैक्सीन मिलेगी.

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मुफ्त वैक्सीन के वादे के बाद बीजेपी पहले ही विपक्ष के निशाने पर है, अब तमिलनाडु में भी मुफ्त वैक्सीन चुनावी मुद्दा बन गई है. तमिलनाडु के सीएम ई पलानीसामी ने भी वादा किया है कि कोरोना वैक्सीन तैयार होते ही पूरे राज्य को इसका मुफ्त टीका मिलेगा.

महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजधानी मुंबई (Mumbai) के नागपाड़ा (Nagpada) इलाके में स्थित एक मॉल (Mall) में बीती रात भीषण आग (Fire) लग गई. आग की भयावहता को देखते हुए इसे लेवल-5 फायर घोषित किया गया है. आग बुझाने के प्रयास में अग्निशमन के दो कर्मचारी घायल हो गए हैं. साथ ही मॉल के पास स्थित एक 55 मंजिला इमारत से करीब 3500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. आग पर काबू पाने का प्रयास अभी जारी है.

एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई में सिटी सेंटर मॉल में आग रात करीब आठ बजकर 53 मिनट पर लगी. घटनास्थल पर कम से कम 24 दमकल गाड़ियां, 16 जंबो टैंकर और 250 दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं.

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पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाले गए लोग

नागपाड़ा में सिटी सेंटर मॉल के पास ही आर्किड एन्क्लेव बिल्डिंग स्थित है. इस बिल्डिंग में फंसे करीब 3500 लोगों को पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया है.

गुरुवार रात 8:53 बजे के करीब लगी आग

मॉल में आग गुरुवार रात 8:53 बजे के करीब लगी थी. उस वक्त इसे लेवल-1 फायर बताया गया था. हालांकि धीरे-धीरे आग ने विकराल रूप अख्तियार करना शुरू कर दिया. लेवल-3 से होते हुए लेवल-5 तक आग की भयावहता जा पहुंची. आग पर काबू पाने के लिए शुक्रवार रात को 2:41 बजे और अधिक दमकल की गाड़ियों और कर्मियों को बुलाना पड़ा.

शार्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका

रिपोर्ट के मुताबिक, मॉल के सेकेंड फ्लोर पर स्थित एक मोबाइल शॉप में शार्ट सर्किट के चलते आग लगी थी. इसके बाद ये पूरे फ्लोर पर फैल गई. हालांकि, आग लगने की वजह की अभी जांच की जाएगी.

मालूम हो कि गुरुवार को मुंबई में यह आग लगने की दूसरी घटना है. इससे पहले दिन में कुर्ला पश्चिम स्थित एक कपड़ा कारखाने में आग लग गई थी. इस पर दो घंटे से अधिक समय बाद काबू पा लिया गया.

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बारिश और बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के ठाणे में अब आकाशीय बिजली (तड़ित) कहर बनकर गिर ((Lightning in Maharashtra) रही है. वहां अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने (Lightning in Thane) की वजह से अबतक 1 शख्स की मौत हो चुकी है वहीं 26 घायल हैं. इनमें से 22 लोगों के घायल होने का बुधवार को पता चला है.

इससे पहले पुलिस ने ही बिजली की चपेट (Lightning in Thane) में आकर एक लड़के की मौत की बात कही थी. उसकी उम्र सिर्फ 15 साल थी. वहीं तबतक 4 अन्य घायल बताए गए थे. लेकिन अब नंबर बढ़कर 26 हो गया है. दूसरी तरफ महाराष्ट्र इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ का सामना भी कर रहा है. इसकी वजह से अलग-अलग जगहों पर 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बाढ़ प्रभावित उस्मानाबाद जिले का खटेगांव गांव में पहुंचे थे. वहां उन्होंने फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया था. बता दें कि पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश की वजह से राज्ये के कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है.

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उद्धव ठाकरे सरकार ने बुधवार को राज्य में मामलों की जांच के लिए महाराष्ट्र द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दी गई आम सहमति को वापस ले लिया है. CBI ने उत्तर प्रदेश पुलिस के आधार पर मंगलवार को TRP घोटाला मामले में FIR दर्ज की थी. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित रिपब्लिक टीवी इस मामले में आरोपी चैनलों में से एक है.

TRP मामला एक विज्ञापन कंपनी प्रमोटर की शिकायत पर पहले लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था. जिसे बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने CBI के हवाले कर दिया. ये कथित घोटाला तब सामने आया जब रेटिंग्स देने वाली एजेंसी BARC (Broadcast Audience Research Council) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने कुछ चैनलों पर विज्ञापनदाताओं को लुभाने के लिए TRP नंबरों में धांधली करने का आरोप लगाया.

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यह आरोप भी लगाया गया कि कुछ परिवार जिनके घरों में दर्शकों के डेटा इकट्ठे करने के लिए मीटर लगाए गए थे, उन्हें एक विशेष चैनल देखने के लिए रिश्वत दी जा रही थी. इसके बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोपी रिपब्लिक टीवी और अन्य तीन पर TRP से छेड़छाड़ का आरोप लगाया.

मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को दो अन्य लोगों को TRP से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया है. इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार होने वाले लोगों की संख्या 8 हो गई है. किसी चैनल या कार्यक्रम की TRP का विज्ञापन एजेंसियों द्वारा उसकी लोकप्रियता का पता लगाने के लिए किया जाता है, इस पर ही उन्हें मिलने वाले विज्ञापनों की कीमत निर्भर करती है.

भारत में लगभग 45,000 से ज्यादा घरों में मीटर लगे हैं, जिन्हें बार-ओ-मीटर (Bar-O-Meter) कहा जाता है और इन्हीं के आधार पर TRP निकाली जाती है. भारत में TRP पॉइंट्स BARC द्वारा निकाले जाते हैं. जिन घरों में मीटर लगे हैं, उनके घरों में देखे जाने वाले कार्यक्रमों और चैनलों को देखे जाने वाले समय के आधार पर ही साप्ताहिक रेटिंग्स BARC द्वारा जारी की जाती है.

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महाराष्ट्र में बड़े राजनीतिक चेहरे एकनाथ खडसे ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. वो काफी वक्त से पार्टी से नाराज़ चल रहे थे. फडणवीस सरकार में मंत्री रह चुके खडसे का अगला कदम क्या होगा ये अभी स्पष्ट नहीं है. हालांकि खडसे ने औपचारिक रूप से इस्तीफे का ऐलान नहीं किया है. महाराष्ट्र में वो भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के तौर पर जाने जाते हैं. वह 2019 तक लगातार छह बार महाराष्ट्र के मुक्ताईनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं.

खडसे की राजनीति की शुरुआत उनके जलगांव ज़िले के कोठाड़ी गांव से ही हुई. खड़से अपना पहला ग्राम पंचायत चुनाव हार गए थे, जिसके बाद वो 1987 में कोठाड़ी गांव के सरपंच बने. 1989 में उन्होंने मुक्ताईनगर विधानसभा से चुनाव लड़ा और विधानसभा सदस्य बने. 1980 के वक्त में भारतीय जनता पार्टी के ज़रिए राजनीति में एंट्री करने वाले खडसे ने उत्तर महाराष्ट्र में पार्टी को मज़बूत किया.

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महाराष्ट्र के ओबीसी लीडर के तौर पर बनाई पहचान

लेवा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले खडसे ने खुद को ओबीसी लीडर के तौर पर महाराष्ट्र की राजनीति में पहचान बनाई. खडसे ने 1995-1999 महाराष्ट्र राज्य सरकार में शिवसेना-भाजपा गठबंधन के नेतृत्व में वित्त और सिंचाई दोनों विभागों को संभाला. उन्होंने नवंबर 2009 से अक्टूबर 2014 तक विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया.

2014 में सीएम के दावेदारों में से एक थे खडसे

2014 में वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के पद के दावेदारों में से एक थे. हालांकि इस पद पर आखिरकार देवेंद्र फडणवीस को चुना गया. हालांकि उन्हें राजस्व मंत्रालय मिला. 3 जून 2016 को खडसे ने भ्रष्टाचार और कार्यालय के दुरुपयोग के आरोपों के बाद राजस्व मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया.

2019 के चुनावों में नहीं मिला टिकट

2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए, भाजपा ने उम्मीदवार की सूची से एकनाथ खडसे का नाम हटा दिया. खडसे ने इसे आंतरिक पार्टी की राजनीति करार देते हुए देवेंद्र फडणवीस और गिरीश महाजन पर इसके लिए आरोप लगाया. हालांकि पार्टी ने उनकी बेटी रोहिणी खड़से खेवालकर को टिकट दिया, लेकिन वो शिवसेना के प्रत्याशी से 1987 वोट से हार गईं.

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2016 से पहले भी इस बयान को लेकर चर्चा में रहे

खड़से 2016 के भ्रष्टाचार के आरोपों से पहले भी विवादों में आए. वो पहली बार तब विवादों में आए जब उन्होंने किसानों से मोबाइल पर पैसा खर्च करने के बजाय बिजली बिल भरने को कहा था. वहीं लातूर में पानी की समस्या के बावजूद अस्थाई हेलीपैड पर 10 हज़ार लीटर पानी की बर्बादी को लेकर भी उनकी खूब आलोचना हुई. उस समय लातूर में पीड़ित किसान पानी की मांग कर रहे थे.

महाराष्ट्र बीजेपी (Maharashtra BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) ने पार्टी से इस्तीफा (Resignation) दे दिया है. इसे लेकर एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने आधिकारिक घोषणा की है. पाटिल ने यह भी बताया कि एकनाथ खडसे शुक्रवार को दोपहर 2 बजे एनसीपी में शामिल होंगे. एकनाथ खडसे का इस्तीफा महाराष्ट्र बीजेपी के लिए तगड़ा झटका बताया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि खडसे लंबे समय से बीजेपी से नाराज चल रहे थे. उनके बेहद करीबी सूत्रों का कहना है कि खडसे के मुताबिक पार्टी में रहने का अब कोई औचित्य नहीं है. खडसे आज शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफे का एलान कर सकते हैं.

खडसे ने महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष को भेजा इस्तीफा

एकनाथ खडसे ने अपना इस्तीफा महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल को भेज दिया है. इसमें कहा गया है कि ‘व्यक्तिगत कारणों के चलते मैं बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं.’

‘हम चाहते थे कि खडसे बीजेपी में रहें लेकिन…’

बीजेपी प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा कि एकनाथ खडसे हमारे नेता थे और हम चाहते थे कि वो बीजेपी में रहें, लेकिन उन्होंने अपना मन बना लिया है, तो क्या कर सकते हैं. आज उन्होंने इस्तीफा भेज दिया है. हम उनके नए पार्टी में शामिल होने के लिए बधाई देते हैं.

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राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एकनाथ खडसे उद्धव ठाकरे सरकार में किसी मंत्री पद को संभाल सकते हैं. कहा जा रहा है कि खडसे की नजर कृषि मंत्रालय पर है, जो अभी शिवसेना के पास है.

इसी बीच एनसीपी नेता शरद पवार का बयान सामने आया. उन्होंने कहा था कि एकनाथ खडसे का महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा करने में अहम योगदान रहा है. ऐसे में अब उन्हें पार्टी में किनारे किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है.

रविवार को भी आई थी बीजेपी छोड़ने की खबर

इससे पहले रविवार को ये खबर सामने आई थी कि एकनाथ खडसे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, कुछ समय बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इन दावों को गलत बताया था. उन्होंने कहा था कि खडसे ऐसा नहीं करेंगे.

मालूम हो कि 2015 में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद एकनाथ खडसे को देवेंद्र फडणवीस की सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद से ही खडसे का राजनीतिक करियर एक तरीके से ढलान पर आ गया था. खडसे के समर्थक कहते हैं कि देवेंद्र फडणवीस के कारण ही उन्हें जानबूझकर किनारे किया जा रहा है.

पीएमओ समेत अन्य टॉप दफ्तरों में सेंध लगाने की साजिश, चीनी युवती से पूछताछ में बड़ा खुलासा

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के राज्यपाल से मुलाकात कर महिलाओं से जुड़े हुए मुद्दों पर बात की. उन्होंने इस दौरान राज्य में बढ़ रहे ‘लव जिहाद’ के मामलों पर भी चिंता ज़ाहिर की. रेखा शर्मा ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में लव-जिहाद के मामले बढ़े हैं. रेखा शर्मा मुंबई के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और उनसे जुड़े तमाम मुद्दों, योजनाओं का वो रिव्यू कर रही हैं.

शर्मा ने कहा है कि राज्य में बढ़ रहे ‘लव-जिहाद’ के मामलों पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हालांकि उन्होंने राज्य में इन मामलों के बढ़ने को लेकर कोई डाटा साझा नहीं किया है. राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से एक तस्वीर ट्वीट की गई है जिसमें रेखा शर्मा महाराष्ट्र के राज्यपाल के साथ मौजूद हैं. ट्वीट में कहा गया है कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, यौन शोषण, रेप और महिला कोरोना मरीजों की देखभाल, राज्य में बढ़ते ‘लव-जिहाद’ के मुद्दों पर राज्यपाल के साथ चर्चा की.

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एनसीडब्लू का एक सदस्य हर महीने जाएगा मुंबई

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया और जोर देकर कहा कि शिकायतों को समय पर हल करने के लिए जल्द से जल्द पद भरा जाना चाहिए. रेखा शर्मा की तरफ से दावा किया गया है कि राज्य आयोग द्वारा प्राप्त 4000 शिकायतों का निवारण अब तक नहीं किया गया है. जब तक ये पद नहीं भरा जाता है तब तक एनसीडब्लू का एक सदस्य हर महीने राज्य में उठाई गई चिंताओं पर ध्यान देने के लिए राज्य का दौरा करेगा.

इन मुद्दों पर भी जानकारी ले रहीं रेखा शर्मा

शर्मा ने वन स्टॉप सेटर्स की स्थिति के बारे में जानकारी ली, और इन्हें फिर से खोलने की मांग की. शर्मा के बयान में कहा गया है कि POCSO के तहत दर्ज किए गए 188 मामले वैधानिक रूप से तीन महीने ज़्यादा वक्त से लंबित हैं. इन्हें प्राथमिकता के आधार पर देखा जाना चाहिए.

उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में महिलाओं द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता और जमीनी हकीकत के बारे में जानने के लिए कई महिला अधिकार समूहों और गैर-सरकारी संगठनों से भी मुलाकात की.

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महाराष्ट्र (Maharashtra) के नंदुरबार (Nandurbar) जिले में बुधवार को एक बस दुर्घटना (Bus Accident) में पांच लोगों की मौत हो गई और 35 घायल हैं. यह हादसा खामचुंदर गांव के पास उस वक्त हुआ, जब यात्रियों से भरी बस को एक दूसरी बस ने टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही बस अनियंत्रित हो गई और अचानक खाई में जा गिरी. घायलों को नंदुरबार सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस अधिक्षक महेंद्र पंडित ने बताया, “मलकापुर से सूरत जा रही बस रात करीब एक बजे के आसपास 60-80 फीट गहरी खाई में जा गिरी. दरअसल, इस बस की एक दूसरी बस से टक्कर हो गई थी.”

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उन्होंने बताया कि बस चालक, सफाईकर्मी और तीन यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. बस अन्य जो 35 लोग सवार थे उन्हें गहरी चोट आई है. सभी घायलों को इलाज के लिए नंदुरबार सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया है.

पीलीभीत बस हादसे में सात लोगों की मौत

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही यूपी के पीलीभीत में असम हाईवे के पूरनपुर और सेहरामऊ बार्डर पर एक रोडवेज बस और पिकअप की टक्कर हो गई. हादसे के बाद दोनों वाहन रोड से नीचे खाई में जाकर पलट गए. सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई. पुलिस ने रेस्क्यू कर घायलों को सीएचसी पूरनपुर भिजवाना शुरू किया, जहां डॉक्टरों ने नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया. जबकि हादसे में पिकअप और बस में सवार 30 लोग घायल हो गए.

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. हालत गंभीर होने पर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. यह हादसा उस वक्त हुआ जब पीलीभीत डिपो की एक अनुबंधित बस लखनऊ से सवारी लेकर जिले की ओर आ रही थी. बस जब असम हाईवे पर पहुंची तो वहां से एक पिकअप वैन जा रही थी. तभी रात करीब ढाई बजे अंधेरा होने के कारण पिकअप वैन रोडवेज बस में जा घुसी.

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मुंबई ईडी (Mumbai ED)  ने अंडरवर्ल्ड डॉन (Under World Don) के सहयोगी इकबाल मिर्ची के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने इकबाल मिर्ची के परिजनों की सात अचल संपत्तियों (Seven Immovel Properties) और सात बैंक खातों में पड़ी 22.42 करोड़ रुपए की संपत्ति की पीएमएलए (PMLA)के तहत कुर्की की है.

कुर्की (Attached) की गई अचल संपत्तियों में मुंबई में एक टॉकीज, एक होटल(Hotel) , एक निर्माणाधीन होटल, एक फ़ार्म हाउस, दो बंगले और पंचगनी में 3.5 एकड़ जमीन (Land) शामिल है.

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इकबाल मिर्ची की 789 करोड़ की संपत्ति जब्त

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 776 रुपये की कुल संपत्ति जब्त की थी,जिसमें 203 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति भी शामिल है.नई कुर्की के साथ कुल जब्ती करीब 798 करोड़ रुपए की हो गई है.

ईडी ने 26 सितंबर 2019 को इकबाल ​​मिर्ची और दूसरे लोगों के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी. इस मामले में कपिल वधावन, धीरज वधावन और हुमायूं मर्चेंट समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.

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पीएमएलए की विशेष अदालत के सामने अभियोजन पक्ष की तरफ से 9 दिसंबर 2019 को एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसपर कोर्ट ने संज्ञान लिया . मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने के मामले में इकबाल मिर्ची के दोनों बेटों, आसिफ मेमन, जुनैद मेमन और उसकी पत्नी हाजरा मेमन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे. आगे की जांच जारी है.

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ) को आज रिलीज हुए 25 साल पूरे हो चुके हैं. भारत के फिल्म इतिहास में ये फिल्म एक आईकॉनिक फिल्म है. जिसे हर शख्स ने देखा ही होगा. ये बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में एक ऐसा सिनेमा हॉल भी है जिसमें ये फिल्म आज भी चल रही है.

जी हां मुंबई के मराठा मंदिर नाम एक सिनेमा हॉल में ये फिल्म आज भी रोज लगती है और दर्शकों का मनोरंजन करती है. हाल ही में इस फिल्म के 25 साल पूरे होने के खास मौके पर इस सिनेमा हॉल के मालिक मनोज देसाई ने एबीपी न्यूज से बात की है. सिनेमा हॉल के मालिक मनोज देसाई का कहना है कि भले ही कोरोना के चलते इस फिल्म के हम 25 साल लगातार शो नहीं चला पाए लेकिन हम खुश हैं कि हमने फिल्म का साथ कभी नहीं छोड़ा और ये फिल्म आज भी चल रही है.”

शाहरुख खान और काजोल

शाहरुख खान और काजोल

मनोज आगे कहते हैं कि महामारी के बाद अब सिनेमा हॉल वापस खुल गए हैं. जिस वजह से अब इसके शो को हम पूरा करेंगे. हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं. हमने इस फिल्म के फैंस के लिए कभी इस फिल्म के टिकट का रेट नहीं बढ़ाया है, हमारे यहां आज भी इस फिल्म का रेट बालकनी के लिए 25 रुपए, डीसी के लिए 20 रुपए, और स्टाल के लिए 15 रुपये ही है. हम इस फिल्म को पिछले 1237 हफ्तों से चला रहे हैं. जो एक रिकॉर्ड है. हमने इस फिल्म के हर शो को सेलिब्रेट किया है. इस वजह से ये फिल्म हमारे लिए बहुत खास है.

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दर्शकों के बारे में बात करते हुए मनोज ने बताया कि – “दर्शक इसे देखते हैं इस वजह से ही हम इस फिल्म का शो रोज रखते हैं. दर्शकों में हमारे पास वो शादीशुदा जोड़ियां हैं जिन्होंने जब डेट कर रहे थे उस वक्त भी यहां फिल्म देखी, फिर सगाई के बाद, शादी के बाद, हनीमून और अब तो सबके बच्चे हैं. तभी वो कभी कभी समय निकालकर इस फिल्म को देखने आते हैं. यही रिश्ता हमने हमारे दर्शकों के साथ बनाया है. इसपर मुझे बहुत गर्व होता है. मेरी जिंदगी को इस फिल्म ने बनाया. मैं ऐसे जोड़ियों को जनता हूं जिन्होंने इस फिल्म को हमारे हॉल में 240 बार देखा है.”

शाहरुख खान और काजोल

शाहरुख खान और काजोल

फिल्म के 25 साल पूरे होने पर बड़े जश्न की तैयारी की जा रही है. इसको मुंबई में ही नहीं लंदन में सेलिब्रेट किया जाएगा. दरअसल दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म के 25 साल पूरे होने पर लंदन में शाहरुख और काजोल की कांस्य मूर्तियां लगने वाली हैं.

मुंबई मराठा मंदिर

मुंबई मराठा मंदिर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्ट ऑफ लंदन बिजनेस एलायंस ने बताया कि लीस्टेट स्कावर पर लगी चुनिंदा फिल्मों की प्रतिमाओं में अब दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का नाम भी शामिल हो गया है. यहां अब इस फिल्म का सीन भी रखा जाएगा. यहां जगह बनाने वाली ये पहली भारतीय फिल्म है जिसकी इस तरह की प्रतिमा लगेगी. इन प्रतिमाओं का अनावरण अगले साल यानी 2021 की शुरुआत में होगा.

मुंबई (Mumbai) के चेम्बूर इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सवारी लेकर जा रहे बस ड्राइवर को अचानक ही हार्ट अटैक आ गया, जिसके चलते बस असंतुलित हो गई और ट्रैफिक सिग्नल से जा टकराई, हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.

जानकारी के मुताबिक, ये हादसा मंगलवार दोपहर 12 बजे हुआ. जब ये हादसा हुआ तब बस में 20 से ज्यादा यात्री सवार थे. बस चलाने के दौरान ड्राइवर को अचानक हार्टअटैक आ गया, जिसके कारण बेस्ट की बस ट्रैफिक सिग्नल से टकराते हुए एक सब्जी की दुकान के अंदर जा घुसी. इस दुर्घटना में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया.

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बीएमसी ने अपने बयान में कहा, ‘बस सुबह 10.30 बजे घाटकोपर स्टेशन से चली थी. जब ये बस चेंबूर के टाटा पावर स्टेशन के पास पहुंची, तब अचानक ही बस ड्राइवर को हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद उसका बस पर से कट्रोल छूट गया और बस एक सब्जी की दुकान में जा घुसी. फिलहाल ड्राइवर को घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.

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महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर जिले के नालासोपारा वेस्ट में एक गोरक्षक (Cow Saviour) और बजरंग दल कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला (Attack) किया गया. 18 अक्टूबर की शाम को पुलिस (Police) की मौजूदगी में राजेश पाल नाम के बजरंग दल कार्यकर्ता और गोरक्षक पर स्थानीय लोगों (Local People) ने जानलेवा हमला किया गया.

दरअसल गोरक्षक (Cow Saviour) ने पुलिस को नालासोपारा वेस्ट के बाजा मौला इलाके में गो तस्करी (Cattle smuggling) की सूचना दी थी, पुलिस (Police) की टीम जब उस इलाके में पहुंची तो कुछ भी नहीं मिला. थोड़ी देर के बाद राजेश पुलिस के साथ दोबारा वहां पहुंचा, कोई सबूत नहीं मिलने के बाद जब दोनों वहां से लौटने लगे, तभी अचानक स्थानीय लोगों ने गोरक्षक पर हमला कर दिया.

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पुलिस की मौजूदगी में गोरक्षक पर हमला

मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थानीय लोगों से राजेश को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन तब तक शख्स बुरी तरह घायल हो चुका था. घायल हालत में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने राजेश पर हमला करने के आरोप में 14 स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं मामले की जांच चल रही है.

महाराष्ट्र में गो रक्षक के साथ मारपीट का यह कोई पहला मामला नहीं है, देश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह के मामले अक्सर सामने आते है. यूपी, एमपी, राजस्थान में भी इस तरह के ज्यादातर मामले सामने आते हैं.

एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर राज्यपाल (Governor) भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साधा. उन्होंने चिट्ठी (Letter) में लिखा कि अगर कोई आत्मसम्मान वाला व्यक्ति होता तो, केंद्रीय मंत्री की निराशा के बाद खुद ही पद से इस्तीफा दे देता.

शरद पवार ने उस्मानाबाद जिले में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भी कहा है कि राज्यपाल को चिट्ठी में कुछ शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था.

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बेहतर शब्दों का इ्सतेमाल कर सकते थे राज्यपाल-शाह

दरअसल केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अपनी चिट्ठी में और बेहतर शब्दों का इस्तेमाल कर सकते थे.

एनसीपी नेता शरद पवार ने अपनी चिट्ठी में सीएम ठाकरे से कहा कि अगर कोई आत्मसम्मान वाला व्यक्ति होता तो कब का पद छोड़ चुका होता. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के एक बयान में चिट्ठी में लिखी भाषा पर निराशा जताने के बाद स्वाभिमानी व्यक्ति पद पर बने रहने या पद छोड़ने पर खुद ही फैसला करेगा.

राज्यपाल कोश्यारी ने उद्धव के हिंदुत्व पर उठाए थे सवाल

बतादें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने हाल ही में सीएम उद्धव ठाकरे को राज्य में धर्मस्थलों को फिर से खोलने के लिए चिट्टी लिखी थी, और उनके हिंदुत्व पर सवाल उठआते हुए पूछा था कि,क्या शिवसेना अध्यक्ष अचानक से धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं. चिट्टी के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे के एनसीपी में शामिल होने की अटकलों के सवाल पर शरद पवार ने कहा कि खडसे पहले विपक्ष के नेता थे, उन्होंने राज्य में बीजेपी का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि खडसे उनकी आलोचना करेंगे और वह उस पर संज्ञान लेंगे.

साथ ही शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र इस समय ऐतिहासिक आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, राज्य सरकार के पास बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए लोन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, उन्होंने कहा कि वह सीएम ठाकरे से बात कर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे.

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बतादें कि पिछले हफ्ते भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हुए हादसों में पुणे, औरंगाबाद और कोंकण संभाग में करीब 48 लोगों की मौत हो गई थी. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक शुक्रवार तक, चार जिलों में 40,036 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था, जिसमें सोलापुर के 32,500 और पुणे के 6,000 से ज्यादा लोग शामिल थे.

दशहरा उत्सव और गुरु ग्रंथ साहिब जुलूस से संबंधित नांदेड़ गुरुद्वारे (Nanded Gurudwara) की याचिका पर आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना काल में उत्सव और यात्रा को कितनी सीमित करके इजाजत दी जा सकती है इसका फैसला राज्य सरकार करेगी. लेकिन अगर उससे नांदेड़ गुरुद्वारे को आपत्ति हो तो वह हाईकोर्ट जा सकता है.

कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि कोरोना काल में किसी जुलूस की इजाजत नहीं दी गई है. कोर्ट में गणपति महोत्सव का भी जिक्र आया.

राज्य सरकार के फैसले से आपत्ति पर हाई कोर्ट जाए गुरुद्वारा कमिटी

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि क्या नांदेड़ गुरुद्वारा (Nanded Gurudwara) में दशहरा उत्सव और गुरु ग्रंथ साहिब जुलूस को शाम 5 बजे तक सीमित रखने की अनुमति दी जा सकती है? साथ ही कहा गया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरोना की स्थिति को देखते हुए फैसला ले. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को गुरुद्वारा समिति की याचिका सुनने का कहा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर राज्य सरकार के निर्णय पर याचिकाकर्ता को आपत्ति होगी तो वह हाईकोर्ट जा सकता है. इसपर जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने सुनवाई की.

नांदेड़ गुरुद्वारा कमिटी ने रखा था अपना पक्ष

बता दें कि गुरु गोबिंद सिंह जी के निर्वाण स्थल नांदेड़ साहिब में निकलने वाली शोभा यात्रा और अन्य उत्सवों की इजाजत लेने को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. कहा गया था कि केंद्र की गाइडलाइंस के हिसाब से 50 फीसदी लोगों के साथ इजाजत दे दी जानी चाहिए. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्यक्रम से कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है.

अपने तरफ से गुरुद्वारा समिति ने दलील रखी कि हम समुदाय के लोगों को नहीं आने के लिए कह रहे हैं. हमारे पास एक ट्रक होगा जिस पर ग्रन्थ साहिब रखें जाएंगे. कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा.

नांदेड़ गुरुद्वारा की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार की दलीलें

दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए किसी भी प्रकार से भीड़ की इजाजत नही दी गई थी. महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि राज्य वास्तव में स्वास्थ्य के संबंध में चिंतित है. सार्वजनिक स्वास्थ्य एक राज्य का विषय है.

महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि राज्य के लिए गणपति सबसे बड़ा त्यौहार है. उसमें भी राज्य सरकार ने मंजूरी नहीं दी थी. कहा गया कि केंद्र सरकार कि‌ 30 सितंबर के निर्देशों के मुताबिक राज्य को इस मामले में फैसला लेने का अधिकार है और राज्य सरकार का मानना है कि भीड़ एकत्र करने कि मंजूरी नहीं दी जा सकती है.

कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते मुंबई (Mumbai) में करीब सात महीनों तक मोनो रेल (Mono Rail) और मेट्रो सेवाएं (Metro Services) बंद रहीं. अब मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर आई है. रविवार को जहां मोनो रेल सेवा बहाल हुई, वहीं सोमवार सुबह से मेट्रो ट्रेनों का आवागमन भी शुरू हो गया.

मुंबई में फिलहाल सुबह 8:30 बजे से शाम को 8:30 बजे तक ही मेट्रो चलाई जाएगी. सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के पालन की वजह से फिलहाल सिर्फ 300 से 350 यात्री ही मेट्रो से यात्रा कर सकेंगे, जिनमें 100 यात्रियों (Passengers) को बैठने और 160 यात्री खड़े होने की अनुमति होगी.

एक कोच में 60 से 65 यात्री ही कर सकेंगे सफर

एक कोच में करीब 60 से 65 यात्रियों को यात्रा करने का प्रावधान है, यात्रियों के बैठने के लिए एक सीट छोड़कर व्यवस्था की गई है. पहले मेट्रो में एक साथ 1500 यात्री यात्रा करते थे. पहले घाटकोपर से वर्सोवा के बीच एक दिन में मेट्रो के 400 चक्कर लगते थे, पिछले 65 महीनों में 600 मिलियन लोग मेट्रो से सफर कर चुके हैं. कोरोना संक्रमण की वजह से मार्च महीने से मेट्रो का संचालन पूरी तरह से बंद था.

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मेट्रो में नहीं होगा प्लास्टिक टोकन का यूज

कोरोना महामारी को देखते हुए मेट्रो यात्रा के दौरान प्लास्टिक टोकन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, उसकी जगह यात्रियों को क्यूआर कोड के साथ कागज की टिकट दी जाएगी. इसके साथ ही स्मार्ट कार्ड और ऐप के जरिये भी मेट्रो का टिकट लिया जा सकता है.

मुंबई में एक दिन में मेट्रो की 200 ट्रिप होंगी. कोरोना नियम के मुताबिक हर एक ट्रिप के बाद मेट्रो को सैनिटाइज किया जाएगा, ताकि लोग कोरोनावायरस संक्रमण से सुरक्षित रह सकें.

महाराष्ट्र में कोरोना से 42 हजार से अधिक मौतें

बता दें कि महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना से मौतों और नए मामलों की संख्या में यूं तो कमी देखी गई, मगर मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 42 हजार के पार चला गया. यह जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी.

रविवार को और 150 लोगों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 42,115 हो गई. राज्य में संक्रमण के 9,060 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 15,95,381 हो गई. राज्य में संक्रमण से उबरने की दर 85.86 फीसदी है और मृत्युदर 2.64 फीसदी है.

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खरिज कर दिया और कहा वो पार्टी से इस्तीफा नहीं देंगे. मालूम हो कि पिछले कई दिनों से खडसे की नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं. साथ ही अनुमान लगाया जा रहा था कि वे जल्द ही NCP जॉवइन कर सकते हैं.

वहीं इसके बाद महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारे वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे पार्टी के साथ बने रहेंगे. इससे पहले खडसे ने ANI न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि वे बीजेपी से इस्तीफा नहीं देंगे.

दरअसल पिछले कई दिनों से यह अनुमान लगाया जा रहा था कि खडसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे. साथ ही उन्होंने कथित तौर पर जलगांव क्षेत्र के NCP नेताओं के साथ एक बैठक भी की थी. इसके अलावा माना यह भी जा रहा था कि वह NCP के कोटे से विधान परिषद भी जा सकत हैं.

मालूम हो कि 2019 के अक्टूबर के विधानसभा चुनावों में एकनाथ खडसे को पार्टी ने मुक्तेनगर सीट से टिकट देने से इनकार कर दिया था. पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार से कई आरोपों के बाद इस्तीफा देने के बाद से वह राजनीति से दूर चल रहे हैं.

वहीं इससे पहले खडसे ने खुद पर लगाए गए आरोपों के पीछे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देवेंद्र फडणवीस का हाथ होने की बात कही थी. उन्होंने ये भी कहा कि वह एक किताब के जरिए इस पूरे षड्यंत्र को उजागर करेंगे.

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के बीच मुंबई मेट्रो (Mumbai Metro)  एक बार फिर से खुलने (Reopen) जा रही है. मेट्रो की शुरुआत 19 अक्टूबर से होगी. करीब 7 महीने बाद नए नियमों (Rules) के साथ मुंबई मेट्रो खुलने जा रही है. कोरोना महामारी की वजह से 21 मार्च से लेकर अब तक मुंबई मेट्रो पूरी तरह से बंद (Closed) थी.

मुंबई (Mumbai) में फिलहाल सुबह 8:30 बजे से शाम को 8:30 बजे तक ही मेट्रो (Metro) चलाई जाएगी.  सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के पालन की वजह से फिलहाल सिर्फ 300 से 350 यात्री ही मेट्रो से यात्रा कर सकेंगे, जिनमें 100 यात्रियों (Passengers) को बैठने और 160 यात्री खड़े होने की अनुमति होगी.

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एक कोच में 60 से 65 यात्री ही कर सकेंगे सफर

एक कोच में करीब 60 से 65 यात्रियों को यात्रा करने का प्रावधान है, यात्रियों के बैठने के लिए एक सीट छोड़कर व्यवस्था की गई है. पहले मेट्रो में एक साथ 1500 यात्री यात्रा करते थे. पहले घाटकोपर से वर्सोवा के बीच एक दिन में मेट्रो के 400 चक्कर लगते थे, पिछले 65 महीनों में 600 मिलियन लोग मेट्रो से सफर कर चुके हैं. कोरोना संक्रमण की वजह से मार्च महीने से मेट्रो का संचालन पूरी तरह से बंद था.

मेट्रो में नहीं होगा प्लास्टिक टोकल का यूज

कोरोना महामारी को देखते हुए मेट्रो ट्रेवल के दौरान प्लास्टिक टोकन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, उसकी जगह यात्रियों को क्यूआर कोड के साथ कागज की टिकट दी जाएगी. इसके साथ ही स्मार्ट कार्ड और ऐप के जरिये भी मेट्रो का टिकट लिया जा सकता है.

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मुंबई में एक दिन में मेट्रो की 200 ट्रिप होंगी. कोरोना नियम के मुताबिक हर एक ट्रिप के बाद मेट्रो को सैनिटाइज किया जाएगा, ताकि लोग कोरोनावायरस संक्रमण से सुरक्षित रह सकें.