Supreme Court Maharashtra Verdict: कांग्रेस-NCP-शिवसेना की दलील पर अब मंगलवार को होगा फैसला

देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने जिस तरह से शनिवार को शपथ ली थी, उसके खिलाफ विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
supreme court hearing, Supreme Court Maharashtra Verdict: कांग्रेस-NCP-शिवसेना की दलील पर अब मंगलवार को होगा फैसला

महाराष्ट्र की सियासत में उलटफेर का दौर लगातार जारी है. देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने जिस तरह से शनिवार को शपथ ली थी, उसके खिलाफ विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट सोमवार को राज्य के सियासी भविष्य पर फैसला सुनाने वाली है. ऐसे में आज हर किसी की नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई है.

Live Updates: 

  • सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र संकट पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट कल सुबह 10: 30 फैसला सुनाएगा.
  • कोर्ट ने कहा कि हम दलीलों पर विचार करने के बाद मंगलवार को फैसला सुनाएंगे.

  • मुकुल ने कहा कि प्रतिपक्ष पहले प्रोटैम स्पीकर, फिर शपथ फिर फ्लोर टेस्ट चाहता है जो गलत प्रक्रिया होगी. ऐसे में अदालत इस मामले को राज्यपाल पर छोड़ दे.
  • मुकुल ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निभाने में चौदह दिन लगते हैं. इस मामले में राज्यपाल ने कम समय लिया है.
  • रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए कोई महीनों का समय नहीं दिया है. उन्होंने 30 नंवबर को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश नहीं दे सकता.
  • सिंघवी ने कहा कि ये सबसे घटिया किस्म का फ्रॉड है. क्या एक सिंगल MLA ने भी अजित पवार को कहा कि बीजेपी के साथ जाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि कैसे अजित पवार दावा कर सकते हैं कि वो असल NCP हैं, उन्हें पार्टी से हटा दिया गया है.
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ संसद परिसर में महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर विरोध किया.
  • कोर्ट ने कहा कि अपनी दलीलों को याचिका की मांगों तक सीमित रखिए.
  • कोर्ट ने कहा कि सिंघवी आप क्या याचिका वापस ले रहे हैं. सिंघवी ने कहा नहीं.
  • सिंघवी ने कहा कि मैं धोखाधड़ी को सामने ला रहा हूं. यह कोर्ट के साथ भी धोखा है, क्योंकि सदस्यों का हलफनामा नहीं है.
  • सिंघवी ने कहा कि इसी तर्क के केस में कोर्ट के पुराने आदेश हमारे सामने हैं, उनकी उपेक्षा नहीं की जा सकती. सिंघवी और मुकुल के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. कोर्ट ने इसे रोका है.
  • सिंघवी ने कहा कि इनमें से एक भी एनसीपी का सदस्य अजित पवार को अपना नेता नहीं मान रहा. यह लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी है, जो पत्र दिया गया उसमें कोई कवरिंग लेटर नहीं है.
  • अभिषेक मनु सिंघवी अब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख रहे हैं. सिंघवी ने कहा कि जब कोई धोखा छुपाने की कोशिश करता है तो कई बार वह सार्वजनिक तौर पर सबके सामने खुल जाता है. आखिर 24 घंटे में फ्लोर टेस्ट क्यों नहीं, पांच दिन बाद क्यों?

  • सिब्बल ने कहा कि देश में ऐसी क्या राष्ट्रीय विपदा आ गयी थी कि सुबह 5 बजे राष्ट्रपति शासन हटा और 8 बजे मुख्यमंत्री की शपथ भी दिलवा दी गई.
  • सिब्बल ने कहा कि 22 नंवबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. ऐलान किया कि एनसीपी-शिवसेना और कांग्रेस मिलकर सरकार बना रही हैं. ये शाम को 7 बजे हुआ. सुबह 5 बजे तक राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला क्यों लिया गया?
    सिब्बल ने कहा कि शाम 7 बजे से सुबह 5:17 तक सब क्यों किया गया. कौन सी राष्ट्रीय सुरक्षा या आपातकाल का मामला था.
  • सिब्बल ने कहा कि जब राज्यपाल ने एक माह इंतजार किया तो 24 घंटे में चुपचाप सब क्यों किया. इतनी जल्दी क्या थी.
  • कपिल सिब्बल अब शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख रहे हैं. सिब्बल ने बोलना शुरू किया तो मनिंदर ने हस्तक्षेप किया. लेकिन कोर्ट ने सिब्बल को बोलने का मौका दिया.
  • अजित पवार की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही है, फिर विवाद क्यों?
  • उन्होंने कहा कि मैं एनसीपी हूं. विधायक दल का नेता हूं. यही सही है. कोर्ट को आर्टिकल 32 के तहत इस याचिका को नहीं सुनना चाहिए. इन्हें हाई कोर्ट जाने को कहना चाहिए. अगर बाद में कोई स्थिति बनी है इसे राज्यपाल देखेंगे. उनके ऊपर छोड़ा जाए. कोर्ट इसमें दखल क्यों दे? मुकुल ने कहा कि यह मसला पिछले मामलों जैसा नहीं है. इसमें राज्यपाल को आरोपित किया जा रहा है. पिछले फैसलों को मुकुल ने पढ़ना शुरू किया.
  • जस्टिस खन्ना ने कहा कि पिछले मामलों में 24 घण्टे या 48 घण्टे के भीतर फ्लोर टेस्ट का आदेश कोर्ट ने दिया था.
  • एसजी ने कहा कि आपके (कोर्ट) आदेश का दूरगामी असर होगा. विस्तृत सुनवाई के बाद ही आदेश जारी करें. जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही है.
  • मनिंदर सिंह ने कहा कि अदालत इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करे और राज्यपाल को कदम बढ़ाने दे.
  • मनिंदर सिंह ने कहा कि मेरे मुवक्किल एनसीपी हैं और दूसरा पक्ष जो एनसीपी का दावा कर यहां याचिका दाखिल किया है, उसे मौका नहीं मिलना चाहिए.
  • अजित पवार के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि कर्नाटक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के अधिकार पर गौर किया था और इस मामले में तो प्रतिपक्ष सीधे तौर पर राज्यपाल पर सवाल उठा रहा है जो उचित नहीं है.
  • एसजी ने कहा कि इनको चिंता है कि विधायक भाग जाएंगे. अभी इन्होंने किसी तरह से उनको पकड़ा हुआ है. विधानसभा की कार्रवाई कैसे चले? इसमें दखल से भी कोर्ट को परहेज करना चाहिए.
  • एसजी ने कहा कि एक माह तक सबके इंतजार के बाद राज्यपाल ने बहुमत को मौका दिया.
  • मुकुल ने कहा कि महज पांच दिनों की बात है. अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आदेश देता है तो उसका असर अलग होगा.
  • एसजी ने कहा कि यहां सवाल राज्यपाल के विवेक पर सवाल खड़े करने का है. हम तैयार हैं, पर इस तरह नहीं कि जब कोई दल चाहे तब फ्लोर टेस्ट हो. राज्यपाल को तय करने का अधिकार है और उन्होंने तिथि भी दी है.
  • कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट आमतौर पर 24 घंटे में या जल्द से जल्द होना चाहिए. और आप सब तो इसके लिए तैयार ही हैं.
  • एसजी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट के लिए हम तैयार हैं. लेकिन इस तरह नहीं.
  • मुकुल ने कहा कि आज फडणवीस के पास बहुमत है और जिस तारीख को फ्लोर टेस्ट कराने को राज्यपाल ने कहा है उस दिन भी होगा. लेकिन यहां पहुंचने के बाद नया खेल शुरू हो गया.
  • रोहतगी ने कहा कि कल ये लोग कह रहे थे कि इनके पर 45 विधायक हैं. ये बातें बाहर कही गईं. राज्यपाल ने अपने पास उपलब्ध सामग्री के अनुसार फैसला लिया.
  • मुकुल ने कहा कि राज्यपाल पर प्रतिपक्ष का हमला गलत है जबकि पत्र मिलने के बाद खुद राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट की तारीख तय की थी. सुप्रीम कोर्ट से अब एक-दो दिन में फ्लोर टेस्ट की मांग क्यों की जा रही है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो आपने बताया वो ठीक है, तो फ्लोर टेस्ट कराने में क्या परेशानी है जब मुख्यमंत्री के पास बहुमत है.
  • मुकुल रोहतगी ने कहा कि NCP हॉर्स ट्रेडिंग कर रही है. रोहतगी ने कहा कि मैं अजित पवार से मिला, उन्होंने कहा था कि उनके पास 54 विधायक हैं.
  • मुकुल ने कहा कि फडणवीस के पास 170 विधायकों का समर्थन है. प्रतिपक्ष के नेता खरीद-फरोख्त में लगे हैं. जोड़-तोड़ का प्रयास चल रहा है.
  • मुकुल ने कहा कि पत्र में सभी सदस्यों के हस्ताक्षर सही हैं. सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बाहर राजनीतिक ड्रामा चल रहा है.
  • महाराष्ट्र बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने बोलना शुरू किया. मुकुल ने कहा कि भाजपा को जब समर्थन मिला तब उसने दावा पेश किया. यहां जो दस्तावेज दिए गए वो सही और सटीक हैं जिनके आधार पर राज्यपाल ने सरकार बनाने की इजाजत दी.
  • एसजी ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल के विवेक पर सवाल उठाना उचित नहीं. एसजी ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल के विवेक पर सवाल उठाना उचित नहीं.
  • एसजी ने कहा कि प्रतिपक्ष के पास सरकार बनाने का आंकड़ा नहीं था. जबकि भाजपा ने एनसीपी के विधानमंडल के नेता के साथ बहुमत का आंकड़ा हासिल किया. इसके बाद सरकार बनाने का दावा किया.
  • फडणवीस ने जो पत्र राज्यपाल को लिखा था, एसजी ने उसे कोर्ट को सौंपा.
  • सुप्रीम कोर्ट ने एसजी से कहा कि पत्र का अनुवाद नहीं है क्या?
  • एसजी ने कहा कि इसके साथ ही भाजपा नें अपने सदस्यों के साथ एनसीपी के पत्र के आधार पर सरकार बनाने का दावा किया. ऐसे में राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी और उसके साथ एनसीपी के समर्थन के आधार पर राष्ट्रपति शासन हटाने कि सिफारिश की.
  • उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार बनाने कि इजाजत मिली और फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर और अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद पर शपथ ली.
  • एसजी ने कहा कि 23 नवंबर तक जब किसी और ने दावा नहीं किया और भाजपा को एनसीपी नेता का साथ मिला तब दावा पेश किया गया. गवर्नर ने अपने विवेक और भाजपा के दावे पर सरकार बनाने कि इजाजत दी.
  • उन्होंने कोर्ट को बताया कि अजीत पवार ने 22 नवंबर को पत्र लिखा जो एनसीपी के विधानमंडल के नेता हैं. उनका पत्र 54 सदस्यों का हस्ताक्षर वाला लेटर राज्यपाल को मिला.
  • सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को सभी पक्षों को चुनाव में मिली सीटों के बारे में बताया. 24 अक्टूबर से 9 नवंबर तक राज्यपाल ने सभी पर गौर किया. भाजपा जो सबसे बड़ी पार्टी थी, उसने 9 नवंबर को सरकार बनाने में अक्षमता जताई. बाकी के पास भी बहुमत नहीं था. इसके बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की.
  • राज्यपाल ऑफिस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश तुषार मेहता ने दलील दी कि सबसे मनन करने के बाद राज्यपाल ने फैसला किया.
  • तुषार मेहता ने कहा कि इस स्थिति में राज्यपाल विवेक के आधार पर निर्णय लेता है. उन्होंने चुनाव से लेकर अबतक का घटनाक्रम विस्तार और राज्यपाल के अधिकार बताने शुरू किए हैं.
  • सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र संकट पर सुनवाई शुरू हो गई है. कोर्ट रूम खचाखच भरा हुआ है.
  • सुप्रीम कोर्ट आज महाराष्ट्र सरकार मामले में किन पहलुओं पर विचार करेगी:
    क्या राज्यपाल ने संवैधानिक रूप से कार्य किया?
    यदि हां, तो फ्लोर टेस्ट के लिए समय बहुत लंबा है?
    यदि नहीं, तो क्या राज्यपाल के फैसले को रद्द कर देना चाहिए?
    शिवसेना गठबंधन को तुरंत आमंत्रित किया जाना चाहिए या फ्लोर टेस्ट?
  • सुप्रीम कोर्ट में मुकुल रोहतगी बीजेपी की ओर से दलील पेश करेंगे. रोहतगी ने कहा कि मैंने देवेंद्र फडणवीस के साथ अजित पवार की भी एनसीपी विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी देखी है. राज्यपाल का सरकार बनाने का न्योता देने का फैसला सही थी.

  • सभी पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेंगे.
  • सभी पक्षों के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. कुछ ही देर में सुनवाई शुरू होगी.
  • कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट में विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा जाएगा. इसमें दावा किया जाएगा कि सभी विधायक एनसीपी के साथ हैं, ना कि अजित पवार के खेमे के साथ.
  • सुप्रीम कोर्ट देखेगी कि क्या राज्यपाल ने पूरी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया है या नहीं.
  • रात के अंधेरे में जल्दबाजी में किये गए फैसले पर ही सुप्रीम कोर्ट के सवाल या टिप्पणी हो सकते हैं.
  • सरकार की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी कमान संभालेंगे तो विपक्ष की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी. सिंघवी को इस मामले में महारथ हासिल है.

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