1947 में नेहरू न करते युद्धविराम तो PoK का अस्तित्व ही नहीं होता: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि 370 हटाना भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं, भारत माता को अखंड बनाने का संकल्प है.
Amit Shah, 1947 में नेहरू न करते युद्धविराम तो PoK का अस्तित्व ही नहीं होता: अमित शाह

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तारीखों के घोषणा होते ही भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से कमर कस ली है. गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी रविवार को मुंबई में विजय संकल्प रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.

शाह ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) बनने के पीछे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर नेहरू ने 1947 में युद्धविराम का ऐलान नहीं किया होता तो PoK भारत का ही हिस्सा होता.


‘नेहरू ने खुद संभाला था जिम्मा’
गृह मंत्री ने कहा, “कश्मीर को भारत में मिलाने का मसला जवाहल लाल नेहरू ने खुद संभाला था. सरदार पटेल ने जिन भी रियासतों को भारत में शामिल करने का जिम्मा अपने हाथ में लिया, उन सभी में सफलता प्राप्त की. एक ही मामला नेहरू जी के हाथ में था, उसे भी वो पूरा नहीं कर पाए.”

गृह मत्री मुंबई में धारा 370 पर कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धारा 370 और 35A हटाने के लिए बधाई दी. शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारती जनसंघ हमेशा से ही इन्हें हटाने की लड़ाई लड़ रहे थे क्योंकि ये भारत को एक करने में बाधा बने हुए थे.


‘370 हटाना BJP के लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं’
उन्होंने कहा, “राहुल बाबा हमारी पीढ़ियां कभी कश्मीर के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटीं. 370 हटाना भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं, भारत माता को अखंड बनाने का संकल्प है. आपको इसमें राजनीति दिखाई देती है और हमें इसमें देशभक्ति दिखाई देती है.”

उन्होंने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर गए, उस समय वहां जाने के लिए परमिट की जरुरत पड़ती थी, लेकिन वो बिना परमिट के गए, उन्हें शेख अब्दुल्ला द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और वहीं संदिग्ध परिस्थितयों में उनकी मृत्यु हो गई.

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