एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने थामा शिवसेना का दामन, जानें ठाकुरों की चुनौती पर क्या बोले

हाल ही में महाराष्ट्र गृह विभाग ने उनके इस्तीफे को स्वीकार किया, जिसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया. शर्मा आगामी विधानसभा चुनाव में नालासोपारा से चुनाव भी लड़ सकते हैं.

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से मशहूर महाराष्ट्र पुलिस के पूर्व वरिष्ठ इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने राजनीति में एंट्री करते हुए शिवसेना का दामन थाम लिया है. हाल ही में महाराष्ट्र गृह विभाग ने उनके इस्तीफे को स्वीकार किया, जिसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया. शर्मा आगामी विधानसभा चुनाव में नालासोपारा से चुनाव भी लड़ सकते हैं.

राजनीतिक पारी की शुरुआत करने से पहले महाराष्ट्र पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने कहा कि आज का दिन मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है कि 36 साल नौकरी करने के बाद नौकरी छोड़ना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, “मैं तो चाहता हूं जब तक आदमी फिट है, तब तक गवर्नमेंट उसको नौकरी पर रखे अब मुझे छोड़ना ही पड़ रहा है तो मैं भारी मन से डिपार्टमेंट छोड़ रहा हूं. एक बार जो पुलिस ऑफिसर बनता है वह हमेशा पुलिस ऑफिसर रहता है. मैं यहां से कहीं भी जाऊं मैं पुलिस फोर्स का ही आदमी रहूंगा.”

प्रदीप शर्मा ने पुलिस फोर्स छोड़ कर शिव सेना का ही दामन क्यों थामा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “शिव सेना में जाने का मेरा मकसद एक ही है कि जो उद्धव ठाकरे और बालासाहेब ठाकरे ने मुझ पर एहसान किया है उन को मजबूती देने के लिए जा रहा हूं.” प्रदीप शर्मा ने आगे कहा कि बाला साहब मुझे अपने बेटे की तरह मानते थे उद्धव जी मुझे अपने भाई की तरह मानते हैं मेरा जो खराब वक्त था इन सभी लोगों ने मेरी मदद की थी. मुझ पर बहुत संकट आए उस वक्त उद्धव जी मेरे साथ खड़े रहे.

हर आदमी के दो हाथ दो पैर होते हैं, देख लेंगे

उन्होंने कहा कि पुलिस डिपार्टमेंट में रहते हुए उन्हें समाज की सेवा करने का मौका मिला है अब वह एक बड़े प्लेटफार्म पर जा रहे हैं, शिवसेना के साथ वहां भी समाज की सेवा करने का मौका मिलेगा. शर्मा ने कहा, “बाला साहब हमें बुलाकर मिला भी करते थे हमारी स्टोरी सुना करते थे कि ऑपरेशन कैसे किया क्या हुआ था. जो मुझ पर तमाम आरोप लगे वह गलत साबित हुए. बाला साहब का आखिरी समय था उस समय जेल में था इसलिए उनसे मेरी मुलाकात नहीं हो पाई.”

शर्मा ने कहा कि जब वह जेल में थे उस दौरान मौजूदा मंत्री एकनाथ शिंदे उनकी कोई भी जरूरत होती तो उनकी मदद करते थे. उन्होंने बताया कि साल 2014 में उन्हें बीजेपी से टिकट नहीं मिल पाया था इसलिए वह पीछे हट गए. नालासोपारा से चुनाव लड़ने को लेकर उठ रहे कयासों पर उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे जो कहेंगे वह वही करेंगे. नालासोपारा से लड़ने को लेकर जब उनसे सवाल पूछा कि वहां पर ठाकुरों का दबदबा है तो उनका कहना था कि हर आदमी के दो हाथ दो पैर होते हैं देख लेंगे. हमने कई बड़े क्रिमिनल देखे है मुझे नहीं लगता है कि उनसे बड़े हैं ये ( ठाकुर) लोग

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