महाराष्ट्र में मजदूरी के लिए मौत का डर दिखाकर 4605 महिलाओं का निकाला गर्भाशय

महाराष्ट्र सरकार ने बीड जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

मुंबई: महाराष्ट्र के बीड़ से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जहां पर करीब 4605 महिलाओं के तीन सालों में गर्भाशय निकाल लिए गए. मौत का डर दिखाकर महाराष्ट्र में गन्ना कटाई करने वाली 4605 महिला मज़दूरों का गर्भाशय  निकाल दिया गया. ऐसा इसलिए किया गया ताकि वो बिना रुकावट काम करती रहें.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गन्ना कटाई करने वाली महिलाएं जब अपने पीरियड्स के दौरान काम पर नहीं जाती तो उनके रुपए काट लिए जाते हैं. ऐसे में पीरियड्स की वजह से काम और कमाई पर पड़ने वाले असर की वजह से महिलाएं गर्भाश्य निकलवाने जैसे कदम उठा लेती हैं ताकि कमाई पर असर न पड़े.

मीडिया में आई इससे जुड़ी ख़बरों के बाद अप्रैल महीने में राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा था. अब सरकारी पैनल की रिपोर्ट का इंतज़ार है.

गर्भाशय निकालने वाले मामले की होगी जांच

महाराष्ट्र सरकार ने बीड जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है. इसे दो महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है.

हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने विधान परिषद में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी. शिंदे ने कहा, “बीड जिले के सिविल सर्जन की अध्यक्षता वाली एक समिति ने पाया कि 99 निजी अस्पतालों ने 2016-17 से 2018-19 तक 4,605 ​​गर्भ निकालने की सर्जरी की है.”

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