200 मुस्लिम नेताओं से मिले सीएम उद्धव ठाकरे, कहा- किसी को नहीं छोड़ना होगा देश

पुलिस कमिश्नर ऑफिस में हुई इस बैठक में इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे को एक ज्ञापन भी सौंपा. पुलिस के मुताबिक यह बैठक करीब 20 मिनट चली.

गृह मंत्री अमित शाह के नागरिकता कानून (CAA) को वापस न लेने के बयान के बाद, करीब 200 मुस्लिम नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. बुधवार को हुई इस मुलाकात में सीएम ठाकरे ने इन नेताओं को आश्वासन दिया और कहा, “किसी को भी देश नहीं छोड़ना होगा.”

पुलिस कमिश्नर ऑफिस में हुई इस बैठक में इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे को एक ज्ञापन भी सौंपा. जिसमें मांग की गई कि केरल और पंजाब की तर्ज पर सीएए के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया जाए. यह ज्ञापन रजा अकादमी के महासचिव सईद नूरी और जामिया कादरिया अशरफिया के सैयद मोइनुद्दीन अशरफ ने दिया था.

CAA के विरोध में प्रस्ताव की मांग

इसमें उन्होंने कहा, “हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप भाजपा सरकार द्वारा पारित करवाए गए असंवैधानिक कानून को अस्वीकार करने के लिए कृपया एक प्रस्ताव पारित करें. न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में इसका एक अभूतपूर्व तरीके से विरोध किया गया है. केरल और पंजाब सरकार ने पहले ही इसे लागू करने से मना कर दिया है और उम्मीद है कि अन्य राज्य भी जल्द ही ऐसा ही करेंगे.”

इसके बाद सईद नूरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम मुख्यमंत्री से मिले और CAA और NRC पर आशंका जताई. हमने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा है. मुख्यमंत्री ने हमे आश्वासन दिया और कहा कि हम इस देश के नागरिक हैं और किसी को भी हमारी नागरिकता छीनने का कोई अधिकार नहीं है.”

पुलिस ने कराई थी बैठक

पुलिस के मुताबिक यह बैठक करीब 20 मिनट चली. मुंबई पुलिस प्रवक्ता डीसीपी प्रणय अशोक ने कहा, “मुंबई पुलिस ने पहले बातचीत की सुविधा दी थी, इसलिए पुलिस आयुक्त कार्यालय में बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में, सीएम ने नेताओं से मुलाकात की और उन्होंने CAA बिल के बारे में कुछ चिंताओं को व्यक्त किया. जिस पर सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे चिंतित न हों.”

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