धूपखेड़ा गांव के लोगों का दावा- पहली बार यहां दिखे थे साईं बाबा, हमको फंड दे दो

गांववालों का कहना है कि ये धरती साईं बाबा की प्रकटभूमि है क्योंकि यहीं बाबा को पहली बार देखा गया था.

शिरडी में सांईं बाबा के जन्म स्थान को लेकर विवाद पहले से जारी है. इस बीच धूपखेड़ा गांव के लोगों ने गांव के विकास के लिए 50 करोड़ की मांग की है. गांववालों का दावा है कि 19वीं सदी के संत को पहली बार उनके गांव में ही देखा गया था.

धूपखेड़ा गांव, महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में है. गांववालों का कहना है कि ये धरती साईं बाबा की प्रकटभूमि है क्योंकि यहीं बाबा को पहली बार देखा गया था. उनकी मांग है कि धूपखेड़ा को भी शिरडी जैसी समानता दी जाए. शिरडी, अहमदनगर जिले में स्थित है. शिरडी को साईं बाबा के देहावसान तक उनके निवास स्थान के तौर पर जाना जाता है. आज शिरडी एक बड़ी तीर्थस्थली है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि परभणी जिले के पाथरी गांव में उनका जन्मस्थान हुआ था.

रविवार को शिरडी में बंद बुलाया गया. ये बंद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उस घोषणा के बाद बुलाया गया जब उन्होंने ‘साईं जन्मस्थान’ पथरी के विकास के लिए 100 करोड़ रूपए की घोषणा की. सोमवार को शिव सेना के शिरडी से सांसद, सदाशिव लोखंडे ने बताया कि साईं के जन्मस्थान को लेकर विवाद सुलझा लिया गया है.

सोमवार को धूपखेड़ा गांव के सरपंच कैलास वागचौरे ने बताया कि ग्रामीणों ने एक प्रस्ताव पारित किया. उन्होने कहा, इसमें कोई विवाद नहीं कि धूपखेड़ा ही सांईं बाबा की प्रकटभूमि है. उनकी जीवनी में भी लिखा है कि चांद पटेल, शिरडी का रहने वाला था और वही बाबा को शिरडी लेकर गया. शिरडी जाने के बाद साईं बाबा कभी धूपखेड़ा लौटकर नहीं आए. सरपंच ने गांव में मंदिर परिसर और सड़कों के निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए की मांग की है.

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