विपक्ष में बैठेंगे कांग्रेस-एनसीपी, पवार बोले- नंबर्स होते तो सरकार बनाने की राह नहीं देखते

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री के पद पर कोई समझौता नहीं हो सकता लेकिन अन्य पदों पर समझौता किया जा सकता है.

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक संकट बरकरार है. इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार दोपहर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. पवार ने राजनीतिक संकट पर कहा कि “राज्य की राजनीतिक स्थिति पर अब बोलने के लिए कुछ बचा नही है. बीजेपी और शिवसेना को राज्य में स्थिति सही करने के लिए जल्द से जल्द सरकार बनाना चाहिए. कांग्रेस-एनसीपी विपक्ष में बैठेंगे.

पवार ने आगे कहा, “दोनों का गठबंधन इतना पुराना है. इतने सालों सेना-बीजेपी ने साथ काम किया.” शिवसेना नेता संजय राउत संग मुलाकात पर पवार ने कहा कि उनके साथ मुलाकात हमेशा सकरात्‍मक होती है. नितिन गड़करी और अहमद पटेल की मीटिंग पर पवार ने कुछ कहने से इनकार कर दिया.

पवार ने फिर दोहराया कि महाराष्ट्र की जनता ने कांग्रेस-एनसीपी को विपक्ष में बैठने के लिए चुना है. उन्‍होंने कहा, “महाराष्ट्र की जनता ने हमें विपक्ष में बैठने के लिए चुना है. आज या कल या कभी भी, मुझे लगता है सेना-बीजेपी साथ आएंगे. हमारे साथ आने का सवाल ही नहीं.

शरद पवार ने कहा कि उनके पास संख्‍याबल होता तो वे जरूर सरकार बनाते. उन्‍होंने कहा, “हमारे पास नंबर्स होते तो हम बिल्कुल सरकार बनाते. राह ही नहीं देखते.” उन्‍होंने कहा कि ‘अभी तक किसी ने सरकार बनाने की तैयारी नहीं नहीं की. गवर्नर के पास कोई क्‍लेम करने गया क्‍या?’

शरद पवार ने कहा, “राउत ने 170-175 नंबर्स की बात कही. मुझे नही पता ये नंबर कहां से आया. कांग्रेस-एनसीपी ने सब क्लीयर रखा है. हम कोई भी डिसीजन लेंगे तो साथ लेंगे. हमे किसको सपोर्ट करना है ये कोई और तय नही करेगा.

दिल्‍ली में वकीलों और पुलिस के टकराव पर शरद पवार ने कहा, “दिल्ली में जिस तरह से वर्दी में देश की सेवा करने वाले और वकील भिड़े हैं, ये गंभीर मामला है. मैंने टीवी पर देखा दिल्ली में जनता ने जिस तरह से पुलिस को सहयोग दिया और ये सराहनीय है.” पवार ने कहा कि “मैं बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चीफ मनन कुमार से अपील करूंगा कि वो इसे गंभीरता से लें और इसका निवारण करें.

महाराष्‍ट्र में किसानों के हालात पर पवार ने कहा कि “राज्य में जिन किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है, उनको जल्‍द मदद दी जाए. केंद्र सरकार भी इस मामले में हस्तक्षेप करे.” पवार के अलावा जयंत पाटिल, सुनील टटकरे, धनंजय मुंडे, जितेंद्र अवहाद और नवाब मलिक भी PC में मौजूद रहे.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री के पद पर कोई समझौता नहीं हो सकता लेकिन अन्य पदों पर समझौता किया जा सकता है. हालांकि शिवसेना खेमा इसे अपने लिए दरवाजे बंद होना मान रहा है और वह अन्य विकल्पों के अंतिम रूप लेने की उम्मीद कर रहा है.

शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को लोकसभा चुनाव से पहले का अपना वादा याद रखना चाहिए, जिसमें 30 महीने उनका मुख्यमंत्री होने की शर्त भी शामिल है. BJP ने यह कहते हुए इसका जवाब दिया कि शिवसेना ने अभी तक इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं दिया है.

सेना के सांसद संजय राउत ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री के पद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई थी जिसके बाद भाजपा से गठबंधन किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश करना जनादेश का अपमान होगा और राज्य के लोगों के साथ अन्याय होगा.

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