बिना काम के हैं CM उद्धव के मंत्री, हफ्ते भर बाद भी किसी को नहीं मिला विभाग, इनमें फंसा पेंच

शिवसेना के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ ‘महाविकास आघाड़ी’ के घटक दलों में विभागों के बंटवारे को लेकर पेंच फंस गया है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में एक महीने तक चली राजनीतिक उठापटक के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ तो ले लिया लेकिन कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) अभी तक पोर्टफोलियो के बिना ही हैं.

शिवसेना के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ ‘महाविकास आघाड़ी’ के घटक दलों में विभागों के बंटवारे को लेकर पेंच फंस गया है. सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) अपने पास रखना चाहते हैं, जबकि एनसीपी-कांग्रेस भी यही विभाग चाहती है.

इसके साथ ही एनसीपी (NCP)-कांग्रेस (Congress)  राजस्व विभाग सहित कृषि, गृह निर्माण, सामाजिक न्याय व आदिवासी विभाग की मांग कर रहे हैं. बता दें कि 28 नवंबर को एनसीपी के विधायक जयंत पाटिल और छगन भुजबल, कांग्रेस के विधायक बालासाहेब थोराट और नितिन राउत, शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई ने कैबिनेट सदस्यों के तौर पर शपथ ली थी.

एक मंत्री ने पहचान जाहिर ना होने की शर्त पर बताया कि, ‘हम उम्मीद कर रहे थे कि सभी मंत्रियों में जल्द से जल्द पोर्टफोलियो का बंटवारा हो जाए. अब लगता है कि खास विभागों की मांग को लेकर पोर्टफोलियो के बंटवारे में देर हो रही है. इस देरी की वजह से प्रशासन पर प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि रिजल्ट की घोषणा हुए महीने भर से अधिक हो गया है.’

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