मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ कटाई के खिलाफ प्रदर्शन, प्रियंका चतुर्वेदी समेत 29 हिरासत में

आरे कॉलोनी में किसी को भी घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है. पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है.

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने मेट्रो कार शेड बनाने के लिए आरे क्षेत्र में अब तक 800 पेड़ काट दिए गए हैं. आरे में हो रही इस पेड़ कटाई के विरोध में कई लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

अब यह बवाल और ज्यादा बढ़ गया है. लोगों के उग्र प्रदर्शन के बाद आरे कॉलोनी इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. इस मामले में शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी समेत 29 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है. इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.

आरे कॉलोनी में किसी को भी घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है. पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. इतना ही नहीं मीडिया को भी इलाके में जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है.

वहीं अब इस मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने ट्वीट करके आरे में पेड़ कटाई का विरोध किया है. आदित्य के अलावा शिवसेना नेता संजय राउत ने भी इस पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है.

भले ही आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना एक साथ चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन इस मामले में दोनों ही पार्टी के विचार अलग नजर आ रहे हैं.

क्या है मामला

बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी को जंगल घोषित करने से इनकार कर दिया है. मेट्रो कार शेड बनाने के लिए यहां के 2,600 पेड़ काटने का प्रस्‍ताव है. इस प्रस्‍ताव का सामाजिक संगठनों से लेकर अभिनेताओं तक ने विरोध किया है. पेड़ काटने के फैसले को चुनौती देने वाली चार याचिकाओं को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया.

चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस भारती डांगरे की बेंच ने कहा, “मामला सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल के आगे लंबित है. इसलिए, हम समानता के सिद्धांत पर याचिका खारिज कर रहे हैं.”

 

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