कांग्रेस में रहकर बीजेपी का प्रचार करने वाले कालिदास बने प्रोटेम स्पीकर, पढ़ें दिलचस्प सियासी सफर

शिवसेना से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले कालिदास कोलंबकर अभी बीजेपी से विधायक हैं.
All you need to know about Kalidas Kolambkar, कांग्रेस में रहकर बीजेपी का प्रचार करने वाले कालिदास बने प्रोटेम स्पीकर, पढ़ें दिलचस्प सियासी सफर

महाराष्ट्र में सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया. इसके साथ एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है. इधर विधायकों को शपथ दिलाने के लिए प्रोटेम स्पीकर की चर्चा चल रही है. भारतीय जनता पार्टी के विधायक कालिदास कोलंबकर को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शपथ दिलाई है.

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कालिदास कोलंबकर कांग्रेस के दिग्गज नेता रह चुके हैं लेकिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. ये कांग्रेस के लिए किसी झटके से कम नहीं था. कोलंबकर दक्षिण मध्य मुंबई की वडाला विधानसभा से 8वीं बार विधायक चुने गए हैं.

2014 में कांग्रेस के टिकट पर कोलंबकर वडाला से ही चुनाव लड़ रहे थे. मोदी लहर के बावजूद बीजेपी के उम्मीदवार मिहिर कोटेचा को मात्र 800 वोटों से हराकर विधायक बने थे. उसके पहले 2009 में भी कोलंबकर वडाला से चुनाव जीत चुके हैं.

शिवसेना से पांच बार विधायक

कांग्रेस से अलग होते वक्त कोलंबकर के मन में शिवसेना के प्रति नाराजगी थी लेकिन दिलचस्प बात ये है कि उसके साथ गठबंधन में रहने वाली बीजेपी में शामिल हुए. कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर तय कर चुके कालिदास कोलंबकर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत शिवसेना से की थी.

कोलंबकर पांच बार शिवसेना से विधायक रहे. शिवसेना में उद्धव ठाकरे को लेकर मचे घमासान के बीच जिन दो लोगों ने शिवसेना छोड़ी थी उनमें से एक नारायण राणे थे तो दूसरे कालिदास कोलंबकर. कोलंबकर की राणे से नजदीकी जगजाहिर है. 2005 में शिवसेना का साथ छोड़कर दोनों नेता कांग्रेस में आ गए थे.

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नीतीश राणे के साथ कोलंबकर

कांग्रेस में रहते बीजेपी का प्रचार

कांग्रेस छोड़ने के लिए कोलंबकर ने भले विधानसभा चुनावों का इंतजार किया लेकिन इस कदम के संकेत लोकसभा चुनाव से ही मिलने लगे थे. दादर स्थित अपने कार्यालय में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीर लगा रखी थी और पीएम मोदी की रैली में भी शामिल हुए थे. मुंबई साउथ सेंट्रल से शिवसेना उम्मीदवार राहुल शिवाले के लिए प्रचार भी किया था.

क्या होता है प्रोटेम स्पीकर?

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आज कालिदास ने प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ ली है. प्रोटेम लैटिन भाषा का शब्द है जिसका हिंदी में मतलब होता है ‘फिलहाल.’ प्रोटेम स्पीकर तब तक विधानसभा का संचालन करता है जब तक परमानेंट स्पीकर यानी स्थायी स्पीकर की नियुक्ति नहीं हो जाती. महाराष्ट्र में विधायकों की शपथ और फ्लोर टेस्ट प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर की देख-रेख में होंगे.

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